menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
उद्योग पर्व
अध्याय ४४
chevron_left
chevron_right
धृतराष्ट्र उवाच
अव्यक्तविद्यामिति यत्सनातनीं; व्रवीषि त्वं व्रह्मचर्येण सिद्धाम् |  ३   क
अनारभ्या वसतीहार्य काले; कथं व्राह्मण्यममृतत्वं लभेत ||  ३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति