menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ९८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
द्रोणस्तु त्वरितो युद्धे धृष्टद्युम्नस्य सारथेः |  ५६   क
शिरः प्रच्यावय़ामास फलं पक्वं तरोरिव |  ५६   ख
ततस्ते प्रद्रुता वाहा राजंस्तस्य महात्मनः ||  ५६   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति