आदि पर्व  अध्याय ९९

वैशम्पाय़न उवाच

अभिभूय़ स मां वालां तेजसा वशमानय़त् |  १०   क
तमसा लोकमावृत्य नौगतामेव भारत ||  १०   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति