शान्ति पर्व  अध्याय ९९

इन्द्र उवाच

पताकाध्वजवानीरा हतवाहनवाहिनी |  ३२   क
शोणितोदा सुसम्पूर्णा दुस्तरा पारगैर्नरैः ||  ३२   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति