अनुशासन पर्व  अध्याय ९९

भीष्म उवाच

सुप्रदर्शा वनवती चित्रधातुविभूषिता |  २   क
उपेता सर्ववीजैश्च श्रेष्ठा भूमिरिहोच्यते ||  २   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति