भीष्म पर्व  अध्याय ९९

सञ्जय़ उवाच

मर्दमाना नरान्राजन्हय़ांश्च सुवहून्रणे |  २०   क
वाताय़माना दृश्यन्ते गन्धर्वनगरोपमाः ||  २०   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति