menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय २८
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तान्हत्वा निशितैर्वाणैः सामात्यान्सह वन्धुभिः |  ३१   क
रथे श्वेतहय़े तिष्ठन्नर्जुनो वह्वशोभत ||  ३१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति