menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ९९
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
शैनेय़स्तव पुत्रं तु विद्ध्वा पञ्चभिराशुगैः |  १७   क
धनुश्चास्य रणे छित्त्वा विस्मय़न्नर्जुनं यय़ौ ||  १७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति