menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
chevron_left
द्रोण पर्व अध्याय १४६
सञ्जय़ उवाच:
जित्वा रथसहस्राणि तावकानां महारथाः |
५० क
visibility
सञ्जय़ उवाच:
सिंहनादरवांश्चक्रुः पाण्डवा जितकाशिनः ||
५० ख
visibility
सञ्जय़ उवाच:
पश्यतस्तव पुत्रस्य कर्णस्य च मदोत्कटाः |
५१ क
visibility
सञ्जय़ उवाच:
तथा द्रोणस्य शूरस्य द्रौणेश्चैव विशां पते ||
५१ ख
visibility
chevron_left
...
1
...
2