अप्यपश्यत
द्रोण पर्व
अध्याय १
४६ ख
अप्यपुत्रा
कर्ण पर्व
अध्याय ४९
९८ ख
अप्यभावेन
स्त्री पर्व
अध्याय २
१६ ख
अप्यभावेन
शान्ति पर्व
अध्याय ३१७
७ ख
अप्यभिसन्धेश्च
शान्ति पर्व
अध्याय १९९
२० क
अप्यमित्रे
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय १६
१७ क
अप्ययं
सभा पर्व
अध्याय ६७
१६ ख
अप्ययं
उद्योग पर्व
अध्याय ७२
१८ क
अप्ययं
कर्ण पर्व
अध्याय १८
४६ ख
अप्यरण्यं
शान्ति पर्व
अध्याय १३१
१० क
अप्यरण्यसमुत्थस्य
शान्ति पर्व
अध्याय १२८
२८ ख
अप्यरेः
उद्योग पर्व
अध्याय १३१
१० क
अप्यरेरारुजन्दंष्ट्रामाश्वेव
उद्योग पर्व
अध्याय १३१
९ क
अप्यर्णवा
उद्योग पर्व
अध्याय ५३
११ ख
अप्यर्धरात्रे
सभा पर्व
अध्याय १९
३१ ख
अप्यल्पं
अनुशासन पर्व
अध्याय ६१
५ क
अप्यवाच्यं
उद्योग पर्व
अध्याय ४३
१९ ग
अप्यस्मिन्नाश्रय़न्ते
उद्योग पर्व
अध्याय १३३
३६ ख
अप्यस्य
आदि पर्व
अध्याय ७१
३९ ग
अप्यस्य
वन पर्व
अध्याय २९
१४ क
अप्यस्य
भीष्म पर्व
अध्याय ३३
५२ ख
अप्यस्य
द्रोण पर्व
अध्याय ७७
२० ख
अप्यस्य
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय २८
१४ क
अप्यस्याः
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ३३
११ ग
अप्यहं
वन पर्व
अध्याय २४८
१६ क
अप्यहं
वन पर्व
अध्याय २६२
२७ क
अप्यात्मनः
अनुशासन पर्व
अध्याय २
४२ ख
अप्यादधीत
शान्ति पर्व
अध्याय १५९
६० ख
अप्याहुः
शान्ति पर्व
अध्याय ७६
९ क
अप्याहुः
अनुशासन पर्व
अध्याय ६०
२२ क
अप्युदासीनवृत्तिः
उद्योग पर्व
अध्याय ७२
२१ क
अप्युन्मत्तात्प्रलपतो
उद्योग पर्व
अध्याय ३४
३० क
अप्येकं
वन पर्व
अध्याय ८०
४९ क
अप्येकां
वन पर्व
अध्याय ८१
१७६ ख
अप्येकां
अनुशासन पर्व
अध्याय ७०
५२ ख
अप्येकाङ्गे
अनुशासन पर्व
अध्याय ८१
२० क
अप्येकैकः
आदि पर्व
अध्याय ८७
१४ क
अप्येनं
आदि पर्व
अध्याय १६६
२७ ख
अप्येवं
उद्योग पर्व
अध्याय ४७
९२ क
अप्येवं
द्रोण पर्व
अध्याय १२
८ क
अप्येवाहं
वन पर्व
अध्याय २६४
५० क
अप्येष
वन पर्व
अध्याय २५४
८ क
अप्रकाशान्यप्रिय़ाणि
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ४
४ क
अप्रकाशोऽप्रवृत्तिश्च
भीष्म पर्व
अध्याय ३६
१३ क
अप्रकीर्णेन्द्रिय़ं
वन पर्व
अध्याय २१९
५७ क
अप्रकीर्णेन्द्रिय़ं
शान्ति पर्व
अध्याय ९४
१४ क
अप्रख्यमप्रकाशं
द्रोण पर्व
अध्याय १५९
४६ ख
अप्रख्यातिं
शल्य पर्व
अध्याय ३
७ क
अप्रख्यातिमिय़ां
वन पर्व
अध्याय २३
१२ ख
अप्रगल्भं
सभा पर्व
अध्याय १९
४७ ख
अप्रगल्भां
आदि पर्व
अध्याय १६०
३३ ख
अप्रजस्य
आदि पर्व
अध्याय १११
११ क
अप्रजा
आदि पर्व
अध्याय १०७
९ ख
अप्रजाय़न्नधर्मेण
शान्ति पर्व
अध्याय ३५
१४ ख
अप्रज्ञा
शान्ति पर्व
अध्याय ३०५
११ क
अप्रज्ञानं
शान्ति पर्व
अध्याय १६१
१८ ख
अप्रज्ञावानहं
शान्ति पर्व
अध्याय ३३७
२१ ख
अप्रज्ञो
उद्योग पर्व
अध्याय २७
२१ क
अप्रणम्यैव
उद्योग पर्व
अध्याय १२५
१७ ख
अप्रतर्क्यमविज्ञेय़ं
शान्ति पर्व
अध्याय १८७
३२ ख
अप्रतर्क्यमविज्ञेय़ं
शान्ति पर्व
अध्याय २१२
३१ ख
अप्रतर्क्यमविज्ञेय़ं
शान्ति पर्व
अध्याय २२४
११ ख
अप्रतर्क्यमविज्ञेय़ं
शान्ति पर्व
अध्याय २३९
२२ ख
अप्रतिग्राहके
अनुशासन पर्व
अध्याय ७४
४ क
अप्रतिग्राह्यमेवैतत्प्रेत्य
अनुशासन पर्व
अध्याय ९४
२५ ख
अप्रतिद्वन्द्वतां
वन पर्व
अध्याय ११६
१८ क
अप्रतिव्रुवतः
शान्ति पर्व
अध्याय ५४
३८ ख
अप्रतिष्ठं
शान्ति पर्व
अध्याय ९९
३९ ख
अप्रतिष्ठाश्च
अनुशासन पर्व
अध्याय २७
४४ क
अप्रतिष्ठे
वन पर्व
अध्याय ३२
२३ ख
अप्रतिष्ठैव
उद्योग पर्व
अध्याय ८८
७३ ख
अप्रतिष्ठो
आदि पर्व
अध्याय २१८
११ ख
अप्रतिष्ठो
भीष्म पर्व
अध्याय २८
३८ ख
अप्रतीघातता
शान्ति पर्व
अध्याय २४७
८ क
अप्रत्यक्षं
शान्ति पर्व
अध्याय ६४
३ क
अप्रत्ययं
शान्ति पर्व
अध्याय १४९
६९ ख
अप्रत्ययकृतां
शान्ति पर्व
अध्याय ११२
१६ क
अप्रदाता
वन पर्व
अध्याय २७७
३५ क
अप्रदाने
वन पर्व
अध्याय १३१
४ ख
अप्रदानेन
उद्योग पर्व
अध्याय ७०
८ क
अप्रदानेन
उद्योग पर्व
अध्याय ८०
१० क
अप्रदाय़
शान्ति पर्व
अध्याय १२
२९ क
अप्रधृष्यं
कर्ण पर्व
अध्याय ४६
८ क
अप्रधृष्यतमं
विराट पर्व
अध्याय ३६
४३ ख
अप्रधृष्यतरं
अनुशासन पर्व
अध्याय १२७
२१ ख
अप्रधृष्यमजेय़ं
आदि पर्व
अध्याय २६
८ ख
अप्रधृष्यमनावार्यं
भीष्म पर्व
अध्याय १११
३० क
अप्रधृष्यमनावार्यमुद्वृत्तमिव
उद्योग पर्व
अध्याय १९४
४ क
अप्रधृष्यश्च
अनुशासन पर्व
अध्याय १०७
१३९ क
अप्रधृष्यो
कर्ण पर्व
अध्याय २३
१८ क
अप्रनष्टे
शान्ति पर्व
अध्याय २८२
१३ क
अप्रभुत्वे
शान्ति पर्व
अध्याय २२१
७२ ख
अप्रभूतश्रुतो
कर्ण पर्व
अध्याय ४९
४६ ग
अप्रमत्तः
आदि पर्व
अध्याय १७३
११ ख
अप्रमत्तः
सभा पर्व
अध्याय ४२
५८ क
अप्रमत्तः
वन पर्व
अध्याय १६५
४ क
अप्रमत्तः
शान्ति पर्व
अध्याय २१२
३ ख
अप्रमत्तः
शान्ति पर्व
अध्याय २२०
९५ क
अप्रमत्तश्च
विराट पर्व
अध्याय ४
२० ख
अप्रमत्तस्य
वन पर्व
अध्याय २१३
५० ग