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कुर्वन्ति
शान्ति पर्व
अध्याय ३१७
१० क
कुर्वन्ति
शान्ति पर्व
अध्याय ३३६
६२ ख
कुर्वन्ति
अनुशासन पर्व
अध्याय १०
६५ क
कुर्वन्ति
अनुशासन पर्व
अध्याय १७
१६२ क
कुर्वन्ति
अनुशासन पर्व
अध्याय १७
१७० क
कुर्वन्ति
अनुशासन पर्व
अध्याय ६०
२१ क
कुर्वन्ति
अनुशासन पर्व
अध्याय ८५
५५ क
कुर्वन्ति
अनुशासन पर्व
अध्याय १४८
११ ख
कुर्वन्तीं
वन पर्व
अध्याय ६५
१० ख
कुर्वन्तीति
शान्ति पर्व
अध्याय १३१
१६ ग
कुर्वन्तु
सभा पर्व
अध्याय ४५
४६ ख
कुर्वन्तु
सभा पर्व
अध्याय ५१
१७ ख
कुर्वन्तु
सभा पर्व
अध्याय ६२
२५ ख
कुर्वन्तु
सभा पर्व
अध्याय ६६
२४ ख
कुर्वन्तु
वन पर्व
अध्याय २४१
२२ ख
कुर्वन्तु
द्रोण पर्व
अध्याय ६९
४२ ख
कुर्वन्तु
द्रोण पर्व
अध्याय ६९
४४ क
कुर्वन्तु
द्रोण पर्व
अध्याय ६९
४५ ख
कुर्वन्तु
द्रोण पर्व
अध्याय ८७
४६ ख
कुर्वन्तु
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ८०
९ ख
कुर्वन्तु
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ९४
१५ क
कुर्वन्तो
विराट पर्व
अध्याय ४२
२८ क
कुर्वन्तो
उद्योग पर्व
अध्याय १३३
१० क
कुर्वन्तो
भीष्म पर्व
अध्याय ८६
३१ ख
कुर्वन्तो
भीष्म पर्व
अध्याय ८९
३८ ख
कुर्वन्तो
द्रोण पर्व
अध्याय १७३
१८ क
कुर्वन्तो
कर्ण पर्व
अध्याय ४०
५३ ख
कुर्वन्तो
कर्ण पर्व
अध्याय ४०
५४ ख
कुर्वन्तो
शल्य पर्व
अध्याय ८
११ ख
कुर्वन्तो
सौप्तिक पर्व
अध्याय ८
८५ ख
कुर्वन्तो
शान्ति पर्व
अध्याय ५९
१८ क
कुर्वन्तो
शान्ति पर्व
अध्याय ७९
३२ क
कुर्वन्तो
शान्ति पर्व
अध्याय ७९
३२ ख
कुर्वन्तो
शान्ति पर्व
अध्याय १०१
४६ ख
कुर्वन्तो
मौसल पर्व
अध्याय ३
८ क
कुर्वन्तोऽध्ययनं
कर्ण पर्व
अध्याय २७
७१ ख
कुर्वन्तोऽन्यान्महीक्षितः
आदि पर्व
अध्याय ५५
२६ ख
कुर्वन्तौ
शल्य पर्व
अध्याय २७
६ ख
कुर्वन्त्यतिथिपूजार्थं
शान्ति पर्व
अध्याय २३६
९ ख
कुर्वन्त्यमर्षिताः
शल्य पर्व
अध्याय १७
२२ क
कुर्वन्त्यल्पचेतसः
अनुशासन पर्व
अध्याय ९०
११ ख
कुर्वन्त्या
आदि पर्व
अध्याय २०३
२२ क
कुर्वन्त्येव
वन पर्व
अध्याय १९९
२९ ख
कुर्वन्दुःखमाप्नुते
शान्ति पर्व
अध्याय २१३
१ क
कुर्वन्द्विजोत्तमः
उद्योग पर्व
अध्याय १८१
१४ क
कुर्वन्धनुरादाय़
वन पर्व
अध्याय २६२
१८ क
कुर्वन्धर्मान्न
शान्ति पर्व
अध्याय २५
९ ख
कुर्वन्धर्मान्न
अनुशासन पर्व
अध्याय ३७
१९ ख
कुर्वन्धार्तराष्ट्रस्य
उद्योग पर्व
अध्याय ३०
२७ ख
कुर्वन्न
वन पर्व
अध्याय १८४
२ क
कुर्वन्न
विराट पर्व
अध्याय ४५
४ ख
कुर्वन्न
भीष्म पर्व
अध्याय २७
१३ ख
कुर्वन्न
शान्ति पर्व
अध्याय ३५
३२ क
कुर्वन्न
शान्ति पर्व
अध्याय २०५
५ ख
कुर्वन्नकुर्वंश्च
शान्ति पर्व
अध्याय ३५
१५ ख
कुर्वन्नपि
भीष्म पर्व
अध्याय २७
७ ख
कुर्वन्नपि
शान्ति पर्व
अध्याय ३४
२३ ख
कुर्वन्नभ्यवर्तत
द्रोण पर्व
अध्याय ३१
५ ख
कुर्वन्नमृतं
उद्योग पर्व
अध्याय ४४
७ क
कुर्वन्नरः
अनुशासन पर्व
अध्याय ४३
२५ क
कुर्वन्नरो
शान्ति पर्व
अध्याय १७२
१ ख
कुर्वन्नर्जुनो
द्रोण पर्व
अध्याय ९
१९ ख
कुर्वन्नवाप्नोति
अनुशासन पर्व
अध्याय १३३
५३ ख
कुर्वन्नस्मिँल्लोके
उद्योग पर्व
अध्याय ३३
५० क
कुर्वन्नहमप्याददे
उद्योग पर्व
अध्याय १८६
३३ ख
कुर्वन्नात्मनश्च
आदि पर्व
अध्याय ४६
४१ क
कुर्वन्नात्मनश्च
भीष्म पर्व
अध्याय १०४
४५ क
कुर्वन्नाप्नोति
भीष्म पर्व
अध्याय २६
२१ ख
कुर्वन्नाप्नोति
भीष्म पर्व
अध्याय ४०
४७ ख
कुर्वन्नार्तस्वरं
शल्य पर्व
अध्याय ५९
४ ख
कुर्वन्निःशर्करं
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५२
५ ख
कुर्वन्नित्यमेव
उद्योग पर्व
अध्याय १३९
५७ ख
कुर्वन्निर्भय़ो
शान्ति पर्व
अध्याय २१३
१ ख
कुर्वन्निव
वन पर्व
अध्याय १६४
७ ख
कुर्वन्नुत्तरशोणिताम्
द्रोण पर्व
अध्याय ६८
५६ क
कुर्वन्नेकादशीं
अनुशासन पर्व
अध्याय ८७
१४ क
कुर्वन्नोष्ठौ
उद्योग पर्व
अध्याय ७३
११ क
कुर्वन्पाण्डवानां
द्रोण पर्व
अध्याय १५७
१० ख
कुर्वन्पापकीर्तिः
उद्योग पर्व
अध्याय ३५
५१ क
कुर्वन्पापवृत्तः
वन पर्व
अध्याय २००
३९ क
कुर्वन्पापेन
उद्योग पर्व
अध्याय ४३
१ ख
कुर्वन्पुण्यकीर्तिः
उद्योग पर्व
अध्याय ३५
५१ ख
कुर्वन्पुनः
सभा पर्व
अध्याय ५५
१५ ख
कुर्वन्पुराणर्षिर्देवर्षिनृपरक्षसाम्
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय १
१२ ख
कुर्वन्पूर्वं
उद्योग पर्व
अध्याय ५०
२३ ख
कुर्वन्प्रजाभ्यः
उद्योग पर्व
अध्याय २९
९ ख
कुर्वन्प्राज्ञो
सभा पर्व
अध्याय १२
२३ ख
कुर्वन्भवच्छासनमाशु
अनुशासन पर्व
अध्याय ७०
१४ क
कुर्वन्भिषक्सिद्धिमवाप्नुय़ात्
अनुशासन पर्व
अध्याय ८९
१२ ख
कुर्वन्भेषजमात्मनः
शान्ति पर्व
अध्याय २३७
१० ख
कुर्वन्भ्रुकुटीं
आदि पर्व
अध्याय ११०
१० क
कुर्वन्भ्रुकुटीं
शान्ति पर्व
अध्याय ९
१७ क
कुर्वन्ममैतानीन्द्रिय़ाणि
शान्ति पर्व
अध्याय २९२
४४ ग
कुर्वन्महावाहुर्द्रावय़न्मम
उद्योग पर्व
अध्याय ५०
३२ क
कुर्वन्मार्गणैः
द्रोण पर्व
अध्याय २४
२९ ख
कुर्वन्ययौ
भीष्म पर्व
अध्याय २२
८ ख
कुर्वन्रथान्विपुरुषान्विध्वजान्भग्नपुष्करान्
उद्योग पर्व
अध्याय ५०
३४ क
कुर्वन्ववर्ष
वन पर्व
अध्याय १९५
१५ ख
कुर्वन्वसति
शान्ति पर्व
अध्याय ६६
२२ ख
कुर्वन्वसन्गुरुकुले
आदि पर्व
अध्याय १५५
१८ क