क्षत्रधर्मेण
सौप्तिक पर्व
अध्याय १
४८ ख
क्षत्रधर्मेण
शान्ति पर्व
अध्याय २२
२ क
क्षत्रधर्मेण
शान्ति पर्व
अध्याय २२
१४ ख
क्षत्रधर्मेण
शान्ति पर्व
अध्याय ३९
४८ क
क्षत्रधर्मेण
शान्ति पर्व
अध्याय ७९
१ क
क्षत्रधर्मेण
शान्ति पर्व
अध्याय ७९
२ क
क्षत्रधर्मेण
अनुशासन पर्व
अध्याय १५४
२९ क
क्षत्रधर्मेण
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय १
७ ख
क्षत्रधर्मेण
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ४४
९ क
क्षत्रधर्मेण
स्वर्गारोहण पर्व
अध्याय १
१५ क
क्षत्रधर्मेण
स्वर्गारोहण पर्व
अध्याय १
२४ ख
क्षत्रधर्मेण
स्वर्गारोहण पर्व
अध्याय ५
१७ क
क्षत्रधर्मो
शान्ति पर्व
अध्याय २२
५ क
क्षत्रधर्मो
शान्ति पर्व
अध्याय २४
३० ख
क्षत्रधर्मोद्भवं
उद्योग पर्व
अध्याय १२०
७ क
क्षत्रधर्मोऽत्र
वन पर्व
अध्याय १४९
३७ क
क्षत्रधर्मोऽय़ं
द्रोण पर्व
अध्याय ३२
२२ क
क्षत्रधर्मोऽय़ं
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ८३
२४ क
क्षत्रधर्मोऽय़मृषिभिः
भीष्म पर्व
अध्याय १५
६० क
क्षत्रनाशनाः
उद्योग पर्व
अध्याय १३६
२० ख
क्षत्रभावादपगतो
उद्योग पर्व
अध्याय १०४
१८ क
क्षत्रभावान्निर्विण्णो
आदि पर्व
अध्याय १६५
४१ ख
क्षत्रमण्डलम्
उद्योग पर्व
अध्याय १३९
५३ क
क्षत्रमथासृजत्
शान्ति पर्व
अध्याय ९०
८ ख
क्षत्रमध्ये
द्रोण पर्व
अध्याय ६९
२३ ख
क्षत्रमनुव्रताः
आदि पर्व
अध्याय ९४
९ क
क्षत्रमभिगम्येदमव्रवीत्
सभा पर्व
अध्याय ४२
३५ ख
क्षत्रमवमन्येत
शान्ति पर्व
अध्याय ६५
३३ ख
क्षत्रमश्मनो
उद्योग पर्व
अध्याय १५
३२ क
क्षत्रमश्मनो
उद्योग पर्व
अध्याय ३८
१३ क
क्षत्रमश्मनो
शान्ति पर्व
अध्याय ५६
२४ क
क्षत्रमश्मनो
शान्ति पर्व
अध्याय ७९
२२ क
क्षत्रमिच्छति
शान्ति पर्व
अध्याय ६५
३० ख
क्षत्रमित्येतत्सदृशं
शान्ति पर्व
अध्याय १४०
२५ क
क्षत्रमुत्सादितं
वन पर्व
अध्याय ८१
२७ क
क्षत्रमुत्सादितं
वन पर्व
अध्याय ८१
२९ ख
क्षत्रमुत्साद्य
वन पर्व
अध्याय ८१
२२ ग
क्षत्रमूरू
वन पर्व
अध्याय १८७
१३ क
क्षत्रमृते
कर्ण पर्व
अध्याय ५
२२ ख
क्षत्रमेकाहादिति
कर्ण पर्व
अध्याय ५१
४६ क
क्षत्रमेव
द्रोण पर्व
अध्याय ३५
५ ख
क्षत्रमेवं
सभा पर्व
अध्याय ३३
१९ ख
क्षत्रवन्धवः
शान्ति पर्व
अध्याय २८५
६ क
क्षत्रवन्धुतः
शान्ति पर्व
अध्याय ७९
३६ ख
क्षत्रवन्धुना
आदि पर्व
अध्याय १२७
११ क
क्षत्रवन्धुना
शान्ति पर्व
अध्याय ५५
१७ क
क्षत्रवन्धुना
शान्ति पर्व
अध्याय १२८
२७ ख
क्षत्रवन्धुना
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय १६
६ ख
क्षत्रवन्धुरशक्तत्वाल्लोके
उद्योग पर्व
अध्याय १६०
४ ख
क्षत्रवन्धुवत्
उद्योग पर्व
अध्याय १७८
२७ क
क्षत्रवन्धूंस्त्वं
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय २९
२२ क
क्षत्रवन्धूनां
शल्य पर्व
अध्याय ६०
४८ क
क्षत्रवन्धूनां
शल्य पर्व
अध्याय ६३
२५ क
क्षत्रवन्धूनां
शान्ति पर्व
अध्याय ६०
१७ क
क्षत्रवन्धूनां
अनुशासन पर्व
अध्याय ६१
९ क
क्षत्रवन्धूनिमान्प्राणैर्विप्रय़ोज्य
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय २९
१९ ख
क्षत्रवन्धोर्वा
शान्ति पर्व
अध्याय ७३
९ क
क्षत्रवन्धोश्च
अनुशासन पर्व
अध्याय १०४
२ ख
क्षत्रवर्मा
कर्ण पर्व
अध्याय ४
७६ क
क्षत्रवर्माणं
द्रोण पर्व
अध्याय २०
४४ क
क्षत्रवलाद्धीनो
आदि पर्व
अध्याय १५५
२८ क
क्षत्रवान्धवाः
उद्योग पर्व
अध्याय ७०
४६ क
क्षत्रविट्शूद्रसङ्घाश्च
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय २५
२ ख
क्षत्रविदां
सभा पर्व
अध्याय ६०
३३ क
क्षत्रविद्यां
शान्ति पर्व
अध्याय १३६
४२ क
क्षत्रविद्यास्वधीरः
उद्योग पर्व
अध्याय ३२
१७ क
क्षत्रविनाशाय़
द्रोण पर्व
अध्याय २७
१६ ख
क्षत्रवीजं
शान्ति पर्व
अध्याय ४८
११ क
क्षत्रवीर्यं
अनुशासन पर्व
अध्याय ४
३७ ख
क्षत्रवीर्ये
शान्ति पर्व
अध्याय ७९
२५ क
क्षत्रवृत्तिर्वै
वन पर्व
अध्याय ११५
२५ ख
क्षत्रवृत्ते
कर्ण पर्व
अध्याय २७
९७ ख
क्षत्रव्रतमनुस्मरन्
कर्ण पर्व
अध्याय ४
८ क
क्षत्रसङ्घाश्च
आदि पर्व
अध्याय ११७
११ क
क्षत्रसञ्ज्ञितम्
सभा पर्व
अध्याय १३
२ ख
क्षत्रसत्क्रिय़ाम्
उद्योग पर्व
अध्याय १४४
६ क
क्षत्रसमा
शान्ति पर्व
अध्याय ७७
४ ख
क्षत्रसमाचारो
उद्योग पर्व
अध्याय १३३
२ क
क्षत्रसम्पदा
सभा पर्व
अध्याय १२
१३ क
क्षत्रस्त्रिय़ा
सभा पर्व
अध्याय ६३
३५ क
क्षत्रस्य
आदि पर्व
अध्याय ६७
१० ख
क्षत्रस्य
आदि पर्व
अध्याय १५८
५० क
क्षत्रस्य
वन पर्व
अध्याय २७
१५ ख
क्षत्रस्य
वन पर्व
अध्याय २५२
२५ ख
क्षत्रस्य
उद्योग पर्व
अध्याय ५३
१ ख
क्षत्रस्य
उद्योग पर्व
अध्याय ८०
१५ ख
क्षत्रस्य
उद्योग पर्व
अध्याय १३९
२८ क
क्षत्रस्य
उद्योग पर्व
अध्याय १६५
१४ ख
क्षत्रस्य
शल्य पर्व
अध्याय ६२
३९ ख
क्षत्रस्य
शान्ति पर्व
अध्याय ७४
११ ख
क्षत्रस्य
शान्ति पर्व
अध्याय ७९
१२ ख
क्षत्रस्य
शान्ति पर्व
अध्याय २२४
६१ क
क्षत्रस्य
शान्ति पर्व
अध्याय २३०
१२ क
क्षत्रस्य
शान्ति पर्व
अध्याय २८५
२० ख
क्षत्रस्याजनय़न्भय़म्
कर्ण पर्व
अध्याय ३६
३२ ख
क्षत्रस्याभिप्रवृद्धस्य
शान्ति पर्व
अध्याय ७९
२१ क
क्षत्रस्यामितविक्रम
शान्ति पर्व
अध्याय ४८
११ ख
क्षत्रहृदय़ं
उद्योग पर्व
अध्याय १३२
३६ क
क्षत्रादपाक्रामद्व्राह्मणोऽस्मीति
वन पर्व
अध्याय ८५
१२ ग
क्षत्रादिभिस्त्रिभिः
अनुशासन पर्व
अध्याय २८
४ क