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तत्रोपकल्पितम्
अनुशासन पर्व
अध्याय ५४
९ ख
तत्रोपजाय़ते
शान्ति पर्व
अध्याय १९०
८ ख
तत्रोपतस्थुर्भरतप्रवर्हाः
वन पर्व
अध्याय २५
२५ ख
तत्रोपदिष्टमिन्द्रेण
वन पर्व
अध्याय १६८
८ क
तत्रोपनिषदं
शान्ति पर्व
अध्याय ३०६
३३ क
तत्रोपभुज्यते
उद्योग पर्व
अध्याय ४२
१६ क
तत्रोपविविशुः
वन पर्व
अध्याय १५८
७ ख
तत्रोपविशेज्जातु
विराट पर्व
अध्याय ४
११ ख
तत्रोपविष्टं
आदि पर्व
अध्याय ५४
१२ क
तत्रोपविष्टं
शान्ति पर्व
अध्याय ३१३
५ क
तत्रोपविष्टाः
सौप्तिक पर्व
अध्याय १
२९ क
तत्रोपविष्टान्ददृशुर्महासत्त्वपराक्रमान्
आदि पर्व
अध्याय १७६
२४ क
तत्रोपविष्टे
वन पर्व
अध्याय २२७
१५ क
तत्रोपविष्टेषु
सभा पर्व
अध्याय ५
१ क
तत्रोपविष्टेषु
वन पर्व
अध्याय १८०
४४ क
तत्रोपविष्टेषु
विराट पर्व
अध्याय ६५
४ क
तत्रोपविष्टेषु
उद्योग पर्व
अध्याय ९२
४६ क
तत्रोपविष्टेषु
शान्ति पर्व
अध्याय ३३१
३३ क
तत्रोपविष्टेषु
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ३६
१२ क
तत्रोपविष्टो
शान्ति पर्व
अध्याय ४०
७ क
तत्रोपविष्टौ
आदि पर्व
अध्याय २१४
२९ क
तत्रोपसदनं
वन पर्व
अध्याय २९३
१६ क
तत्रोपस्पर्शनं
वन पर्व
अध्याय ८२
६७ ख
तत्रोपस्पृश्य
वन पर्व
अध्याय ८२
१०८ ग
तत्रोपस्पृश्य
वन पर्व
अध्याय ८३
२१ ख
तत्रोपस्पृश्य
वन पर्व
अध्याय ८३
६१ क
तत्रोपाविशदच्युतः
उद्योग पर्व
अध्याय ८७
१८ ख
तत्रोर्मिकलिलावर्तश्चुक्षुभे
शान्ति पर्व
अध्याय १६०
३९ ख
तत्रोषतुस्तदा
शान्ति पर्व
अध्याय २५३
२२ ख
तत्रोषुर्नगराद्वहिः
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ४७
१३ ख
तत्रोष्य
वन पर्व
अध्याय ८०
६१ क
तत्रोष्य
वन पर्व
अध्याय ८०
७५ ख
तत्रोष्य
वन पर्व
अध्याय ८१
१३ ख
तत्रोष्य
वन पर्व
अध्याय ८१
१८ ख
तत्रोष्य
वन पर्व
अध्याय ८२
४१ ख
तत्रोष्य
वन पर्व
अध्याय ८२
६२ ख
तत्रोष्य
वन पर्व
अध्याय ८२
९२ ख
तत्रोष्य
वन पर्व
अध्याय ८२
११४ ख
तत्रोष्य
अनुशासन पर्व
अध्याय १३३
६ क
तत्स
आदि पर्व
अध्याय ६४
२५ क
तत्स
भीष्म पर्व
अध्याय ७०
९ क
तत्स
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ३
६ क
तत्संनामय़न्त्यपि
उद्योग पर्व
अध्याय ३४
३४ ख
तत्संनामय़न्त्यपि
शान्ति पर्व
अध्याय ६७
१० ख
तत्संनिवोध
द्रोण पर्व
अध्याय ७४
३८ क
तत्संनिसृजसे
शान्ति पर्व
अध्याय १३६
१६४ क
तत्संन्यस्य
शान्ति पर्व
अध्याय १४८
९ ख
तत्संवर्तमरुत्तीय़ं
आदि पर्व
अध्याय २
२०६ ख
तत्संविधीय़तां
विराट पर्व
अध्याय ४७
११ ग
तत्संविधीय़ताम्
द्रोण पर्व
अध्याय १०५
१० ख
तत्संवृतं
वन पर्व
अध्याय २२९
२० ख
तत्संवृतं
वन पर्व
अध्याय २२९
२१ क
तत्संस्कृत्य
आदि पर्व
अध्याय १६६
२९ क
तत्संस्मरन्राजन्सर्वलोकस्य
भीष्म पर्व
अध्याय ११२
८० क
तत्संस्मर्तुमिच्छसि
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय १२
७ ग
तत्संहरणं
कर्ण पर्व
अध्याय ५३
३ ख
तत्संय़ोगेन
शान्ति पर्व
अध्याय २७८
२५ क
तत्सकलं
वन पर्व
अध्याय ३३
४५ ख
तत्सकलं
शल्य पर्व
अध्याय ३
३७ ख
तत्सङ्कुलमन्तरिक्षम्
आदि पर्व
अध्याय १७८
१४ क
तत्सङ्गृह्य
उद्योग पर्व
अध्याय १४९
५४ ख
तत्सतां
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय १८
१७ क
तत्सत्त्वं
कर्ण पर्व
अध्याय ४९
३७ क
तत्सत्यं
आदि पर्व
अध्याय ७८
१९ क
तत्सत्यं
उद्योग पर्व
अध्याय ३५
४९ ख
तत्सत्यं
उद्योग पर्व
अध्याय १७७
७ ख
तत्सत्यं
भीष्म पर्व
अध्याय ८४
२९ ख
तत्सत्यं
द्रोण पर्व
अध्याय १२३
६ ख
तत्सत्यं
कर्ण पर्व
अध्याय ३४
१७ ख
तत्सत्यं
अनुशासन पर्व
अध्याय १४४
५१ ख
तत्सत्यं
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ३५
७ क
तत्सत्यमजेय़ौ
उद्योग पर्व
अध्याय १२७
३६ ख
तत्सत्यमविचारितम्
कर्ण पर्व
अध्याय ४९
५४ ख
तत्सत्यमिति
वन पर्व
अध्याय २००
४ क
तत्सत्यमुच्यते
उद्योग पर्व
अध्याय ८६
१ क
तत्सत्यमेतद्वः
शान्ति पर्व
अध्याय ३२२
४८ ख
तत्सत्यमेवास्तु
विराट पर्व
अध्याय ३३
१३ ख
तत्सत्यवागिति
उद्योग पर्व
अध्याय ६०
२२ ख
तत्सत्यान्न
शान्ति पर्व
अध्याय १९२
६२ ख
तत्सत्रं
आदि पर्व
अध्याय ४७
९ ख
तत्सत्रमव्रवीद्भ्रातरं
वन पर्व
अध्याय १३९
७ ख
तत्सदः
सभा पर्व
अध्याय ११
६३ ख
तत्सदः
सभा पर्व
अध्याय ३१
२५ क
तत्सदः
शान्ति पर्व
अध्याय २१९
१८ क
तत्सदः
अनुशासन पर्व
अध्याय १२७
२७ ख
तत्सदः
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय १५
१२ क
तत्सदनं
शान्ति पर्व
अध्याय ३३८
१९ क
तत्सदा
वन पर्व
अध्याय २१८
३३ ख
तत्सदा
शान्ति पर्व
अध्याय २५५
२२ ख
तत्सदिति
भीष्म पर्व
अध्याय ३९
२३ क
तत्सदो
अनुशासन पर्व
अध्याय १२७
७ ग
तत्सदो
अनुशासन पर्व
अध्याय १२७
२२ ख
तत्सदो;
आदि पर्व
अध्याय १९०
१० ख
तत्सद्यस्तय़ो
शल्य पर्व
अध्याय ५३
३० ख
तत्सनातनम्
शान्ति पर्व
अध्याय २९३
१८ ख
तत्सन्तः
आदि पर्व
अध्याय ८८
११ क
तत्सन्तस्तेषां
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय २७
१७ क
तत्सन्तापय़न्त्यपि
उद्योग पर्व
अध्याय ३४
३४ क
तत्सन्तापय़न्त्युत
शान्ति पर्व
अध्याय ६७
१० क
तत्सन्तो
वन पर्व
अध्याय २३२
३ ख