तदनन्तरमुक्तं
शान्ति पर्व
अध्याय २३६
१ ख
तदनन्तरमेतच्च
द्रोण पर्व
अध्याय ८८
३१ क
तदनन्तरमेवासीन्नीलो
भीष्म पर्व
अध्याय ५२
१२ ख
तदनन्तरम्
आदि पर्व
अध्याय २
४४ ख
तदनन्तरम्
आदि पर्व
अध्याय २
४५ क
तदनन्तरम्
आदि पर्व
अध्याय २
४८ क
तदनन्तरम्
आदि पर्व
अध्याय २
५३ क
तदनन्तरम्
आदि पर्व
अध्याय २
५५ क
तदनन्तरम्
आदि पर्व
अध्याय २
६३ ख
तदनन्तरम्
आदि पर्व
अध्याय ९७
१९ ख
तदनन्तरम्
आदि पर्व
अध्याय ११७
२९ ख
तदनन्तरम्
आदि पर्व
अध्याय १२४
२० क
तदनन्तरम्
वन पर्व
अध्याय ३
३० क
तदनन्तरम्
वन पर्व
अध्याय १८८
७३ क
तदनन्तरम्
वन पर्व
अध्याय २०१
४ क
तदनन्तरम्
वन पर्व
अध्याय २०१
४ ख
तदनन्तरम्
विराट पर्व
अध्याय ४८
१० क
तदनन्तरम्
विराट पर्व
अध्याय ६७
११ क
तदनन्तरम्
उद्योग पर्व
अध्याय ९
१८ ख
तदनन्तरम्
उद्योग पर्व
अध्याय ७४
१ ख
तदनन्तरम्
भीष्म पर्व
अध्याय ४०
५५ ख
तदनन्तरम्
द्रोण पर्व
अध्याय ५
७ ख
तदनन्तरम्
सौप्तिक पर्व
अध्याय १२
२१ क
तदनन्तरम्
शान्ति पर्व
अध्याय २६५
५ क
तदनन्तरम्
शान्ति पर्व
अध्याय २६५
५ ख
तदनन्तरम्
महाप्रस्थानिक पर्व
अध्याय १
२९ क
तदनन्तरा
वन पर्व
अध्याय ७२
१६ क
तदनपत्यस्य
सभा पर्व
अध्याय ३८
२७ ख
तदनभिध्येय़ं
शान्ति पर्व
अध्याय ४६
२७ ख
तदनादृत्य
भीष्म पर्व
अध्याय ६१
१९ क
तदनादृत्य
शान्ति पर्व
अध्याय २५०
१८ क
तदनादृत्य
अनुशासन पर्व
अध्याय ८३
१९ क
तदनानन्दमस्वस्थमाकुमारमहृष्टवत्
आदि पर्व
अध्याय ११८
३० क
तदनाश्वासिकं
शान्ति पर्व
अध्याय २११
२१ ख
तदनीकं
विराट पर्व
अध्याय ३०
२९ क
तदनीकं
विराट पर्व
अध्याय ३६
५ क
तदनीकं
विराट पर्व
अध्याय ३६
७ क
तदनीकं
भीष्म पर्व
अध्याय ८६
२६ क
तदनीकं
द्रोण पर्व
अध्याय ८१
५ ख
तदनीकं
शल्य पर्व
अध्याय २४
४२ ख
तदनीकं
शल्य पर्व
अध्याय २६
३४ क
तदनीकमनाधृष्यं
भीष्म पर्व
अध्याय ८८
२३ क
तदनीकमनाधृष्यं
द्रोण पर्व
अध्याय ३४
१ क
तदनीकमनीकेन
भीष्म पर्व
अध्याय ८६
३० क
तदनीकमभिप्रेक्ष्य
शल्य पर्व
अध्याय ११
२९ क
तदनीकमभिप्रेक्ष्य
शल्य पर्व
अध्याय २६
२७ क
तदनुकम्पय़ा
सभा पर्व
अध्याय २२
३८ ख
तदनुग्रहात्
वन पर्व
अध्याय २
७९ क
तदनुग्रहात्कुण्डले
आदि पर्व
अध्याय ३
१७६ क
तदनुचिन्तय़
उद्योग पर्व
अध्याय ३९
२६ ख
तदनुचिन्तय़म्
शान्ति पर्व
अध्याय ३०६
२५ ख
तदनुजानामि
आदि पर्व
अध्याय २०५
२६ ग
तदनुजाने
आदि पर्व
अध्याय ३
९२ 5
तदनुज्ञातुमर्हथ
आदि पर्व
अध्याय २६
१३ ख
तदनुज्ञातुमर्हथ
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय १४
१४ ख
तदनुज्ञातुमर्हसि
सभा पर्व
अध्याय ४५
४० ख
तदनुज्ञातुमर्हसि
विराट पर्व
अध्याय २२
७ ख
तदनुज्ञातुमर्हसि
अनुशासन पर्व
अध्याय ५२
१२ ख
तदनुज्ञातुमर्हसि
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ५
१८ ख
तदनुज्ञातुमर्हसि
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय १७
१० ख
तदनुज्ञातुमिच्छामि
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ७०
१४ क
तदनुतप्येऽहं
अनुशासन पर्व
अध्याय ११८
२५ ख
तदनुद्रवते
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय २१
४ ख
तदनुध्याहि
कर्ण पर्व
अध्याय ५०
२० ग
तदनुप्राप्तमव्रवीद्यद्युधिष्ठिरः
मौसल पर्व
अध्याय ३
२० क
तदनुप्रय़च्छेत्
उद्योग पर्व
अध्याय ४४
१२ क
तदनुमानेन
शान्ति पर्व
अध्याय १८७
४९ ख
तदनुशोचामि
शान्ति पर्व
अध्याय २१७
३१ क
तदनुस्मृत्य
विराट पर्व
अध्याय ४६
१८ ख
तदनुस्मृत्य
सौप्तिक पर्व
अध्याय ८
६९ क
तदनृतं
द्रोण पर्व
अध्याय १६
४२ ख
तदनेन
वन पर्व
अध्याय २७४
१४ क
तदनेन
शान्ति पर्व
अध्याय ३०८
१३६ ख
तदनेनाभिषङ्गेण
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ८२
१५ क
तदनेनैव
उद्योग पर्व
अध्याय १२१
१४ क
तदन्तं
शल्य पर्व
अध्याय २३
४५ ख
तदन्तं
शान्ति पर्व
अध्याय १३७
७४ ख
तदन्तं
शान्ति पर्व
अध्याय १३७
७७ ख
तदन्तः
शान्ति पर्व
अध्याय २३१
३० ख
तदन्तः
शान्ति पर्व
अध्याय २९४
२२ ख
तदन्तःपुरकाननम्
शान्ति पर्व
अध्याय ३१२
३९ क
तदन्तकज्वलनसमानवर्चसं;
आदि पर्व
अध्याय १७
२२ क
तदन्तरं
भीष्म पर्व
अध्याय ९०
४ क
तदन्तरं
भीष्म पर्व
अध्याय १०३
७९ क
तदन्तरं
कर्ण पर्व
अध्याय ६५
३३ ख
तदन्तरमथावृत्य
वन पर्व
अध्याय २५५
५ क
तदन्तरमनाधृष्यावुपगम्य
सौप्तिक पर्व
अध्याय १४
१४ क
तदन्तरममेय़ात्मा
भीष्म पर्व
अध्याय ९७
५६ क
तदन्तरमुपाधावन्मोक्षय़िष्यञ्शिनेः
मौसल पर्व
अध्याय ४
३२ ख
तदन्तरम्
द्रोण पर्व
अध्याय १६४
६ क
तदन्तिकाय़
शान्ति पर्व
अध्याय ३०९
३४ ख
तदन्तिके
आदि पर्व
अध्याय ९४
२५ क
तदन्तिके
आदि पर्व
अध्याय १२३
१८ ख
तदन्ते
शान्ति पर्व
अध्याय १७५
२८ ख
तदन्तेषु
शान्ति पर्व
अध्याय २२४
५८ ख
तदन्नं
आदि पर्व
अध्याय ३
१२९ क
तदन्नं
आदि पर्व
अध्याय ११९
३० ग
तदन्नं
आदि पर्व
अध्याय १५१
१३ क
तदन्नं
आदि पर्व
अध्याय १६६
३० क
तदन्नं
वन पर्व
अध्याय २४६
१० ख