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तदा
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ३४
१६ ख
तदा
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ३४
२५ ख
तदा
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ३७
१८ क
तदा
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ४०
१७ क
तदा
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ४२
१ ख
तदा
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ४३
१० ख
तदा
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ४५
४० क
तदा
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ४५
४२ क
तदा
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ४७
२५ ख
तदा
मौसल पर्व
अध्याय २
७ क
तदा
मौसल पर्व
अध्याय २
२० क
तदा
मौसल पर्व
अध्याय ३
१७ ख
तदा
मौसल पर्व
अध्याय ३
२१ ख
तदा
मौसल पर्व
अध्याय ४
३ ख
तदा
मौसल पर्व
अध्याय ४
१९ ख
तदा
मौसल पर्व
अध्याय ४
२३ क
तदा
मौसल पर्व
अध्याय ४
३४ ख
तदा
मौसल पर्व
अध्याय ४
३७ ख
तदा
मौसल पर्व
अध्याय ४
३९ ख
तदा
मौसल पर्व
अध्याय ४
४४ ख
तदा
मौसल पर्व
अध्याय ६
१० क
तदा
मौसल पर्व
अध्याय ८
६० ख
तदा
महाप्रस्थानिक पर्व
अध्याय १
१७ ख
तदा
महाप्रस्थानिक पर्व
अध्याय २
११ क
तदा
महाप्रस्थानिक पर्व
अध्याय २
१३ ख
तदा
स्वर्गारोहण पर्व
अध्याय २
६ क
तदा
स्वर्गारोहण पर्व
अध्याय २
४२ क
तदा
स्वर्गारोहण पर्व
अध्याय २
५३ क
तदा;
आदि पर्व
अध्याय १७
२३ ख
तदा;
आदि पर्व
अध्याय २४
१२ क
तदा;
आदि पर्व
अध्याय ४०
११ क
तदा;
द्रोण पर्व
अध्याय ८४
२९ ख
तदा;
शान्ति पर्व
अध्याय ४८
१५ ख
तदा;
शान्ति पर्व
अध्याय १३८
७० क
तदाकारां
वन पर्व
अध्याय ५१
४ ख
तदाकाशं
भीष्म पर्व
अध्याय ८९
५ ख
तदाकाशे
आदि पर्व
अध्याय २९
१२ क
तदाक्षरत्वं
शान्ति पर्व
अध्याय २९५
१७ क
तदाख्यातुमिहेच्छामि
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ८८
१२ ख
तदाख्याय़
शल्य पर्व
अध्याय ६३
४३ क
तदाख्येय़ं
शान्ति पर्व
अध्याय ११०
१३ ख
तदागः
सभा पर्व
अध्याय २०
७ ख
तदागच्छ
उद्योग पर्व
अध्याय १११
२३ क
तदागच्छ
उद्योग पर्व
अध्याय ११७
२२ क
तदागतं
आदि पर्व
अध्याय १७
२१ क
तदागमनजं
उद्योग पर्व
अध्याय ७
८ ग
तदाग्निमिद्ध्वा
आदि पर्व
अध्याय १६६
४२ ख
तदाग्नेय़ं
द्रोण पर्व
अध्याय ७३
४६ क
तदाग्नेय़मस्त्रमस्त्रविदां
द्रोण पर्व
अध्याय ३१
५१ ख
तदाग्नय़ः
वन पर्व
अध्याय १३८
२ ख
तदाघ्रेय़ं
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय २०
१२ क
तदाङ्कुशेन
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ७४
११ ख
तदाङ्गिराः
वन पर्व
अध्याय २०७
१२ क
तदाङ्गेन्द्रवराङ्गना
अनुशासन पर्व
अध्याय ४२
१० क
तदाचक्ष्व
आदि पर्व
अध्याय ८६
८ ख
तदाचक्ष्व
वन पर्व
अध्याय १३१
२१ ख
तदाचक्ष्व
उद्योग पर्व
अध्याय १९१
१९ ग
तदाचक्ष्व
शल्य पर्व
अध्याय १
३ क
तदाचक्ष्व
अनुशासन पर्व
अध्याय ३२
१ ख
तदाचक्ष्व
अनुशासन पर्व
अध्याय ११८
९ ख
तदाचख्युर्महीपतेः
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ४७
२३ ख
तदाचख्यौ
उद्योग पर्व
अध्याय ११७
२ ख
तदाचख्यौ
सौप्तिक पर्व
अध्याय ५
३१ ख
तदाचचक्षे
उद्योग पर्व
अध्याय ४९
११ क
तदाचड्ढ्वं
आदि पर्व
अध्याय १८५
१७ क
तदाचर
स्त्री पर्व
अध्याय ८
३३ ख
तदाचर
शान्ति पर्व
अध्याय ३४
१२ ख
तदाचर
अनुशासन पर्व
अध्याय २
५२ ख
तदाचर
अनुशासन पर्व
अध्याय १४७
२१ ख
तदाचरत
सौप्तिक पर्व
अध्याय ८
८० ख
तदाचरेत्
शान्ति पर्व
अध्याय १०४
२५ क
तदाचरेत्
अनुशासन पर्व
अध्याय १०७
१०७ ख
तदाचष्ट
वन पर्व
अध्याय ११६
२२ क
तदाचार्यः
आदि पर्व
अध्याय १२४
१८ क
तदाचार्यवचः
भीष्म पर्व
अध्याय ९०
१२ क
तदाचार्यवचः
द्रोण पर्व
अध्याय ४७
३१ क
तदाच्युतम्
कर्ण पर्व
अध्याय ३३
४१ क
तदाज्ञापय़
शान्ति पर्व
अध्याय १३६
७७ ख
तदाज्ञापय़
शान्ति पर्व
अध्याय ३१५
१८ ख
तदाज्ञापय़तु
आदि पर्व
अध्याय ३
९९ घ
तदाज्ञाय़
सौप्तिक पर्व
अध्याय १२
१० क
तदाज्ञाय़
सौप्तिक पर्व
अध्याय १६
१ क
तदाज्ञय़ा
भीष्म पर्व
अध्याय ७६
१३ ख
तदातिदुःखा;
अनुशासन पर्व
अध्याय १४
२५ ख
तदातिष्ठ
वन पर्व
अध्याय २७४
१६ ख
तदात्मकं
शान्ति पर्व
अध्याय ३३६
७१ ख
तदात्मकम्
अनुशासन पर्व
अध्याय ८३
३६ ख
तदात्मकाः
शान्ति पर्व
अध्याय १९०
१३ ख
तदात्मगुणमाविश्य
शान्ति पर्व
अध्याय २२५
११ क
तदात्मज्ञानदेशिकः
शान्ति पर्व
अध्याय ३२७
८५ ख
तदात्मज्योतिरात्मा
शान्ति पर्व
अध्याय १६८
४० ख
तदात्मज्योतिरात्मैव
शान्ति पर्व
अध्याय २१
३ ख
तदात्मनः
वन पर्व
अध्याय २७३
१५ क
तदात्मना
वन पर्व
अध्याय १३७
७ ख
तदात्मना
शान्ति पर्व
अध्याय २३२
३३ ख
तदात्मसममुच्यते
शान्ति पर्व
अध्याय ८१
२० ख
तदात्मानं
आदि पर्व
अध्याय ९८
११ ख
तदात्मानं
आदि पर्व
अध्याय १६६
१४ क
तदात्मानं
वन पर्व
अध्याय १८७
२६ ख
तदात्मानं
वन पर्व
अध्याय २३४
२५ ख