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तदाभवत्
उद्योग पर्व
अध्याय ५८
१२ ख
तदाभवत्
भीष्म पर्व
अध्याय ११४
७२ क
तदाभवत्
द्रोण पर्व
अध्याय १३५
४५ ख
तदाभवत्
अनुशासन पर्व
अध्याय २
१४ ख
तदाभवत्
अनुशासन पर्व
अध्याय २०
२९ ग
तदाभवन्
वन पर्व
अध्याय १९५
३४ क
तदाभवन्
द्रोण पर्व
अध्याय १५०
३० ख
तदाभवन्
शान्ति पर्व
अध्याय १६५
२१ ख
तदाभविष्यत्
वन पर्व
अध्याय ३५
१५ ख
तदाभिगम्य
वन पर्व
अध्याय ९५
१ ख
तदाभिपूजितो
आदि पर्व
अध्याय ७१
१५ ख
तदाभिषेकम्
वन पर्व
अध्याय ११८
१७ क
तदाभूर्द्विजसत्तम
अनुशासन पर्व
अध्याय १०
४९ ख
तदाभूवन्पराङ्मुखाः
आदि पर्व
अध्याय २१९
१० ख
तदाभ्यधावन्मामेव
उद्योग पर्व
अध्याय १४५
२४ ख
तदाभ्यर्च्य
शान्ति पर्व
अध्याय २१५
३७ क
तदाभ्याजगाम
उद्योग पर्व
अध्याय २६
१६ क
तदाभ्याशे
अनुशासन पर्व
अध्याय १४४
२३ क
तदाभ्येत्य
शान्ति पर्व
अध्याय ३११
१२ ख
तदाभ्रमत
कर्ण पर्व
अध्याय ५९
३१ ख
तदाभ्राणि
कर्ण पर्व
अध्याय ६७
११ ख
तदामिषमभक्षय़त्
शान्ति पर्व
अध्याय १३६
२८ क
तदामिषम्
उद्योग पर्व
अध्याय ७०
७२ क
तदाम्रं
सभा पर्व
अध्याय १६
३२ क
तदारण्यं
आदि पर्व
अध्याय ४२
१० ख
तदार्केण
विराट पर्व
अध्याय १५
८ क
तदार्जुनः
वन पर्व
अध्याय ४१
२४ क
तदार्जुनस्य
विराट पर्व
अध्याय ६६
११ ख
तदार्तरूपः
सभा पर्व
अध्याय ६३
६ क
तदार्तरूपः
कर्ण पर्व
अध्याय ५३
११ क
तदार्तवत्
शान्ति पर्व
अध्याय १६२
४७ ख
तदार्तस्य
वन पर्व
अध्याय ७०
२८ क
तदार्तानां
द्रोण पर्व
अध्याय १
४७ ख
तदार्दितं
शल्य पर्व
अध्याय १९
१८ क
तदालक्ष्य
उद्योग पर्व
अध्याय १४३
९ ख
तदालक्ष्य
सौप्तिक पर्व
अध्याय ६
७ ख
तदालस्यं
शान्ति पर्व
अध्याय ११३
८ क
तदालावुं
वन पर्व
अध्याय १०४
१९ क
तदालाय़ुधः
द्रोण पर्व
अध्याय १५२
१९ क
तदावतस्थिरे
कर्ण पर्व
अध्याय ६४
८ क
तदावधीत्
वन पर्व
अध्याय २५५
१२ ख
तदावपत्पर्णपुटे
शल्य पर्व
अध्याय ४७
५८ ख
तदावले
सभा पर्व
अध्याय १६
३६ क
तदावसन्ति
वन पर्व
अध्याय ८१
१७७ ख
तदावसेत्
शान्ति पर्व
अध्याय २२६
८ क
तदावसेत्सदा
अनुशासन पर्व
अध्याय १०७
१११ ख
तदावां
शल्य पर्व
अध्याय ३५
२३ क
तदावाप्य
अनुशासन पर्व
अध्याय ३०
९ ख
तदाविशति
शान्ति पर्व
अध्याय ३२६
३३ क
तदाविशध्वं
आदि पर्व
अध्याय २२१
१५ ख
तदाविशन्ति
शान्ति पर्व
अध्याय २२४
४३ ख
तदावुध्यत
शान्ति पर्व
अध्याय ३
१० ख
तदावृतम्
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५४
७ क
तदाव्यक्तमिहोच्यते
शान्ति पर्व
अध्याय ३०३
६ ख
तदाव्रवीत्
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ७
६ ख
तदाव्रवीत्तुष्टा
उद्योग पर्व
अध्याय १११
१२ क
तदाव्रवीद्देवदेवो
शान्ति पर्व
अध्याय २५०
२६ ख
तदाशंसिरे
आदि पर्व
अध्याय १७४
८ क
तदाशु
उद्योग पर्व
अध्याय ७६
२० ख
तदाशु
द्रोण पर्व
अध्याय ११७
४९ ख
तदाशु
द्रोण पर्व
अध्याय १३८
१४ ख
तदाशु
कर्ण पर्व
अध्याय ६६
२ ख
तदाशु
शान्ति पर्व
अध्याय ५४
२४ ख
तदाशुप्रतिकाराच्च
वन पर्व
अध्याय २
२२ क
तदाशोचन्त
स्त्री पर्व
अध्याय ८
३४ क
तदाश्चर्यं
वन पर्व
अध्याय १९८
१ क
तदाश्चर्यं
अनुशासन पर्व
अध्याय ५३
५ क
तदाश्चर्यमपश्याम
भीष्म पर्व
अध्याय ५९
६ क
तदाश्रमः
आदि पर्व
अध्याय ६४
३२ ख
तदाश्रमपदं
वन पर्व
अध्याय ४५
१९ ख
तदाश्रममण्डलम्
वन पर्व
अध्याय ६१
९३ ख
तदाश्रमे
आदि पर्व
अध्याय ६५
१४ क
तदाश्रमे
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ३२
१ ख
तदाश्रिता
वन पर्व
अध्याय १७८
२५ ख
तदाश्रितापत्रपा
सभा पर्व
अध्याय ५७
५ ख
तदाश्रु
द्रोण पर्व
अध्याय २
९ ख
तदाश्रय़ं
शान्ति पर्व
अध्याय १९५
१८ ख
तदाश्रय़म्
अनुशासन पर्व
अध्याय १३७
९ ग
तदाश्रय़ा
उद्योग पर्व
अध्याय ३०
३७ क
तदाश्रय़ा
शान्ति पर्व
अध्याय ९२
२५ ख
तदाश्रय़ाः
शान्ति पर्व
अध्याय २५१
११ ख
तदाश्रय़ेत्
शान्ति पर्व
अध्याय २३६
४ ख
तदाश्वमेधो
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ७५
२५ ख
तदाश्वसीत
अनुशासन पर्व
अध्याय १५०
३ ख
तदासनमादाय़
शान्ति पर्व
अध्याय ३१३
३ क
तदासाद्य
सौप्तिक पर्व
अध्याय ६
१५ ख
तदासी;
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय २१
११ क
तदासीत्
उद्योग पर्व
अध्याय २६
२७ ख
तदासीत्
उद्योग पर्व
अध्याय २७
१७ क
तदासीत्किं
शान्ति पर्व
अध्याय २१६
२२ ख
तदासीत्तु
द्रोण पर्व
अध्याय १४५
६८ क
तदासीत्तुमुलं
भीष्म पर्व
अध्याय ४२
५ ख
तदासीत्तुमुलं
भीष्म पर्व
अध्याय ९१
८० क
तदासीत्तुमुलं
द्रोण पर्व
अध्याय १५
१६ क
तदासीत्तुमुलं
द्रोण पर्व
अध्याय १६१
४७ ख
तदासीत्तुमुलं
द्रोण पर्व
अध्याय १६२
८ ख
तदासीत्तुमुलं
द्रोण पर्व
अध्याय १६४
१४ क
तदासीत्तुमुलं
शल्य पर्व
अध्याय १५
३७ क
तदासीत्ते
शान्ति पर्व
अध्याय २१६
१७ ख
तदासीत्प्रकम्पितमहाद्रुमम्
विराट पर्व
अध्याय ४०
२६ ख