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तदासीत्प्लवतः
वन पर्व
अध्याय १४८
३ ख
तदासीत्सङ्कुलं
आदि पर्व
अध्याय २१२
१९ ख
तदासीत्सुमहद्युद्धं
भीष्म पर्व
अध्याय १११
४२ क
तदासीद्घोरतरं
द्रोण पर्व
अध्याय १४४
१९ ख
तदासीद्धनञ्जय़
कर्ण पर्व
अध्याय ४९
४२ ख
तदासीद्भृशं
द्रोण पर्व
अध्याय १
२९ क
तदासीद्राजमण्डलम्
शल्य पर्व
अध्याय १
४० क
तदासीद्रुचितमिल्वलस्योपभिक्षणम्
वन पर्व
अध्याय ९६
२० क
तदासीद्वलवद्वलेन
द्रोण पर्व
अध्याय १३८
२८ क
तदासीद्वेश्म
वन पर्व
अध्याय २६६
४० क
तदासीद्वो
द्रोण पर्व
अध्याय ९
४६ ख
तदासीन्मे
शान्ति पर्व
अध्याय १०९
१४ ख
तदासूय़ाद्यदा
शान्ति पर्व
अध्याय ९१
२१ क
तदास्तां
कर्ण पर्व
अध्याय २६
१३ क
तदास्तामप्रहृष्टवत्
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय २८
१५ ख
तदास्तीकोऽभ्यचोदय़त्
आदि पर्व
अध्याय ५१
१६ ख
तदास्त्राणि
वन पर्व
अध्याय १६४
१७ ख
तदास्त्राणि
कर्ण पर्व
अध्याय २४
१३५ क
तदास्पदं
शान्ति पर्व
अध्याय ३२१
१५ ख
तदास्माभिर्वधस्तात
आदि पर्व
अध्याय १७०
१६ ख
तदास्माभिरय़ं
आदि पर्व
अध्याय १७०
१८ ख
तदास्य
भीष्म पर्व
अध्याय १५
२९ ख
तदास्य
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय १९
२३ ख
तदाह
आदि पर्व
अध्याय १२३
७८ ख
तदाहं
आदि पर्व
अध्याय २२२
८ ख
तदाहं
वन पर्व
अध्याय १५०
१४ ग
तदाहं
वन पर्व
अध्याय १८७
२८ क
तदाहं
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५३
१६ ख
तदाहं
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ९३
८९ क
तदाहत्य
सौप्तिक पर्व
अध्याय ६
१३ क
तदाहारं
शान्ति पर्व
अध्याय ३४६
११ ख
तदाहारा
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ३४
४ ख
तदाहु;
शान्ति पर्व
अध्याय १९४
१० क
तदाहुः
शान्ति पर्व
अध्याय १६
११ ख
तदाहुरधमं
शान्ति पर्व
अध्याय २८२
१९ ख
तदाहुर्ज्ञानलक्षणम्
शान्ति पर्व
अध्याय २०९
१७ ख
तदाहुर्नृपदूषणम्
शान्ति पर्व
अध्याय ९१
३७ ख
तदाहुर्मध्यमं
शान्ति पर्व
अध्याय २८२
१८ ख
तदाहुस्तामसं
शान्ति पर्व
अध्याय २१२
३७ ख
तदाहृत्य
सभा पर्व
अध्याय ३
१७ क
तदाह्वानमुपाध्याय़ाच्छ्रुत्वा
आदि पर्व
अध्याय ३
५५ क
तदाय़ं
शान्ति पर्व
अध्याय १६७
१० क
तदाय़ं;
कर्ण पर्व
अध्याय ४६
४१ क
तदाय़स्तं
कर्ण पर्व
अध्याय ५०
४८ ख
तदाय़स्तममुक्तास्त्रमुदीर्णवरवारणम्
कर्ण पर्व
अध्याय ५९
७ क
तदाय़ान्तं
वन पर्व
अध्याय २१६
५ क
तदाय़ान्तं
भीष्म पर्व
अध्याय १०७
१७ क
तदाय़ान्तं
द्रोण पर्व
अध्याय १४५
३ क
तदाय़ुधमहावर्षं
कर्ण पर्व
अध्याय १४
२० क
तदाय़ुध्यन्त
द्रोण पर्व
अध्याय १३३
१६ ख
तदाय़ुष्मन्खगपते
उद्योग पर्व
अध्याय १११
१६ क
तदाय़ोधनमुग्रदर्शनं;
द्रोण पर्व
अध्याय ४८
५२ क
तदाय़ोधनमुग्रधन्वा;
द्रोण पर्व
अध्याय २
३५ ख
तदिङ्गितम्
वन पर्व
अध्याय २६३
२१ क
तदिच्छंश्चास्मि
शान्ति पर्व
अध्याय ३२८
३८ क
तदिच्छन्त्यपरे
शान्ति पर्व
अध्याय १९९
२२ क
तदिच्छामि
आदि पर्व
अध्याय ३
१७१ 7
तदिच्छामि
वन पर्व
अध्याय १४८
३ ग
तदिच्छामि
भीष्म पर्व
अध्याय ९१
७ ख
तदिच्छामि
शान्ति पर्व
अध्याय १३६
२ क
तदिच्छामि
अनुशासन पर्व
अध्याय ११७
४ क
तदिच्छामि
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ९
४ ख
तदिच्छामि
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ७०
१३ ख
तदिच्छामीष्टं
आदि पर्व
अध्याय ३
९९ ग
तदिच्छामो
उद्योग पर्व
अध्याय ७०
६८ क
तदिच्छाम्यनुवर्णितम्
शान्ति पर्व
अध्याय २३४
२ ख
तदिच्छाम्यहमपरिहीणं
आदि पर्व
अध्याय ३
८६ ख
तदिति
आदि पर्व
अध्याय ३
१७१ 7
तदिति
शान्ति पर्व
अध्याय २९२
३० ख
तदिति
शान्ति पर्व
अध्याय ३०८
८४ ख
तदित्यनभिसन्धाय़
भीष्म पर्व
अध्याय ३९
२५ क
तदित्यमन्यन्त
सौप्तिक पर्व
अध्याय ८
६९ ख
तदित्याहुर्नातिदूरे
शान्ति पर्व
अध्याय १४८
४ ख
तदित्येवं
अनुशासन पर्व
अध्याय ७०
५ ख
तदित्येषा
शान्ति पर्व
अध्याय २६१
५४ ख
तदिदं
आदि पर्व
अध्याय ११
१६ क
तदिदं
आदि पर्व
अध्याय २७
२३ क
तदिदं
आदि पर्व
अध्याय ९९
२० क
तदिदं
आदि पर्व
अध्याय ११२
२६ क
तदिदं
आदि पर्व
अध्याय १४५
१५ क
तदिदं
आदि पर्व
अध्याय १४६
२५ क
तदिदं
आदि पर्व
अध्याय १९५
१६ क
तदिदं
आदि पर्व
अध्याय २०६
२६ क
तदिदं
आदि पर्व
अध्याय २०९
१९ ख
तदिदं
वन पर्व
अध्याय २३१
१७ क
तदिदं
वन पर्व
अध्याय २६८
१४ ख
तदिदं
विराट पर्व
अध्याय ५५
१ ख
तदिदं
उद्योग पर्व
अध्याय ७०
४० क
तदिदं
उद्योग पर्व
अध्याय ७६
४ क
तदिदं
उद्योग पर्व
अध्याय ७७
४ क
तदिदं
उद्योग पर्व
अध्याय १२६
७ क
तदिदं
उद्योग पर्व
अध्याय १९५
१२ ख
तदिदं
उद्योग पर्व
अध्याय १९५
१३ ख
तदिदं
भीष्म पर्व
अध्याय ६१
३३ ख
तदिदं
भीष्म पर्व
अध्याय ८४
३२ ख
तदिदं
द्रोण पर्व
अध्याय १०२
१० क
तदिदं
द्रोण पर्व
अध्याय १०२
३७ क
तदिदं
द्रोण पर्व
अध्याय १०५
१४ ख
तदिदं
द्रोण पर्व
अध्याय ११२
३७ क
तदिदं
द्रोण पर्व
अध्याय ११८
११ ख