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तमभिद्रुत्य
कर्ण पर्व
अध्याय ३३
३६ क
तमभिद्रुत्य
सौप्तिक पर्व
अध्याय ८
३५ क
तमभिप्राय़ं
विराट पर्व
अध्याय ६३
४६ ख
तमभिप्राय़ं
उद्योग पर्व
अध्याय १२८
१२ ख
तमभिप्रेक्ष्य
वन पर्व
अध्याय ४९
३० क
तमभिरक्षति
कर्ण पर्व
अध्याय २२
४९ क
तमभिवन्द्य
द्रोण पर्व
अध्याय ५८
३० ख
तमभिसंवृतम्
भीष्म पर्व
अध्याय ९५
२४ क
तमभ्यगच्छद्द्रोणश्च
उद्योग पर्व
अध्याय ८९
३५ क
तमभ्यगच्छद्वेगेन
वन पर्व
अध्याय १४६
४३ क
तमभ्यगच्छद्व्रह्मर्षिर्दमनो
वन पर्व
अध्याय ५०
६ ख
तमभ्यगाद्वृहत्क्षत्रः
द्रोण पर्व
अध्याय ८१
७ क
तमभ्यधावत्कौन्तेय़ः
सौप्तिक पर्व
अध्याय १३
१५ क
तमभ्यधावत्त्राणार्थं
शल्य पर्व
अध्याय १५
४४ क
तमभ्यधावत्त्वरितो
कर्ण पर्व
अध्याय ६०
२९ ख
तमभ्यधावत्सहसा
शल्य पर्व
अध्याय १९
१८ ख
तमभ्यधावद्गाङ्गेय़मुद्यतास्त्रो
भीष्म पर्व
अध्याय ६७
१ ख
तमभ्यधावद्विसृजञ्शरान्कृप;
कर्ण पर्व
अध्याय ५७
५६ क
तमभ्यधावद्वृषसेनमाहवे;
कर्ण पर्व
अध्याय ६२
५५ ख
तमभ्यधावद्वेगेन
वन पर्व
अध्याय १२
४२ ग
तमभ्यधावन्क्रोशन्तः
द्रोण पर्व
अध्याय ७४
४२ क
तमभ्यधावन्नकुलः
कर्ण पर्व
अध्याय ६२
१८ क
तमभ्यधावन्निहते
कर्ण पर्व
अध्याय ६०
४ क
तमभ्यनन्दद्भारतं
शान्ति पर्व
अध्याय ४३
१७ ख
तमभ्ययाच्छैलसुता
अनुशासन पर्व
अध्याय १२७
२३ क
तमभ्ययात्प्रहर्षेण
अनुशासन पर्व
अध्याय ५४
१९ क
तमभ्ययाद्वृहत्क्षत्रः
द्रोण पर्व
अध्याय १०१
५ क
तमभ्ययान्महासेनः
शल्य पर्व
अध्याय ४५
७२ क
तमभ्यर्च्य
वन पर्व
अध्याय ८९
३ क
तमभ्यर्च्य
भीष्म पर्व
अध्याय ४०
४६ ख
तमभ्यर्च्य
भीष्म पर्व
अध्याय ६१
४१ क
तमभ्यर्च्य
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ३४
१८ क
तमभ्यर्च्य
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ४५
२ क
तमभ्यर्दय़न्वाणैरुल्काभिरिव
कर्ण पर्व
अध्याय ५८
२४ क
तमभ्याशगतं
वन पर्व
अध्याय २५५
१३ क
तमभ्याशगतं
वन पर्व
अध्याय २७२
१६ क
तमभ्याशगतं
शल्य पर्व
अध्याय ५७
३३ क
तमभ्याशगतं
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ८३
३ क
तमभ्येत्य
सभा पर्व
अध्याय २८
३२ क
तमभ्येत्य
उद्योग पर्व
अध्याय १३६
१२ क
तमभ्येत्यात्मजस्तुभ्यमश्वत्थामानमव्रवीत्
शल्य पर्व
अध्याय ५
१६ ग
तमभ्येत्याशु
वन पर्व
अध्याय २७१
२ क
तमभ्येहि
शान्ति पर्व
अध्याय ३८
१६ ख
तममन्यन्त
द्रोण पर्व
अध्याय ११
२९ ख
तममितौजसम्
अनुशासन पर्व
अध्याय १४५
३३ क
तममित्रतापनः;
आदि पर्व
अध्याय २८
२५ क
तममृष्यमाणा;
भीष्म पर्व
अध्याय ७३
४० क
तमम्वष्ठोऽस्थिभेदिन्या
द्रोण पर्व
अध्याय २४
४८ क
तमरिसैन्यानि
शल्य पर्व
अध्याय १६
६ क
तमर्कमर्कमिवापरम्
शान्ति पर्व
अध्याय २२१
११ क
तमर्कमिव
वन पर्व
अध्याय १४९
७ क
तमर्कमिव
भीष्म पर्व
अध्याय १९
३३ क
तमर्घ्यादिभिरभ्यर्च्य
अनुशासन पर्व
अध्याय १०१
१२ क
तमर्चितं
वन पर्व
अध्याय २०
२० क
तमर्चितं
वन पर्व
अध्याय १८०
४१ क
तमर्चित्वा
उद्योग पर्व
अध्याय ९४
१९ क
तमर्चय़ित्वा
वन पर्व
अध्याय ८१
१४२ ख
तमर्चय़ित्वा
शान्ति पर्व
अध्याय २८२
११ क
तमर्जुनं
उद्योग पर्व
अध्याय ५९
२० क
तमर्जुनं
मौसल पर्व
अध्याय ७
१५ क
तमर्जुनः
भीष्म पर्व
अध्याय ४८
४१ ख
तमर्जुनः
द्रोण पर्व
अध्याय ६७
१९ क
तमर्जुनः
द्रोण पर्व
अध्याय ७९
२३ क
तमर्जुनः
द्रोण पर्व
अध्याय १२३
२७ क
तमर्जुनः
द्रोण पर्व
अध्याय १४२
३९ क
तमर्जुनः
कर्ण पर्व
अध्याय ६५
१२ ख
तमर्जुनः
शल्य पर्व
अध्याय २६
४१ क
तमर्जुनः
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ८३
२७ क
तमर्जुनस्तांश्च
कर्ण पर्व
अध्याय १२
६३ क
तमर्जुनस्तु
द्रोण पर्व
अध्याय १४६
२९ ख
तमर्जुनो
द्रोण पर्व
अध्याय ६७
३७ क
तमर्थं
विराट पर्व
अध्याय २१
१८ क
तमर्थं
अनुशासन पर्व
अध्याय २०
७४ क
तमर्थमभिपद्यस्व
उद्योग पर्व
अध्याय १२३
४ ख
तमर्थमावेद्य
अनुशासन पर्व
अध्याय १४
२५ क
तमर्थमूचुः
वन पर्व
अध्याय ९८
२२ क
तमलङ्कारैः
विराट पर्व
अध्याय १८
१९ क
तमलव्धा
शान्ति पर्व
अध्याय २८०
५ ख
तमलाय़ुधम्
द्रोण पर्व
अध्याय ७१
२७ क
तमवन्दत
अनुशासन पर्व
अध्याय ५४
३१ ख
तमवस्थितमाज्ञाय़
कर्ण पर्व
अध्याय ६
३ क
तमवारय़दाचार्यो
द्रोण पर्व
अध्याय १०२
७७ ख
तमवासय़म्
अनुशासन पर्व
अध्याय १४४
१६ क
तमविकारस्थं
शान्ति पर्व
अध्याय २२०
१३ क
तमविध्यच्छितैर्वाणैः
द्रोण पर्व
अध्याय १५
२० क
तमविध्यत्त्रिभिर्वाणैर्दन्दशूकैरिवाहिभिः
कर्ण पर्व
अध्याय १४
७ क
तमविध्यदमेय़ात्मा
कर्ण पर्व
अध्याय ४०
२२ क
तमवुध्यत
अनुशासन पर्व
अध्याय ४०
५८ ख
तमवोचं
कर्ण पर्व
अध्याय २९
६ क
तमवोचत्किल
शान्ति पर्व
अध्याय १
३१ क
तमव्यतिक्रम्य
आदि पर्व
अध्याय ५७
३८ क
तमव्रवीच्छान्तनवः
विराट पर्व
अध्याय ६१
२० ख
तमव्रवीच्छान्तनवः
भीष्म पर्व
अध्याय ११५
३९ क
तमव्रवीच्छान्तनवोऽभिवीक्ष्य;
भीष्म पर्व
अध्याय ११६
३६ ख
तमव्रवीज्जामदग्न्य
उद्योग पर्व
अध्याय ८१
६५ क
तमव्रवीत्
उद्योग पर्व
अध्याय ११९
७ ग
तमव्रवीत्
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५४
१९ क
तमव्रवीत्
मौसल पर्व
अध्याय ४
१९ क
तमव्रवीत्कुन्तिभोजः
वन पर्व
अध्याय २८७
९ क
तमव्रवीत्केन
आदि पर्व
अध्याय ७१
४१ ख