तस्मात्त्वमपि
अनुशासन पर्व
अध्याय २७
१०३ क
तस्मात्त्वमपि
अनुशासन पर्व
अध्याय ३२
२५ क
तस्मात्त्वमपि
अनुशासन पर्व
अध्याय ३२
३३ क
तस्मात्त्वमपि
अनुशासन पर्व
अध्याय ८०
४५ ख
तस्मात्त्वमपि
अनुशासन पर्व
अध्याय ८५
७० क
तस्मात्त्वमपि
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय १३
१८ क
तस्मात्त्वमस्मिन्हेतौ
अनुशासन पर्व
अध्याय १
३८ ख
तस्मात्त्वमस्य
सौप्तिक पर्व
अध्याय १६
१० क
तस्मात्त्वमस्या
वन पर्व
अध्याय २१८
४५ क
तस्मात्त्वमिन्द्रिय़ाण्यादौ
भीष्म पर्व
अध्याय २५
४१ क
तस्मात्त्वमुत्तिष्ठ
भीष्म पर्व
अध्याय ३३
३३ क
तस्मात्त्वमेनां
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय २४
८ ख
तस्मात्त्वमेव
कर्ण पर्व
अध्याय ३१
३३ क
तस्मात्त्वमेवं
शान्ति पर्व
अध्याय ८४
५२ ख
तस्मात्त्वरध्वं
वन पर्व
अध्याय ९९
२० क
तस्मात्त्वां
वन पर्व
अध्याय ४०
१० ख
तस्मात्त्वां
वन पर्व
अध्याय १००
२४ क
तस्मात्त्वां
वन पर्व
अध्याय १८५
२७ ख
तस्मात्त्वां
भीष्म पर्व
अध्याय ४१
४२ क
तस्मात्त्वां
शान्ति पर्व
अध्याय ४६
२३ ख
तस्मात्त्वाहं
शान्ति पर्व
अध्याय १४७
२ क
तस्मात्तय़ोर्नाम
आदि पर्व
अध्याय १२०
१८ ख
तस्मात्पद्मात्समभवद्व्रह्मा
शान्ति पर्व
अध्याय १७५
१५ ख
तस्मात्परं
वन पर्व
अध्याय १४०
१५ ख
तस्मात्परं
शान्ति पर्व
अध्याय २६७
१६ क
तस्मात्परं
अनुशासन पर्व
अध्याय १५
३३ ख
तस्मात्परतरं
उद्योग पर्व
अध्याय १०९
१६ क
तस्मात्परतरं
शान्ति पर्व
अध्याय १९९
११ क
तस्मात्परतरं
शान्ति पर्व
अध्याय ३२१
४ ख
तस्मात्परतरं
शान्ति पर्व
अध्याय ३२६
३० ख
तस्मात्परतरं
अनुशासन पर्व
अध्याय ६५
४० क
तस्मात्परतरो
शान्ति पर्व
अध्याय ३२७
६७ ख
तस्मात्परमं
अनुशासन पर्व
अध्याय ६६
४ ख
तस्मात्परमस्ति
अनुशासन पर्व
अध्याय ३४
४ ख
तस्मात्परिग्रहे
भीष्म पर्व
अध्याय १०
७३ क
तस्मात्परिवृते
अनुशासन पर्व
अध्याय ९०
१५ ख
तस्मात्परो
शान्ति पर्व
अध्याय १०३
२७ ख
तस्मात्परोऽन्यो
शान्ति पर्व
अध्याय ३२१
३१ क
तस्मात्पर्णानि
द्रोण पर्व
अध्याय १५७
२४ क
तस्मात्पलाय़मानानां
शान्ति पर्व
अध्याय १००
१४ ख
तस्मात्पशुपतिः
द्रोण पर्व
अध्याय १७३
८२ ख
तस्मात्पशुपतिः
अनुशासन पर्व
अध्याय १४६
१४ ख
तस्मात्पश्यन्ति
शान्ति पर्व
अध्याय १७७
१३ ख
तस्मात्पश्याम्यभीक्ष्णशः
वन पर्व
अध्याय २१३
४६ ख
तस्मात्पातालमित्येतत्ख्याय़ते
उद्योग पर्व
अध्याय ९७
६ ख
तस्मात्पात्रं
अनुशासन पर्व
अध्याय २३
४० ख
तस्मात्पानीय़दानाद्वै
अनुशासन पर्व
अध्याय ६६
१६ क
तस्मात्पापं
उद्योग पर्व
अध्याय २७
३ ख
तस्मात्पापं
शान्ति पर्व
अध्याय २८०
६ ग
तस्मात्पापं
अनुशासन पर्व
अध्याय १४८
३२ क
तस्मात्पापात्प्रमुच्यते
शान्ति पर्व
अध्याय ३६
२० ख
तस्मात्पार्थ
कर्ण पर्व
अध्याय ४९
६४ ख
तस्मात्पार्थ
शान्ति पर्व
अध्याय २०
५ क
तस्मात्पार्थ
अनुशासन पर्व
अध्याय ७५
२८ क
तस्मात्पार्थं
भीष्म पर्व
अध्याय १११
१५ क
तस्मात्पार्थविनाशार्थं
कर्ण पर्व
अध्याय २३
४ क
तस्मात्पावकात्सम्प्रमुक्ता;
आदि पर्व
अध्याय १८३
८ क
तस्मात्पितुर्वचः
शान्ति पर्व
अध्याय २५८
१८ क
तस्मात्पितृपक्षः
अनुशासन पर्व
अध्याय ६५
६ ख
तस्मात्पुण्यं
वन पर्व
अध्याय २००
३९ ख
तस्मात्पुण्यतमः
वन पर्व
अध्याय ८८
१२ ख
तस्मात्पुत्र
आदि पर्व
अध्याय ६८
३८ ख
तस्मात्पुत्रं
आदि पर्व
अध्याय ६९
१७ ख
तस्मात्पुत्रं
उद्योग पर्व
अध्याय ३५
३० ख
तस्मात्पुत्रं
शान्ति पर्व
अध्याय २५०
४० ख
तस्मात्पुत्रक
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ४४
४१ ख
तस्मात्पुत्रार्थिनो
वन पर्व
अध्याय २१९
३४ ख
तस्मात्पुत्रेण
स्त्री पर्व
अध्याय ११
२७ क
तस्मात्पुत्रैश्च
शान्ति पर्व
अध्याय ५४
३९ क
तस्मात्पुरुष
शान्ति पर्व
अध्याय २०३
३५ ख
तस्मात्पुरोधाय़
भीष्म पर्व
अध्याय १०३
८१ क
तस्मात्पुरोहितः
आदि पर्व
अध्याय १६४
१४ ख
तस्मात्पूज्यतमो
शान्ति पर्व
अध्याय १०९
२३ ख
तस्मात्पूजय़ितव्याश्च
शान्ति पर्व
अध्याय १०९
२१ क
तस्मात्पूर्वं
अनुशासन पर्व
अध्याय ७५
३ ख
तस्मात्पृथ्व्याः
शान्ति पर्व
अध्याय ३३७
३४ ख
तस्मात्प्रजा
आदि पर्व
अध्याय ७९
११ ख
तस्मात्प्रजा
अनुशासन पर्व
अध्याय ८३
५० ख
तस्मात्प्रजाः
शान्ति पर्व
अध्याय १२१
३८ ख
तस्मात्प्रजाहेतोः
आदि पर्व
अध्याय १११
१६ ख
तस्मात्प्रज्ञामृतमिदं
शान्ति पर्व
अध्याय ९
३६ क
तस्मात्प्रणम्य
भीष्म पर्व
अध्याय ३३
४४ क
तस्मात्प्रणम्यैव
उद्योग पर्व
अध्याय २
१२ क
तस्मात्प्रणश्यति
शान्ति पर्व
अध्याय १७९
५ क
तस्मात्प्रतिक्रिय़ा
उद्योग पर्व
अध्याय १७६
१२ ख
तस्मात्प्रतिक्रिय़ा
उद्योग पर्व
अध्याय १७६
४० ख
तस्मात्प्रत्यक्षदृष्टोऽपि
शान्ति पर्व
अध्याय ११२
६३ क
तस्मात्प्रधानं
शान्ति पर्व
अध्याय ८१
९ ख
तस्मात्प्रमथितान्नागात्क्षेमधूर्तिमवद्रुतम्
कर्ण पर्व
अध्याय ८
४३ क
तस्मात्प्रमाणतः
शान्ति पर्व
अध्याय २५७
६ क
तस्मात्प्रमुच्यते
शान्ति पर्व
अध्याय १९०
७ ख
तस्मात्प्रलय़ं
उद्योग पर्व
अध्याय ४४
२३ ख
तस्मात्प्रवदन्ति
अनुशासन पर्व
अध्याय ६५
४० ख
तस्मात्प्रवर्धय़ेद्धर्मं
शान्ति पर्व
अध्याय ९१
१६ ख
तस्मात्प्रवारणं
उद्योग पर्व
अध्याय ७
१५ ख
तस्मात्प्रवासात्
आदि पर्व
अध्याय ३
९१ क
तस्मात्प्रविशध्वं
आदि पर्व
अध्याय १५७
१५ क
तस्मात्प्रवेद्यं
शान्ति पर्व
अध्याय ३०८
२१ ख
तस्मात्प्रव्रूहि
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५९
२ ख
तस्मात्प्रशममिच्छसि
उद्योग पर्व
अध्याय ७३
१६ ख