तस्मिन्गुप्ते
भीष्म पर्व
अध्याय ९५
१६ ख
तस्मिन्गुरौ
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय २६
४ ख
तस्मिन्गृहवरे
शान्ति पर्व
अध्याय १६२
३३ ख
तस्मिन्गृहीते
वन पर्व
अध्याय २३१
७ क
तस्मिन्गृहीते
विराट पर्व
अध्याय ३२
१० क
तस्मिन्गृहीते
विराट पर्व
अध्याय ३२
३३ क
तस्मिन्गृहीतेषु
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ९४
११ क
तस्मिन्गृहे
अनुशासन पर्व
अध्याय ११
१७ ख
तस्मिन्ग्रामे
उद्योग पर्व
अध्याय ८२
२५ क
तस्मिन्घोरे
द्रोण पर्व
अध्याय १५४
४० क
तस्मिन्घोरे
द्रोण पर्व
अध्याय १७३
१४ ग
तस्मिन्दशमेऽहनि
भीष्म पर्व
अध्याय १०५
३ क
तस्मिन्दशार्हाधिपतौ
वन पर्व
अध्याय २४
१ क
तस्मिन्दानवेषु
वन पर्व
अध्याय १७०
५५ क
तस्मिन्दाशरथे
भीष्म पर्व
अध्याय ५८
२० क
तस्मिन्दिव्ये
शान्ति पर्व
अध्याय ३१०
२१ क
तस्मिन्दीप्ते
आदि पर्व
अध्याय ४८
२२ ख
तस्मिन्दृश्यते
द्रोण पर्व
अध्याय १३
७ ख
तस्मिन्दृष्टे
आदि पर्व
अध्याय १११
२० क
तस्मिन्देवदानवसङ्कुले
उद्योग पर्व
अध्याय १५५
२६ क
तस्मिन्देवसमावाय़े
अनुशासन पर्व
अध्याय ८२
११ क
तस्मिन्देशे
आदि पर्व
अध्याय १
१११ ख
तस्मिन्देशे
वन पर्व
अध्याय १५४
५१ क
तस्मिन्देशे
कर्ण पर्व
अध्याय ३२
७६ ख
तस्मिन्देशे
शल्य पर्व
अध्याय २४
४७ ख
तस्मिन्देशे
शल्य पर्व
अध्याय ५४
१३ ख
तस्मिन्देशे
शान्ति पर्व
अध्याय १३९
४० ख
तस्मिन्देशे
अनुशासन पर्व
अध्याय ३१
३० ख
तस्मिन्देशे
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ६३
७ क
तस्मिन्देशे
स्वर्गारोहण पर्व
अध्याय २
३६ ख
तस्मिन्द्यूतमिदं
द्रोण पर्व
अध्याय ५३
३९ क
तस्मिन्द्रवमाणे
भीष्म पर्व
अध्याय ८४
१२ ख
तस्मिन्द्रुते
द्रोण पर्व
अध्याय ९१
२४ क
तस्मिन्द्रोणेन
द्रोण पर्व
अध्याय ८५
२८ क
तस्मिन्द्रोणो
द्रोण पर्व
अध्याय ४६
१७ क
तस्मिन्द्विजवरे
शान्ति पर्व
अध्याय १२४
४७ क
तस्मिन्द्विजश्रेष्ठे
वन पर्व
अध्याय २९०
१ क
तस्मिन्द्विजोत्तमे
शान्ति पर्व
अध्याय १६३
१ क
तस्मिन्द्वीपे
भीष्म पर्व
अध्याय १२
३७ क
तस्मिन्द्वौ
उद्योग पर्व
अध्याय ६२
७ क
तस्मिन्धर्मविदां
सभा पर्व
अध्याय ३३
२१ क
तस्मिन्धर्मार्थसंशय़े
अनुशासन पर्व
अध्याय १
६२ क
तस्मिन्धर्मे
शान्ति पर्व
अध्याय १६०
२२ क
तस्मिन्धृतराष्ट्र
उद्योग पर्व
अध्याय ७०
१० क
तस्मिन्धृतराष्ट्रोऽव्रवीदिदम्
आदि पर्व
अध्याय १०७
२५ क
तस्मिन्धृतिश्च
उद्योग पर्व
अध्याय ८३
६ ख
तस्मिन्धृष्टद्युम्नो
आदि पर्व
अध्याय १७६
३३ क
तस्मिन्धौम्येन
वन पर्व
अध्याय १७९
१८ क
तस्मिन्न
उद्योग पर्व
अध्याय २९
२६ ख
तस्मिन्नः
उद्योग पर्व
अध्याय ९३
४३ क
तस्मिन्नगरे
उद्योग पर्व
अध्याय ६३
१५ क
तस्मिन्नगेन्द्रे
वन पर्व
अध्याय १६१
१ क
तस्मिन्नग्निपुत्रे
अनुशासन पर्व
अध्याय २
४८ क
तस्मिन्नग्नौ
द्रोण पर्व
अध्याय १६
२७ ख
तस्मिन्नग्रतः
द्रोण पर्व
अध्याय १७३
१६ क
तस्मिन्नतिभय़ङ्करे
भीष्म पर्व
अध्याय ५३
११ ख
तस्मिन्नतिभय़ङ्करे
द्रोण पर्व
अध्याय ३५
१५ क
तस्मिन्नतिमहाभीमे
भीष्म पर्व
अध्याय १११
३३ क
तस्मिन्नतिमहाभीमे
भीष्म पर्व
अध्याय ११३
११ ख
तस्मिन्नतिरथे
द्रोण पर्व
अध्याय १७३
१ क
तस्मिन्नतिरथे
द्रोण पर्व
अध्याय १७३
२ क
तस्मिन्नथ
शान्ति पर्व
अध्याय १९२
१८ क
तस्मिन्नद्य
अनुशासन पर्व
अध्याय ४३
२ क
तस्मिन्ननागच्छत्युपाध्याय़ः
आदि पर्व
अध्याय ३
५३ क
तस्मिन्ननिच्छति
भीष्म पर्व
अध्याय २
८ क
तस्मिन्ननिर्जिते
शान्ति पर्व
अध्याय १६
२२ क
तस्मिन्ननिर्जिते
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय १२
१३ क
तस्मिन्ननीकप्रमुखे
भीष्म पर्व
अध्याय ५६
४ क
तस्मिन्ननुगते
शान्ति पर्व
अध्याय १२४
५२ क
तस्मिन्नन्तर्हिते
वन पर्व
अध्याय ६४
१ क
तस्मिन्नन्तर्हिते
शान्ति पर्व
अध्याय १२२
१९ क
तस्मिन्नन्तर्हिते
अनुशासन पर्व
अध्याय ५३
१ क
तस्मिन्नन्तर्हिते
अनुशासन पर्व
अध्याय १४४
४५ क
तस्मिन्नन्योन्यमभिजघ्नतुः
द्रोण पर्व
अध्याय १५३
२५ ख
तस्मिन्नन्वय़े
भीष्म पर्व
अध्याय ८६
६९ क
तस्मिन्नपरिहार्येऽर्थे
स्त्री पर्व
अध्याय १५
१९ क
तस्मिन्नपि
द्रोण पर्व
अध्याय १७३
४१ ख
तस्मिन्नपि
शान्ति पर्व
अध्याय २००
१४ क
तस्मिन्नपि
अनुशासन पर्व
अध्याय १४५
१० ग
तस्मिन्नभिगते
शान्ति पर्व
अध्याय २४८
२० क
तस्मिन्नभिहिते
उद्योग पर्व
अध्याय ९४
१ क
तस्मिन्नभूत्किल
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ४७
४ क
तस्मिन्नभ्यधिकां
द्रोण पर्व
अध्याय १७२
९० ख
तस्मिन्नभ्यर्चिते
सभा पर्व
अध्याय ३६
१३ क
तस्मिन्नभ्यागते
उद्योग पर्व
अध्याय १६६
२ क
तस्मिन्नमिततेजसा
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ११
१५ क
तस्मिन्नमिततेजसा
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ११
१७ क
तस्मिन्नरपतौ
विराट पर्व
अध्याय १२
९ ख
तस्मिन्नराधिपे
शान्ति पर्व
अध्याय ३१२
१० क
तस्मिन्नरेन्द्रे
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय २१
१३ क
तस्मिन्नर्थशास्त्रविशारदः
शान्ति पर्व
अध्याय १६१
९ क
तस्मिन्नर्थे
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय १६
१२ ख
तस्मिन्नष्टे
वन पर्व
अध्याय २१२
१७ क
तस्मिन्नष्टे
शान्ति पर्व
अध्याय १८०
८ क
तस्मिन्नसुकरं
द्रोण पर्व
अध्याय ५
७ क
तस्मिन्नस्तमिते
शान्ति पर्व
अध्याय ४६
२३ क
तस्मिन्नस्त्राणि
द्रोण पर्व
अध्याय १४८
३६ क
तस्मिन्नस्त्रे
वन पर्व
अध्याय १७०
४७ ख
तस्मिन्नस्त्रे
भीष्म पर्व
अध्याय ९८
२१ क
तस्मिन्नस्त्रे
द्रोण पर्व
अध्याय १७१
२४ क