तान्निहत्य
द्रोण पर्व
अध्याय ११२
३१ क
तान्निहत्य
द्रोण पर्व
अध्याय १३५
१८ क
तान्निहत्य
द्रोण पर्व
अध्याय १४१
४६ क
तान्निहत्य
द्रोण पर्व
अध्याय १७१
६६ क
तान्नृपान्
सभा पर्व
अध्याय २४
४ क
तान्नृपान्
वन पर्व
अध्याय २५५
१ ख
तान्नृपान्
भीष्म पर्व
अध्याय ११५
३४ क
तान्नृपान्सर्वानाहूय़
उद्योग पर्व
अध्याय १७०
१२ क
तान्नैतदस्त्रं
द्रोण पर्व
अध्याय १७०
४१ ख
तान्नैवार्था
शान्ति पर्व
अध्याय १६८
२६ ख
तान्नैषि
कर्ण पर्व
अध्याय ४९
८६ ख
तान्न्यवारय़दाय़स्तान्मुहूर्तमिव
द्रोण पर्व
अध्याय ११६
१० क
तान्पक्षनखतुण्डाग्रैरभिनद्विनतासुतः
आदि पर्व
अध्याय २८
२० क
तान्पञ्चभल्लैस्त्वरितैः
कर्ण पर्व
अध्याय ६५
३९ क
तान्पञ्चभिः
कर्ण पर्व
अध्याय ६०
१७ ख
तान्पण्डितो
आदि पर्व
अध्याय ८२
११ ख
तान्पण्डितो
सभा पर्व
अध्याय ५९
७ ख
तान्पण्डितो
उद्योग पर्व
अध्याय ३४
७७ ख
तान्पण्डितो
शान्ति पर्व
अध्याय २८८
९ ख
तान्पण्डितो
अनुशासन पर्व
अध्याय १०७
५७ ख
तान्पप्रच्छानामय़ं
आदि पर्व
अध्याय १९८
१० ख
तान्परमार्चितान्
आदि पर्व
अध्याय १३२
१३ क
तान्परमेष्वासान्पाण्डवानमितौजसः
उद्योग पर्व
अध्याय ३८
४३ क
तान्परिक्रामेत्सर्वानेव
शान्ति पर्व
अध्याय ८८
१० ग
तान्परीप्स
विराट पर्व
अध्याय ३०
७ ग
तान्पश्य
वन पर्व
अध्याय ३६
३१ ख
तान्पश्य
अनुशासन पर्व
अध्याय १५३
२२ ख
तान्पश्यध्वं
शल्य पर्व
अध्याय ५८
१० ख
तान्पश्यन्सैन्यमध्यस्थो
द्रोण पर्व
अध्याय २१
१० क
तान्पाण्डवर्षभान्
उद्योग पर्व
अध्याय १२२
४० ख
तान्पाण्डवाः
द्रोण पर्व
अध्याय १५
११ क
तान्पाण्डवान्द्यूते
द्रोण पर्व
अध्याय १२६
१६ क
तान्पाण्डुपुत्रश्चिच्छेद
द्रोण पर्व
अध्याय १०८
२७ क
तान्पाद्यमधुपर्कार्हान्मानार्हान्सत्कृतिं
सभा पर्व
अध्याय १९
२९ क
तान्पार्थः
कर्ण पर्व
अध्याय ५९
३६ क
तान्पार्थश्चिच्छेद
विराट पर्व
अध्याय ५३
१८ ख
तान्पार्थिवपुत्रपौत्रा;
वन पर्व
अध्याय १७४
१३ क
तान्पार्थिवपुत्रपौत्रां;
सभा पर्व
अध्याय ६२
२३ क
तान्पालय़
उद्योग पर्व
अध्याय ९३
३८ ख
तान्पालय़
अनुशासन पर्व
अध्याय १५३
३३ ख
तान्पाशान्मुक्त्वा
वन पर्व
अध्याय २८१
५४ क
तान्पुत्रान्क्रोशमानान्वपद्यत
आदि पर्व
अध्याय २२४
१९ ख
तान्पूजय़स्व
अनुशासन पर्व
अध्याय ३५
२२ क
तान्पूजय़ाम्यहम्
अनुशासन पर्व
अध्याय ३२
१३ ख
तान्पूजय़ित्वा
सभा पर्व
अध्याय ४०
१२ क
तान्पूर्वेन्द्रानेवमीक्ष्याभिरूपा;
आदि पर्व
अध्याय १८९
३८ ग
तान्पृषत्कां;
द्रोण पर्व
अध्याय ९४
८ ख
तान्पृषत्कां;
द्रोण पर्व
अध्याय ११५
१४ ख
तान्पृष्ठे
आदि पर्व
अध्याय ७०
२६ ख
तान्प्रकीर्णपताकेन
विराट पर्व
अध्याय ५८
३ क
तान्प्रगृह्य
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ९३
२९ क
तान्प्रति
वन पर्व
अध्याय ७
२३ ख
तान्प्रति
उद्योग पर्व
अध्याय २९
२ क
तान्प्रति
द्रोण पर्व
अध्याय ५०
५९ क
तान्प्रति
द्रोण पर्व
अध्याय ८३
५ क
तान्प्रतिपत्स्येह
आदि पर्व
अध्याय ८८
८ ख
तान्प्रतिपादय़
अनुशासन पर्व
अध्याय ६०
१५ क
तान्प्रतिविव्याध
भीष्म पर्व
अध्याय १०९
२१ क
तान्प्रतिविव्याध
द्रोण पर्व
अध्याय १७
१४ ख
तान्प्रतिविव्याध
द्रोण पर्व
अध्याय ३६
१९ क
तान्प्रतिसंरव्धः
शल्य पर्व
अध्याय २१
३४ ख
तान्प्रत्यगृह्णात्पुत्रस्ते
शल्य पर्व
अध्याय १५
३१ क
तान्प्रत्यगृह्णादव्यग्रो
द्रोण पर्व
अध्याय ३१
९ ख
तान्प्रत्यर्चय़ामास
अनुशासन पर्व
अध्याय २०
९ क
तान्प्रत्यविध्यच्छैनेय़ः
द्रोण पर्व
अध्याय ९२
६ ख
तान्प्रत्यविध्यत्कुन्तीपुत्रो
द्रोण पर्व
अध्याय १२०
८० क
तान्प्रत्यविध्यद्गाङ्गेय़स्त्रिभिस्त्रिभिरजिह्मगैः
भीष्म पर्व
अध्याय ९९
११ क
तान्प्रत्यविध्यद्राजेन्द्र
भीष्म पर्व
अध्याय ५८
२५ क
तान्प्रत्यविध्यद्राधेय़ः
कर्ण पर्व
अध्याय ५६
१९ ग
तान्प्रत्युद्गम्य
कर्ण पर्व
अध्याय ३५
३६ क
तान्प्रधक्ष्यामि
वन पर्व
अध्याय २९०
१६ क
तान्प्रभग्नांस्तथा
द्रोण पर्व
अध्याय ४५
६ क
तान्प्रभग्नांस्तथा
द्रोण पर्व
अध्याय १७१
६८ क
तान्प्रभग्नान्द्रुतान्कर्णः
कर्ण पर्व
अध्याय १७
११९ ख
तान्प्रभग्नान्द्रुतान्दृष्ट्वा
शल्य पर्व
अध्याय १८
११ क
तान्प्रभुः
उद्योग पर्व
अध्याय ८२
२८ क
तान्प्रमथद्वली
द्रोण पर्व
अध्याय १०३
४ ग
तान्प्रममाथैको
द्रोण पर्व
अध्याय ४५
१० ख
तान्प्रमृद्नन्महेष्वासान्राधेय़ः
कर्ण पर्व
अध्याय ३२
७९ क
तान्प्रमृद्य
द्रोण पर्व
अध्याय १५
३८ क
तान्प्रमृद्याभ्यपतत्पुनरेव
कर्ण पर्व
अध्याय ३३
८ क
तान्प्रवक्ष्यामि
अनुशासन पर्व
अध्याय १२
१२ क
तान्प्रवरः
द्रोण पर्व
अध्याय ११५
२३ ख
तान्प्रवहो
शान्ति पर्व
अध्याय २९०
७१ क
तान्प्रवाधते
वन पर्व
अध्याय २१०
१७ क
तान्प्रविष्टांस्तदा
भीष्म पर्व
अध्याय ८६
२७ क
तान्प्रव्रजतः
द्रोण पर्व
अध्याय १०७
१४ क
तान्प्रश्नानव्रवीत्पार्थ
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ३५
११ क
तान्प्रश्नान्पीत्वैव
वन पर्व
अध्याय २९६
३१ ख
तान्प्रश्नान्पीत्वैव
वन पर्व
अध्याय २९६
३८ ख
तान्प्रसन्नेन
वन पर्व
अध्याय ४०
३४ क
तान्प्रसह्य
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ७७
३ क
तान्प्रसादय़ामास
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ९६
१२ क
तान्प्रस्थितानन्वगच्छद्वृषपर्वा
वन पर्व
अध्याय १५५
२४ ग
तान्प्रस्थितान्परिज्ञाय़
वन पर्व
अध्याय ८
२२ क
तान्प्रस्थितान्प्रीतमनाः
विराट पर्व
अध्याय ६१
२५ क
तान्प्रस्थितान्प्रीतिमना
वन पर्व
अध्याय १७३
२१ क
तान्प्रहृष्टास्ततः
विराट पर्व
अध्याय ३०
२३ क
तान्प्राप्य
शान्ति पर्व
अध्याय २८३
१३ क
तान्प्राय़ाच्छीघ्रं
आदि पर्व
अध्याय ९६
१३ ग