तान्सर्वानपीडय़त्
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ४
७ ख
तान्सर्वानर्चय़ित्वा
आदि पर्व
अध्याय २१०
११ क
तान्सर्वानाचख्यौ
वन पर्व
अध्याय ११५
२ क
तान्सर्वानाजघान
भीष्म पर्व
अध्याय १०१
३१ क
तान्सर्वानाहवे
उद्योग पर्व
अध्याय ५६
४९ क
तान्सर्वानीषद्विगतचेतसः
द्रोण पर्व
अध्याय ८८
५८ क
तान्सर्वानुत्सुकान्दृष्ट्वा
वन पर्व
अध्याय ८५
१ क
तान्सर्वानुपजग्राह
भीष्म पर्व
अध्याय ५०
८४ क
तान्सर्वानुपाय़ात्स्वपुरं
सभा पर्व
अध्याय ४२
८ ख
तान्सर्वानुवाच
आदि पर्व
अध्याय १३८
१० क
तान्सर्वानुवाचेदं
वन पर्व
अध्याय ५५
५ ख
तान्सर्वानेवं
भीष्म पर्व
अध्याय २६
३२ ख
तान्सर्वान्कालोत्सृष्ट
भीष्म पर्व
अध्याय ६०
४३ ख
तान्सर्वान्गन्धर्वान्प्रशशंस
वन पर्व
अध्याय २३५
१२ ख
तान्सर्वान्गुणसम्पन्नानमनुष्यप्रतापिनः
उद्योग पर्व
अध्याय ५६
३५ क
तान्सर्वान्दर्शय़न्पाणिलाघवम्
द्रोण पर्व
अध्याय ७९
२८ ख
तान्सर्वान्दस्यूनपि
द्रोण पर्व
अध्याय ९७
२० ख
तान्सर्वान्दीक्षितः
सभा पर्व
अध्याय ३२
३ क
तान्सर्वान्दुष्टहस्तीव
कर्ण पर्व
अध्याय ३७
१४ ख
तान्सर्वान्द्रुमान्भङ्क्त्वेव
कर्ण पर्व
अध्याय २१
२८ ख
तान्सर्वान्द्रोणो
आदि पर्व
अध्याय १२२
४१ क
तान्सर्वान्धर्मराजस्य
वन पर्व
अध्याय ९०
२३ क
तान्सर्वान्धार्मिको
शान्ति पर्व
अध्याय ७७
७ ख
तान्सर्वान्धृष्टद्युम्नः
द्रोण पर्व
अध्याय २२
६३ क
तान्सर्वान्नृपतेः
वन पर्व
अध्याय १९५
२४ ख
तान्सर्वान्न्यवर्तत
वन पर्व
अध्याय १५७
५५ क
तान्सर्वान्पञ्चभिः
द्रोण पर्व
अध्याय ८४
१६ ख
तान्सर्वान्पतितान्दृष्ट्वा
भीष्म पर्व
अध्याय ८६
४४ क
तान्सर्वान्पतिव्रतपराय़णा
आदि पर्व
अध्याय १०३
१७ क
तान्सर्वान्परमेष्ठी
वन पर्व
अध्याय ९८
६ क
तान्सर्वान्पर्वतान्समशातय़म्
वन पर्व
अध्याय २३
१७ ख
तान्सर्वान्पश्यन्दिव्येन
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ४०
२१ क
तान्सर्वान्पिता
भीष्म पर्व
अध्याय ५०
१०० क
तान्सर्वान्पुनर्जग्मुस्त्रिविष्टपम्
वन पर्व
अध्याय १३९
२३ ख
तान्सर्वान्पौरजानपदानथ
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय १३
११ ग
तान्सर्वान्प्रत्यगृह्णाद्यथाविधि
वन पर्व
अध्याय ९६
१३ क
तान्सर्वान्प्रत्यपूजय़म्
वन पर्व
अध्याय १६४
४९ ख
तान्सर्वान्प्रत्यविध्यत
द्रोण पर्व
अध्याय ९०
२६ ख
तान्सर्वान्प्रत्यविध्यन्महावलः
द्रोण पर्व
अध्याय ३१
४ क
तान्सर्वान्प्रसभं
आदि पर्व
अध्याय २०२
१३ ख
तान्सर्वान्प्रेषय़ामास
द्रोण पर्व
अध्याय १३०
१३ ख
तान्सर्वान्भगवाँल्लोकपूजितः
वन पर्व
अध्याय ८
२३ क
तान्सर्वान्भारद्वाजोऽपि
द्रोण पर्व
अध्याय ३४
७ क
तान्सर्वान्भेदय़ेय़ं
वन पर्व
अध्याय १४
१३ ख
तान्सर्वान्भ्रातॄनित्यव्रवीद्वचः
वन पर्व
अध्याय १५५
२ क
तान्सर्वान्मन्त्रिणः
आदि पर्व
अध्याय १९४
२५ क
तान्सर्वान्महाराज
भीष्म पर्व
अध्याय १०९
७ क
तान्सर्वान्यतमानाञ्जनार्दनः
उद्योग पर्व
अध्याय १२८
२१ क
तान्सर्वान्युद्धाय़
वन पर्व
अध्याय १५४
३७ ख
तान्सर्वान्ये
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ३९
१८ ख
तान्सर्वान्रथमार्गैश्चरन्रणे
वन पर्व
अध्याय १७०
१९ क
तान्सर्वान्रसातलगतानपि
द्रोण पर्व
अध्याय १७०
४२ ख
तान्सर्वान्वसूनि
आदि पर्व
अध्याय १२२
३९ ख
तान्सर्वान्वाणैः
द्रोण पर्व
अध्याय १३५
४७ क
तान्सर्वान्विमुखांश्चक्रे
द्रोण पर्व
अध्याय १२९
३५ ख
तान्सर्वान्विश्रान्तः
उद्योग पर्व
अध्याय १५५
२० ख
तान्सर्वान्व्यादिदेशास्मै
शल्य पर्व
अध्याय ४३
४९ ख
तान्सर्वान्स
सभा पर्व
अध्याय २९
११ ख
तान्सर्वान्स
वन पर्व
अध्याय ४४
१५ क
तान्सर्वान्समुपादाय़
वन पर्व
अध्याय १४५
९ क
तान्सर्वान्सम्प्रपश्यामि
शान्ति पर्व
अध्याय ५४
१९ ख
तान्सर्वान्सर्वलोकेश्वरेश्वरः
भीष्म पर्व
अध्याय ९३
२९ ख
तान्सर्वान्ससूतेष्वसनध्वजान्
कर्ण पर्व
अध्याय ५९
४ क
तान्सर्वान्सहस्राक्ष
शल्य पर्व
अध्याय २५
३१ ख
तान्सर्वान्सहानीकान्महाराज
भीष्म पर्व
अध्याय ११२
१११ क
तान्सर्वान्सहिताञ्शूरान्यतमानान्महारथान्
द्रोण पर्व
अध्याय ९६
३९ क
तान्सर्वान्सान्त्वय़न्प्रत्यभाषत
वन पर्व
अध्याय २६७
२६ ख
तान्सर्वान्सुविभक्तान्सुपूजितान्
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ९१
३५ क
तान्सर्वान्सौवलान्वलदर्पितः
भीष्म पर्व
अध्याय ८६
३८ ख
तान्ससूतरथान्सर्वान्सपताकाध्वजाय़ुधान्
कर्ण पर्व
अध्याय ३५
३४ क
तान्सहितान्सर्वान्धृष्टद्युम्नपुरोगमान्
सौप्तिक पर्व
अध्याय ३
२८ क
तान्सिंहविक्रान्तगतीनवेक्ष्य;
आदि पर्व
अध्याय १८६
१० क
तान्सिन्धुसौवीरान्द्रौपदीं
वन पर्व
अध्याय २५५
५० ख
तान्सुतान्
आदि पर्व
अध्याय १६६
३९ क
तान्सुतान्गृह्य
अनुशासन पर्व
अध्याय १२
२२ क
तान्सुपर्णाश्च
स्त्री पर्व
अध्याय १६
२७ क
तान्सुरान्द्रष्टुमिच्छेय़मरुणानुज
उद्योग पर्व
अध्याय ११०
३ ग
तान्सुविश्वस्ताञ्शय़ानानकुतोभय़ान्
आदि पर्व
अध्याय १३२
१६ क
तान्सुहृदः
शल्य पर्व
अध्याय ६४
१४ ख
तान्सूतपुत्रो
कर्ण पर्व
अध्याय ३२
७३ क
तान्सूदय़ित्वाहमपास्य
कर्ण पर्व
अध्याय ४७
९ क
तान्सेवेत्तैः
वन पर्व
अध्याय १
२५ ख
तान्सोमः
अनुशासन पर्व
अध्याय ९२
६ क
तान्सोऽभिपत्य
कर्ण पर्व
अध्याय २८
१७ क
तान्सौवलमेव
उद्योग पर्व
अध्याय २
१० ख
तान्स्तौषि
द्रोण पर्व
अध्याय १३३
६२ क
तान्स्थापय़ित्वाग्रे
उद्योग पर्व
अध्याय ३१
६ ख
तान्स्वस्तिवाक्येनाभ्यर्च्य
कर्ण पर्व
अध्याय २४
४३ क
तान्हत्वा
शल्य पर्व
अध्याय २८
३१ क
तान्हत्वा
शान्ति पर्व
अध्याय १०
८ ख
तान्हनिष्यामि
द्रोण पर्व
अध्याय १३५
१४ क
तान्हन्ता
कर्ण पर्व
अध्याय २४
३५ ख
तान्हन्ति
शान्ति पर्व
अध्याय १५
२५ ख
तान्हन्यादपराधे
वन पर्व
अध्याय २९
२७ ख
तान्हन्यादपि
सौप्तिक पर्व
अध्याय ८
१४७ ख
तान्हरिः
आदि पर्व
अध्याय २१९
३० ख
तान्हरिः
वन पर्व
अध्याय ४८
१५ ख
तान्हरीन्वाजिमुख्यान्
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय १०
१९ क
तान्हित्वा
द्रोण पर्व
अध्याय १६४
१५ क
तान्हृष्टान्पुरुषव्याघ्रान्पाञ्चालान्पाण्डवैः
शल्य पर्व
अध्याय ६०
१७ क