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तेऽपतन्सहसा
भीष्म पर्व
अध्याय ८८
३ ख
तेऽपतन्हताः
कर्ण पर्व
अध्याय ५९
२६ ख
तेऽपनेष्यन्ति
विराट पर्व
अध्याय २३
२८ क
तेऽपराधमिह
अनुशासन पर्व
अध्याय १४४
३४ क
तेऽपवर्गः
वन पर्व
अध्याय २८१
५१ क
तेऽपश्यन्पुलिने
शान्ति पर्व
अध्याय ३४६
३ क
तेऽपश्यन्विहितं
कर्ण पर्व
अध्याय २२
११ क
तेऽपि
आदि पर्व
अध्याय ९६
४० ख
तेऽपि
सभा पर्व
अध्याय ११
६४ ख
तेऽपि
वन पर्व
अध्याय ५
१८ क
तेऽपि
वन पर्व
अध्याय १०
२१ ख
तेऽपि
वन पर्व
अध्याय १८८
२४ ख
तेऽपि
वन पर्व
अध्याय १९९
९ ग
तेऽपि
वन पर्व
अध्याय २१९
३० ख
तेऽपि
वन पर्व
अध्याय २४०
१६ क
तेऽपि
वन पर्व
अध्याय २४३
१७ ग
तेऽपि
वन पर्व
अध्याय २५१
९ ख
तेऽपि
विराट पर्व
अध्याय ८
२२ ख
तेऽपि
भीष्म पर्व
अध्याय २५
३१ ख
तेऽपि
भीष्म पर्व
अध्याय ३१
२३ ख
तेऽपि
भीष्म पर्व
अध्याय ३५
२५ ख
तेऽपि
भीष्म पर्व
अध्याय ५५
८२ क
तेऽपि
भीष्म पर्व
अध्याय ७७
३७ क
तेऽपि
भीष्म पर्व
अध्याय ९५
३८ क
तेऽपि
भीष्म पर्व
अध्याय १०१
२० क
तेऽपि
द्रोण पर्व
अध्याय ४५
७ ख
तेऽपि
द्रोण पर्व
अध्याय ७०
१२ क
तेऽपि
द्रोण पर्व
अध्याय ९०
२७ ख
तेऽपि
द्रोण पर्व
अध्याय ११०
८ क
तेऽपि
कर्ण पर्व
अध्याय ४
८९ ख
तेऽपि
कर्ण पर्व
अध्याय ६१
८ ख
तेऽपि
शल्य पर्व
अध्याय २९
२५ क
तेऽपि
शल्य पर्व
अध्याय ४३
३२ ग
तेऽपि
सौप्तिक पर्व
अध्याय ८
४२ क
तेऽपि
शान्ति पर्व
अध्याय १२
४ ख
तेऽपि
शान्ति पर्व
अध्याय १५
३३ ख
तेऽपि
शान्ति पर्व
अध्याय २८
५२ ख
तेऽपि
शान्ति पर्व
अध्याय २९
७१ ख
तेऽपि
शान्ति पर्व
अध्याय १०५
१७ ख
तेऽपि
शान्ति पर्व
अध्याय १५०
२८ ख
तेऽपि
शान्ति पर्व
अध्याय २७१
५१ ख
तेऽपि
शान्ति पर्व
अध्याय ३०५
१० ख
तेऽपि
शान्ति पर्व
अध्याय ३२३
४५ क
तेऽपि
अनुशासन पर्व
अध्याय २७
२९ ख
तेऽपि
अनुशासन पर्व
अध्याय ३४
९ क
तेऽपि
अनुशासन पर्व
अध्याय ४२
२६ ख
तेऽपि
अनुशासन पर्व
अध्याय १०५
१९ ख
तेऽपि
अनुशासन पर्व
अध्याय ११७
३३ ख
तेऽपि
अनुशासन पर्व
अध्याय १२०
१४ क
तेऽपीडय़न्भीमसेनं
द्रोण पर्व
अध्याय ११२
२२ क
तेऽपूपः
आदि पर्व
अध्याय ३
७१ घ
तेऽपृच्छन्त
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय २३
६ क
तेऽप्यकुर्वन्किमाहवे
द्रोण पर्व
अध्याय १५८
१६ ख
तेऽप्यजय़ंस्तात
वन पर्व
अध्याय २६
११ ख
तेऽप्यधीत्याखिलान्वेदाञ्शास्त्राणि
आदि पर्व
अध्याय १
७९ क
तेऽप्यन्योन्यप्रय़ोजकाः
अनुशासन पर्व
अध्याय १
३४ क
तेऽप्यस्मासु
वन पर्व
अध्याय ३६
३० क
तेऽप्यस्य
वन पर्व
अध्याय ४६
३५ ख
तेऽप्याशंसन्त्यरिक्षय़म्
सभा पर्व
अध्याय ४८
३९ ग
तेऽप्याय़ुषः
शान्ति पर्व
अध्याय १४९
७ ख
तेऽप्युपशाम्यन्ति
वन पर्व
अध्याय ३६
२९ क
तेऽप्युपासन्तु
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ९५
२४ ख
तेऽप्राप्यमस्तीह
अनुशासन पर्व
अध्याय १४
१५ क
तेऽप्रिय़ं
विराट पर्व
अध्याय ६
१३ क
तेऽप्सरसं
शल्य पर्व
अध्याय ५०
१३ क
तेऽभज्यत
द्रोण पर्व
अध्याय ८२
१८ ख
तेऽभज्यत
द्रोण पर्व
अध्याय ८२
३६ ख
तेऽभवत्
वन पर्व
अध्याय २८२
२८ ख
तेऽभवत्तदा
शल्य पर्व
अध्याय ७
१६ क
तेऽभवन्
सभा पर्व
अध्याय ११
५६ ख
तेऽभवन्
वन पर्व
अध्याय १६९
२ ख
तेऽभवन्
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ४१
१२ ख
तेऽभिगमनं
वन पर्व
अध्याय १९४
२ क
तेऽभिगम्य
वन पर्व
अध्याय १०१
१३ क
तेऽभिगम्य
उद्योग पर्व
अध्याय ८२
२६ क
तेऽभिगम्य
शान्ति पर्व
अध्याय ५४
६ क
तेऽभिगम्याव्रुवंस्तत्र
उद्योग पर्व
अध्याय ८९
३६ क
तेऽभिजानन्ति
वन पर्व
अध्याय ३८
५ ख
तेऽभिजाय़न्ते
अनुशासन पर्व
अध्याय ७७
१४ ख
तेऽभिपत्य
वन पर्व
अध्याय २७०
१७ क
तेऽभिपरीप्सवः
शल्य पर्व
अध्याय १५
४४ ख
तेऽभिरता
शान्ति पर्व
अध्याय २९०
१०७ ख
तेऽभिवाद्य
वन पर्व
अध्याय १८२
९ क
तेऽभिवाद्य
भीष्म पर्व
अध्याय ११५
५८ ख
तेऽभिवाद्य
अनुशासन पर्व
अध्याय १४
१४६ क
तेऽभिवाद्य
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ९३
१२ क
तेऽभिवाद्यार्ष्टिषेणस्य
वन पर्व
अध्याय १६०
२ क
तेऽभिव्यरोचत
भीष्म पर्व
अध्याय ४२
३० ख
तेऽभिशङ्के
शान्ति पर्व
अध्याय ३२
९ क
तेऽभिषिषिचुर्वाणैर्मेघा
द्रोण पर्व
अध्याय ४५
१० क
तेऽभिसन्धाय़
आदि पर्व
अध्याय ४६
९ ख
तेऽभिहितम्
आदि पर्व
अध्याय ३
१३४ ग
तेऽभिहिता
भीष्म पर्व
अध्याय २४
३९ क
तेऽभिय़युः
वन पर्व
अध्याय १३
३ क
तेऽभिय़ाता
भीष्म पर्व
अध्याय ७३
५८ क
तेऽभूत्संय़ग्दानेन
वन पर्व
अध्याय १८९
२२ क
तेऽभूत्सुसूक्ष्मोऽपि
अनुशासन पर्व
अध्याय ५५
२० क
तेऽभूदत्र
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५३
३ ख
तेऽभूद्यत्त्वं
उद्योग पर्व
अध्याय १५८
२८ क
तेऽभ्यद्रवन्द्रोणं
द्रोण पर्व
अध्याय १५८
१३ क