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तेऽभ्यधावन्त
शल्य पर्व
अध्याय १५
२९ क
तेऽभ्यधावन्त
शान्ति पर्व
अध्याय ४
१६ क
तेऽभ्यनुज्ञातं
शान्ति पर्व
अध्याय १९२
९८ ख
तेऽभ्यनुज्ञाताः
वन पर्व
अध्याय २९९
१ क
तेऽभ्ययुः
द्रोण पर्व
अध्याय ६६
२७ क
तेऽभ्यरक्षन्पितामहम्
भीष्म पर्व
अध्याय १८
१४ ख
तेऽभ्यर्चिता
आदि पर्व
अध्याय १७६
१४ ख
तेऽभ्यवर्तन्त
आदि पर्व
अध्याय १३१
१६ ख
तेऽभ्यवर्षञ्शरैस्तीक्ष्णैः
द्रोण पर्व
अध्याय १४६
४ क
तेऽभ्युपाहरन्
शल्य पर्व
अध्याय ५०
५० क
तेऽमर्षः
सभा पर्व
अध्याय ४४
१ क
तेऽमला
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५१
११ ख
तेऽमित्रवशमाय़ान्ति
उद्योग पर्व
अध्याय ६२
१५ ख
तेऽरक्षन्दुर्योधनपुरोगमाः
द्रोण पर्व
अध्याय १५८
१६ क
तेऽरण्येषु
विराट पर्व
अध्याय १८
२९ ख
तेऽरिकर्शन
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ११
२ ख
तेऽरोचय़न्त
शान्ति पर्व
अध्याय २२१
४४ ख
तेऽर्चय़न्ति
शान्ति पर्व
अध्याय ३३१
४२ क
तेऽर्जुन
शान्ति पर्व
अध्याय १९
५ ख
तेऽर्जुनं
कर्ण पर्व
अध्याय १४
८ क
तेऽर्जुनं
कर्ण पर्व
अध्याय ५५
१५ क
तेऽर्जुनं
शल्य पर्व
अध्याय १३
४ क
तेऽर्जुनं;
कर्ण पर्व
अध्याय ५७
५३ क
तेऽर्जुनः
आदि पर्व
अध्याय ११४
३० ख
तेऽर्जुनस्तथा
द्रोण पर्व
अध्याय १०२
४२ क
तेऽर्जुनेन
द्रोण पर्व
अध्याय २९
३७ क
तेऽर्थाच्च
वन पर्व
अध्याय २९७
७४ क
तेऽर्थिताम्
आदि पर्व
अध्याय ३०
१२ क
तेऽर्वुदम्
आदि पर्व
अध्याय १५५
११ ख
तेऽवकाशं
शल्य पर्व
अध्याय ३६
४८ ख
तेऽवगाह्य
उद्योग पर्व
अध्याय १४९
६४ क
तेऽवतीर्णमुपश्रुत्य
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ७६
२ क
तेऽवतीर्य
सौप्तिक पर्व
अध्याय १
२३ क
तेऽवतीर्य
शान्ति पर्व
अध्याय ४८
३ क
तेऽवमानमर्हन्ति
शान्ति पर्व
अध्याय १०९
२५ क
तेऽवशा
उद्योग पर्व
अध्याय ३८
४० ख
तेऽवशिष्टम्
सभा पर्व
अध्याय ५८
२२ ख
तेऽवहन्युय़ुधानं
द्रोण पर्व
अध्याय १३७
४ क
तेऽविदूराद्धनुष्पाणिं
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ७६
४ क
तेऽव्यक्तं
शान्ति पर्व
अध्याय २९४
४७ ख
तेऽव्यक्तमुक्तं
अनुशासन पर्व
अध्याय ९५
४६ क
तेऽव्ययाः
शान्ति पर्व
अध्याय २१०
३१ क
तेऽव्ययाम्
भीष्म पर्व
अध्याय २४
३४ क
तेऽव्रुवञ्ज्ञातुमिच्छामः
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ३२
३ क
तेऽव्रुवन्
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ७२
१५ ग
तेऽव्रुवन्धर्मं
कर्ण पर्व
अध्याय ३०
५१ ख
तेऽव्रुवन्नेष
वन पर्व
अध्याय २१५
२ ख
तेऽव्रुवन्वाक्यं
उद्योग पर्व
अध्याय १७४
१० क
तेऽव्रुवन्व्राह्मणा
आदि पर्व
अध्याय १०७
२९ ख
तेऽव्रुवन्सहिताः
वन पर्व
अध्याय १२३
१८ क
तेऽव्रुवन्सहितास्तत्र
शल्य पर्व
अध्याय ५
५ क
तेऽव्रुवन्सोममासाद्य
अनुशासन पर्व
अध्याय ९२
५ क
तेऽशक्नुवन्परिसङ्क्षय़े
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ४
१४ क
तेऽशोभय़न्वक्त्रं
कर्ण पर्व
अध्याय ४०
३२ क
तेऽश्वा
द्रोण पर्व
अध्याय १०१
६६ क
तेऽष्टगुणं
वन पर्व
अध्याय ८३
९९ ख
तेऽसमीक्ष्यैव
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ७६
८ क
तेऽसुखाः
वन पर्व
अध्याय २
४३ क
तेऽसुराः
अनुशासन पर्व
अध्याय १४५
२९ ख
तेऽसूय़ां
उद्योग पर्व
अध्याय ६५
७ क
तेऽस्ति
आदि पर्व
अध्याय ७३
२९ ख
तेऽस्ति
उद्योग पर्व
अध्याय ६
१६ क
तेऽस्ति
उद्योग पर्व
अध्याय ४०
१८ ख
तेऽस्ति
उद्योग पर्व
अध्याय ८०
३२ क
तेऽस्ति
उद्योग पर्व
अध्याय १५८
३ क
तेऽस्ति
भीष्म पर्व
अध्याय ४१
५७ क
तेऽस्ति
कर्ण पर्व
अध्याय २७
२७ ख
तेऽस्ति
कर्ण पर्व
अध्याय ५१
५५ ख
तेऽस्ति
कर्ण पर्व
अध्याय ५४
१६ ख
तेऽस्ति
शल्य पर्व
अध्याय ५३
३१ क
तेऽस्ति
शान्ति पर्व
अध्याय १८
१५ क
तेऽस्ति
शान्ति पर्व
अध्याय १३६
१२६ ख
तेऽस्ति
शान्ति पर्व
अध्याय २७०
१५ ख
तेऽस्ति
शान्ति पर्व
अध्याय ३०८
६४ ख
तेऽस्ति
अनुशासन पर्व
अध्याय १५३
४४ ख
तेऽस्ति
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ७५
२४ ख
तेऽस्तु
आदि पर्व
अध्याय ७१
१९ क
तेऽस्तु
आदि पर्व
अध्याय ९२
५४ ख
तेऽस्तु
आदि पर्व
अध्याय १६२
१८ ख
तेऽस्तु
वन पर्व
अध्याय ७१
२१ क
तेऽस्तु
वन पर्व
अध्याय ९७
१९ क
तेऽस्तु
वन पर्व
अध्याय १४१
२० ख
तेऽस्तु
वन पर्व
अध्याय १५०
११ ख
तेऽस्तु
वन पर्व
अध्याय १७८
४४ ख
तेऽस्तु
वन पर्व
अध्याय १९७
४३ ग
तेऽस्तु
वन पर्व
अध्याय २०६
२८ क
तेऽस्तु
वन पर्व
अध्याय २६४
५८ क
तेऽस्तु
उद्योग पर्व
अध्याय १५
३१ ख
तेऽस्तु
उद्योग पर्व
अध्याय ३०
१ क
तेऽस्तु
उद्योग पर्व
अध्याय १०२
२० ख
तेऽस्तु
द्रोण पर्व
अध्याय ८७
४ क
तेऽस्तु
कर्ण पर्व
अध्याय २६
२१ क
तेऽस्तु
शल्य पर्व
अध्याय ५१
१९ ख
तेऽस्तु
शान्ति पर्व
अध्याय ३
१७ ख
तेऽस्तु
शान्ति पर्व
अध्याय १३६
१६८ क
तेऽस्तु
शान्ति पर्व
अध्याय १९२
५० ख
तेऽस्तु
शान्ति पर्व
अध्याय २१८
३४ क
तेऽस्तु
शान्ति पर्व
अध्याय २२०
११० ख
तेऽस्तु
शान्ति पर्व
अध्याय ३१९
८ क
तेऽस्तु
शान्ति पर्व
अध्याय ३५२
२ क