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त्वां;
स्त्री पर्व
अध्याय २१
११ क
त्वां;
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ९
१५ ख
त्वाकारभावज्ञः
कर्ण पर्व
अध्याय ६२
८ क
त्वाक्रन्द्य
शान्ति पर्व
अध्याय ६९
३२ ख
त्वागमशास्त्रेभ्यो
शान्ति पर्व
अध्याय २६०
१७ ख
त्वागसस्त्यागैः
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ३८
३ क
त्वाचार्य
वन पर्व
अध्याय १७७
२९ ख
त्वाचार्यमुख्येन
विराट पर्व
अध्याय ५३
४३ क
त्वाजमीढं;
उद्योग पर्व
अध्याय ५५
१५ क
त्वाजहार
शान्ति पर्व
अध्याय १३७
८ क
त्वाजौ
द्रोण पर्व
अध्याय ५
२९ ख
त्वाज्ञापय़त्यन्यांस्तदास्योक्ता
शान्ति पर्व
अध्याय ३०८
१४० क
त्वाज्ञापय़ामास
आदि पर्व
अध्याय १९२
२० क
त्वाज्यमेव
शान्ति पर्व
अध्याय ९९
१५ ख
त्वाढ्यो
शान्ति पर्व
अध्याय १७३
२४ क
त्वात्मगुणैर्जितः
शान्ति पर्व
अध्याय १०७
२३ क
त्वात्मनः
शान्ति पर्व
अध्याय १३६
१७३ क
त्वात्मनो
उद्योग पर्व
अध्याय १६२
२३ ग
त्वात्मानं
शान्ति पर्व
अध्याय १३६
१७० ख
त्वात्मैव
भीष्म पर्व
अध्याय २९
१८ क
त्वात्ययिकाः
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय १०
८ क
त्वादानपरा
शान्ति पर्व
अध्याय ८३
३४ क
त्वादित्ये
द्रोण पर्व
अध्याय ७४
१ क
त्वादृग्लोकेष्वस्ति
उद्योग पर्व
अध्याय ८८
९० क
त्वादृङ्मुञ्चेमं
आदि पर्व
अध्याय १५८
३३ ख
त्वादृतात्मनां
उद्योग पर्व
अध्याय १३१
३७ ख
त्वादृशं
वन पर्व
अध्याय १९०
६१ ख
त्वादृशं
शान्ति पर्व
अध्याय १०७
६ क
त्वादृशः
विराट पर्व
अध्याय २१
४५ ख
त्वादृशको
उद्योग पर्व
अध्याय १२८
३५ ख
त्वादृशी
आदि पर्व
अध्याय ७१
३६ क
त्वादृशी
उद्योग पर्व
अध्याय ८८
९२ ख
त्वादृशे
आदि पर्व
अध्याय ६९
२६ ख
त्वादृशेन
अनुशासन पर्व
अध्याय १५
२ क
त्वादृशेन;
सभा पर्व
अध्याय ५९
२ क
त्वादृशो
सभा पर्व
अध्याय ३४
४ क
त्वाद्य
वन पर्व
अध्याय २८२
२२ क
त्वाद्य
उद्योग पर्व
अध्याय १३८
२६ क
त्वाद्य
उद्योग पर्व
अध्याय १७६
२७ क
त्वाद्य
उद्योग पर्व
अध्याय १९३
३८ क
त्वाद्य
द्रोण पर्व
अध्याय १४१
१५ ख
त्वाद्य
द्रोण पर्व
अध्याय १६४
२५ ग
त्वाद्य
कर्ण पर्व
अध्याय २३
३९ ख
त्वाद्य
शान्ति पर्व
अध्याय २१७
३८ ख
त्वाधर्मो
शल्य पर्व
अध्याय ३४
४७ ख
त्वाधिक्षिपन्तं
कर्ण पर्व
अध्याय २९
४० ख
त्वानीते
द्रोण पर्व
अध्याय ११
१७ क
त्वानुगमिष्यन्ति
उद्योग पर्व
अध्याय ३३
६४ क
त्वानुगमिष्यामि
द्रोण पर्व
अध्याय ३४
२२ क
त्वानुगमिष्यामो
द्रोण पर्व
अध्याय ३४
२० ख
त्वानुजीवन्तु
अनुशासन पर्व
अध्याय ६०
२४ क
त्वानुपश्यामि
शान्ति पर्व
अध्याय ३१३
५० क
त्वानुपृच्छति
वन पर्व
अध्याय २६६
६२ ख
त्वानुप्रवेक्ष्यामि
शान्ति पर्व
अध्याय १३६
७२ क
त्वानुवादेय़ुरवृत्तिकर्शिता;
विराट पर्व
अध्याय ६
१५ क
त्वानुव्रजेम
सौप्तिक पर्व
अध्याय ९
४० ख
त्वानुय़ास्यामि
उद्योग पर्व
अध्याय १३८
२३ ख
त्वानुय़ास्यामि
भीष्म पर्व
अध्याय ४६
३४ ख
त्वानय़ितव्यस्ते
आदि पर्व
अध्याय १४३
१८ ख
त्वापगा
शान्ति पर्व
अध्याय १४०
९ क
त्वाप्रधृष्ये;
अनुशासन पर्व
अध्याय १०५
४२ ख
त्वाभिगम्याहं
वन पर्व
अध्याय ६१
४० क
त्वाभिजानामि
वन पर्व
अध्याय २८१
११ क
त्वाभिजानामि
भीष्म पर्व
अध्याय ४१
५४ ख
त्वाभिजानामि
शान्ति पर्व
अध्याय ५०
२७ क
त्वाभिजानीमो
आदि पर्व
अध्याय १२२
१९ ख
त्वाभिनन्दामि
आदि पर्व
अध्याय १९१
१२ क
त्वाभिप्रशंसेय़ुर्निन्देय़ुरथ
शान्ति पर्व
अध्याय ९०
१७ ख
त्वाभिभवितुं
वन पर्व
अध्याय १७१
२ ख
त्वाभिलक्षय़े
वन पर्व
अध्याय २८१
७८ क
त्वाभिवदामि
उद्योग पर्व
अध्याय २३
६ क
त्वाभिषेक्ष्यामि
उद्योग पर्व
अध्याय १३८
१८ क
त्वामकामां
वन पर्व
अध्याय २६५
२७ ख
त्वामगाद्विवुधाधिप
शान्ति पर्व
अध्याय २१७
५८ ख
त्वामग्ने
आदि पर्व
अध्याय २२०
२६ क
त्वामग्ने
उद्योग पर्व
अध्याय १६
६ क
त्वामग्रतः
शान्ति पर्व
अध्याय ४६
२८ ख
त्वामचिराद्धर्षय़िष्यति
आदि पर्व
अध्याय ७८
३० ख
त्वामचूचुदम्
उद्योग पर्व
अध्याय १३३
४ ख
त्वामचूचुदम्
अनुशासन पर्व
अध्याय १
४३ क
त्वामचूचुदम्
अनुशासन पर्व
अध्याय २९
१६ क
त्वामचूचुदम्
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय १६
४१ ग
त्वामजीजनन्मन्दं
उद्योग पर्व
अध्याय १७९
५ ख
त्वामजीजनम्
उद्योग पर्व
अध्याय १३१
२७ ख
त्वामजैषीत्
सभा पर्व
अध्याय ६०
४ क
त्वामतुलप्रभावं;
भीष्म पर्व
अध्याय ४
१२ क
त्वामत्यवर्तत
उद्योग पर्व
अध्याय ९३
५६ ख
त्वामद्धा
कर्ण पर्व
अध्याय २७
६७ ख
त्वामद्य
आदि पर्व
अध्याय २०६
३० ख
त्वामद्य
वन पर्व
अध्याय २७५
१३ क
त्वामद्य
विराट पर्व
अध्याय ६३
३१ क
त्वामद्य
उद्योग पर्व
अध्याय ७
११ क
त्वामद्य
द्रोण पर्व
अध्याय ८५
९२ ख
त्वामद्य
द्रोण पर्व
अध्याय ११७
१८ ख
त्वामद्य
द्रोण पर्व
अध्याय १३१
५६ ख
त्वामद्य
कर्ण पर्व
अध्याय ५
२७ ख
त्वामद्य
कर्ण पर्व
अध्याय १७
५१ ख
त्वामद्य
शल्य पर्व
अध्याय ५५
३४ ख
त्वामद्य
शल्य पर्व
अध्याय ५९
४२ ख
त्वामद्य
अनुशासन पर्व
अध्याय ४१
२३ क