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त्वामद्य
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ६६
९ क
त्वामद्य
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ७७
३० ख
त्वामद्येति
उद्योग पर्व
अध्याय १७८
१३ क
त्वामधर्मज्ञ
सभा पर्व
अध्याय ३८
१२ ख
त्वामधृष्णुमः
आदि पर्व
अध्याय १५८
१६ क
त्वामनागसम्
उद्योग पर्व
अध्याय ७१
१८ क
त्वामनाथवत्
स्त्री पर्व
अध्याय २०
१९ क
त्वामनादृत्य
आदि पर्व
अध्याय १२९
१२ ख
त्वामनिन्दिते
वन पर्व
अध्याय ५८
२९ ख
त्वामनिन्दिते
उद्योग पर्व
अध्याय १२
१६ ख
त्वामनुगच्छति
अनुशासन पर्व
अध्याय २
७९ क
त्वामनुजानामि
भीष्म पर्व
अध्याय ११७
३१ क
त्वामनुजानामि
कर्ण पर्व
अध्याय ५०
२७ क
त्वामनुनेष्यामि
शान्ति पर्व
अध्याय १२४
८ ख
त्वामनुपश्यामि
वन पर्व
अध्याय ६१
२५ ख
त्वामनुपश्यामि
उद्योग पर्व
अध्याय १३२
३४ क
त्वामनुप्राप्तं
भीष्म पर्व
अध्याय ८५
११ ख
त्वामनुप्राप्तः
वन पर्व
अध्याय ११
१४ क
त्वामनुवर्तन्ते
सभा पर्व
अध्याय ६८
१८ क
त्वामनुव्रतः
वन पर्व
अध्याय १४१
१३ क
त्वामनुसम्प्राप्तो
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५६
१२ ख
त्वामनुय़ास्यति
आदि पर्व
अध्याय १०९
२९ ग
त्वामनुय़ास्यन्ति
द्रोण पर्व
अध्याय १३१
८६ ख
त्वामनुय़ास्यन्ति
द्रोण पर्व
अध्याय १४५
६१ ख
त्वामनुय़ास्यामः
उद्योग पर्व
अध्याय १५३
१५ ख
त्वामनुय़ास्यामि
भीष्म पर्व
अध्याय १०४
५० क
त्वामनुय़ास्यामि
सौप्तिक पर्व
अध्याय ४
३ क
त्वामनृतं
भीष्म पर्व
अध्याय १०३
४३ क
त्वामन्त्रय़
वन पर्व
अध्याय २८०
२२ ख
त्वामन्वेतारो
सभा पर्व
अध्याय ५९
१० ख
त्वामपि
द्रोण पर्व
अध्याय ८५
५० क
त्वामपि
शान्ति पर्व
अध्याय १६८
१० ख
त्वामप्यतिक्रान्तः
द्रोण पर्व
अध्याय ६९
२७ क
त्वामप्यतिवलं
शान्ति पर्व
अध्याय २१७
५५ क
त्वामप्यद्य
शल्य पर्व
अध्याय ३२
४४ ख
त्वामप्युपगमिष्यति
शान्ति पर्व
अध्याय २२०
६६ ख
त्वामप्येवं
शान्ति पर्व
अध्याय २२०
४० क
त्वामप्येवङ्गतं
शान्ति पर्व
अध्याय २१७
५९ ख
त्वामभिकामश्च
उद्योग पर्व
अध्याय १२
३० क
त्वामभिकामाहं
आदि पर्व
अध्याय २०६
३२ क
त्वामभिजानन्ति
भीष्म पर्व
अध्याय ६४
८ क
त्वामभिजानामि
आदि पर्व
अध्याय ६८
८० ख
त्वामभिप्रेक्ष्य
उद्योग पर्व
अध्याय १७९
४ क
त्वामभिभविष्यन्ति
अनुशासन पर्व
अध्याय १२१
२३ ख
त्वामभिभाषते
स्त्री पर्व
अध्याय २०
९ क
त्वामभिभाष्टुमर्हा
वन पर्व
अध्याय २५०
२ क
त्वामभिवर्तते
कर्ण पर्व
अध्याय ४३
४८ ग
त्वामभिवादनीय़म्
वन पर्व
अध्याय १११
९ क
त्वामभिवीक्षमाणः
अनुशासन पर्व
अध्याय १०५
५८ क
त्वामभिषिञ्चन्तु
उद्योग पर्व
अध्याय १३८
१६ क
त्वामभिषेकार्थमवतीर्णं
आदि पर्व
अध्याय २०६
१९ क
त्वामभिषेक्ष्यामि
विराट पर्व
अध्याय ३२
४२ ग
त्वामभिसम्प्रेक्ष्य
आदि पर्व
अध्याय १३९
२३ क
त्वामभ्यनुजानामि
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय २२
१९ ख
त्वामर्चितोऽस्तु
आदि पर्व
अध्याय ७१
१९ ख
त्वामर्जुनः
वन पर्व
अध्याय २८५
१६ क
त्वामर्थय़न्ते
उद्योग पर्व
अध्याय ९२
९ क
त्वामर्दय़ेत
कर्ण पर्व
अध्याय २७
३२ ख
त्वामर्धेनानुय़ास्यति
अनुशासन पर्व
अध्याय २
८३ क
त्वामर्होऽस्मि
आदि पर्व
अध्याय ७६
१७ क
त्वामवजानते
उद्योग पर्व
अध्याय ५३
१७ ख
त्वामविषय़े
अनुशासन पर्व
अध्याय ३८
६ क
त्वामवोचं
अनुशासन पर्व
अध्याय ५५
१३ क
त्वामवोचं
अनुशासन पर्व
अध्याय ५५
२२ क
त्वामव्रवीद्राजा
उद्योग पर्व
अध्याय १५८
६ क
त्वामष्टधा
आदि पर्व
अध्याय २२०
२३ ख
त्वामसंशय़म्
आदि पर्व
अध्याय ९२
३५ ख
त्वामसंशय़म्
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५२
२० ख
त्वामहं
आदि पर्व
अध्याय ६५
१३ ख
त्वामहं
आदि पर्व
अध्याय ७६
२० ख
त्वामहं
आदि पर्व
अध्याय ११२
२२ ख
त्वामहं
आदि पर्व
अध्याय १४०
११ क
त्वामहं
आदि पर्व
अध्याय १४५
३३ ख
त्वामहं
आदि पर्व
अध्याय १६०
३७ ख
त्वामहं
वन पर्व
अध्याय १०७
१९ ख
त्वामहं
वन पर्व
अध्याय २४६
३५ ख
त्वामहं
वन पर्व
अध्याय २९०
१५ ख
त्वामहं
उद्योग पर्व
अध्याय १४
२ ख
त्वामहं
उद्योग पर्व
अध्याय १२३
१९ क
त्वामहं
उद्योग पर्व
अध्याय १७२
१५ क
त्वामहं
भीष्म पर्व
अध्याय ११५
४५ ख
त्वामहं
द्रोण पर्व
अध्याय ८५
१८ क
त्वामहं
शल्य पर्व
अध्याय ५
२६ क
त्वामहं
सौप्तिक पर्व
अध्याय ९
२९ क
त्वामहं
शान्ति पर्व
अध्याय ८३
३८ ख
त्वामहं
शान्ति पर्व
अध्याय १५१
४ क
त्वामहं
शान्ति पर्व
अध्याय १७१
४४ ख
त्वामहं
अनुशासन पर्व
अध्याय ४३
१३ ख
त्वामहं
अनुशासन पर्व
अध्याय १३७
९ क
त्वामहं
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ६
६ क
त्वामहं
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय २०
३ क
त्वामहं
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय २०
४ ख
त्वामहं
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ८
२२ क
त्वामहमत्यजम्
वन पर्व
अध्याय ७४
१६ ख
त्वामहमप्रमेय़म्
भीष्म पर्व
अध्याय ३३
४२ ख
त्वामहमीशमीड्यम्
भीष्म पर्व
अध्याय ३३
४४ क
त्वामहमेष्यामि
कर्ण पर्व
अध्याय ५०
३३ क
त्वामहरहर्नानामूर्तिसमास्थितम्
शान्ति पर्व
अध्याय ३२१
२५ ख
त्वामागतं
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय १०
३ ख
त्वामागतं
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ७७
२८ ख