ततस्तथा
वन पर्व
अध्याय १९०
७९ क
ततस्तथा
विराट पर्व
अध्याय ६४
३७ क
ततस्तथा
शान्ति पर्व
अध्याय ८७
२२ क
ततस्तथेति
कर्ण पर्व
अध्याय २४
६२ क
ततस्तथोक्तं
वन पर्व
अध्याय २६१
२७ क
ततस्तथोक्ता
आदि पर्व
अध्याय ११४
९ क
ततस्तदग्र्यं
शान्ति पर्व
अध्याय १६१
४७ क
ततस्तदद्भुतं
शान्ति पर्व
अध्याय ३२३
५२ क
ततस्तदन्नं
वन पर्व
अध्याय २४६
१६ क
ततस्तदपि
आदि पर्व
अध्याय २१६
१८ क
ततस्तदभवद्युद्धं
कर्ण पर्व
अध्याय १७
२२ क
ततस्तदभिचिन्तय़ेत्
शान्ति पर्व
अध्याय २१२
३० ख
ततस्तदमृतं
आदि पर्व
अध्याय १६
४० क
ततस्तदर्थं
वन पर्व
अध्याय २०१
३ क
ततस्तदर्थं
शान्ति पर्व
अध्याय २६५
४ क
ततस्तदर्था
शान्ति पर्व
अध्याय १९४
७ क
ततस्तदस्त्रं
उद्योग पर्व
अध्याय ६१
४ ख
ततस्तदस्त्रं
सौप्तिक पर्व
अध्याय १४
७ क
ततस्तदस्त्रमस्त्रेण
वन पर्व
अध्याय २१
३७ ग
ततस्तदा
सौप्तिक पर्व
अध्याय १२
११ क
ततस्तदा
शान्ति पर्व
अध्याय ११३
१५ क
ततस्तदाज्ञाय़
वन पर्व
अध्याय १७३
१७ क
ततस्तदाज्ञाय़
वन पर्व
अध्याय १८०
३६ क
ततस्तदिरिणं
अनुशासन पर्व
अध्याय १३९
२५ क
ततस्तदेव
शान्ति पर्व
अध्याय २६३
२७ क
ततस्तदौषधीनां
अनुशासन पर्व
अध्याय ९७
२३ क
ततस्तद्दानवं
वन पर्व
अध्याय २२१
४७ क
ततस्तद्दानवानीकं
शान्ति पर्व
अध्याय १६०
५३ क
ततस्तद्दारुणं
वन पर्व
अध्याय २२१
३१ क
ततस्तद्द्रोणपुत्रस्य
द्रोण पर्व
अध्याय १७१
११ क
ततस्तद्धनुरादाय़
वन पर्व
अध्याय १६३
४४ क
ततस्तद्भवनश्रेष्ठं
विराट पर्व
अध्याय २१
५३ क
ततस्तद्भावितो
शान्ति पर्व
अध्याय ३३३
५ क
ततस्तद्युद्धमत्युग्रमभवत्सङ्घचारिणाम्
शल्य पर्व
अध्याय १०
१७ क
ततस्तद्रूपमुत्सृज्य
शान्ति पर्व
अध्याय १६०
४३ क
ततस्तद्रूपवय़समागतं
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ४३
७ क
ततस्तद्वचनं
सभा पर्व
अध्याय ४२
१७ क
ततस्तद्वचनं
द्रोण पर्व
अध्याय ५७
४८ क
ततस्तद्वचनान्मत्स्यो
विराट पर्व
अध्याय ३२
४८ क
ततस्तद्वचनान्मय़ा
आदि पर्व
अध्याय ३
१७१ 6
ततस्तद्वस्त्रमरजः
वन पर्व
अध्याय ७५
१७ क
ततस्तद्वाणवर्षं
भीष्म पर्व
अध्याय ८८
१ क
ततस्तद्विततं
द्रोण पर्व
अध्याय ४०
७ क
ततस्तद्विद्रुतं
वन पर्व
अध्याय २५५
३५ क
ततस्तद्विमुखं
द्रोण पर्व
अध्याय ४१
५ क
ततस्तन्मतमाज्ञाय़
उद्योग पर्व
अध्याय ६५
८ क
ततस्तन्मतमाज्ञाय़
उद्योग पर्व
अध्याय ८१
१४ क
ततस्तपसि
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय १३
१६ ख
ततस्तपोवने
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ४५
३६ क
ततस्तप्त्वा
भीष्म पर्व
अध्याय १११
१० क
ततस्तमः
द्रोण पर्व
अध्याय २९
२३ क
ततस्तमजितं
सभा पर्व
अध्याय २१
२३ क
ततस्तमतिकाय़ेन
वन पर्व
अध्याय २७०
१४ क
ततस्तमपरं
अनुशासन पर्व
अध्याय ६९
१७ क
ततस्तमपि
विराट पर्व
अध्याय ५६
२४ क
ततस्तमपि
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ८४
९ क
ततस्तमभ्यगाद्राजन्राजधर्मा
शान्ति पर्व
अध्याय १६५
२६ क
ततस्तमभ्यनुज्ञाप्य
शल्य पर्व
अध्याय ५२
१५ क
ततस्तमभ्ययात्तूर्णं
द्रोण पर्व
अध्याय २५
४४ क
ततस्तमरिमर्दनम्
आदि पर्व
अध्याय २१३
६० क
ततस्तमव्रवीच्छङ्खस्तपसेदं
शान्ति पर्व
अध्याय २४
२५ क
ततस्तमव्रवीद्राजा
आदि पर्व
अध्याय १८७
२० क
ततस्तमश्विनावूचतुः
आदि पर्व
अध्याय ३
७३ क
ततस्तमहमाविग्नमवोचं
उद्योग पर्व
अध्याय १७
१२ ख
ततस्तमाचार्यसुतं
द्रोण पर्व
अध्याय १३५
२४ क
ततस्तमाश्रमं
वन पर्व
अध्याय १४५
२३ क
ततस्तमिषुजालेन
द्रोण पर्व
अध्याय २४
३५ क
ततस्तमीश्वरादिष्टा
शान्ति पर्व
अध्याय ३३७
२५ ख
ततस्तमुपवर्तन्ते
शान्ति पर्व
अध्याय २०९
१० क
ततस्तमृषिरव्रवीत्
अनुशासन पर्व
अध्याय १०
२७ ख
ततस्तमृषिसङ्घातं
शल्य पर्व
अध्याय ३६
५० क
ततस्तमेकं
भीष्म पर्व
अध्याय ११४
७८ क
ततस्तमेव
वन पर्व
अध्याय १८६
११२ क
ततस्तमेवाधिरथिः
द्रोण पर्व
अध्याय १०९
२१ क
ततस्तव
उद्योग पर्व
अध्याय ११४
६ क
ततस्तव
भीष्म पर्व
अध्याय ७६
३ क
ततस्तव
भीष्म पर्व
अध्याय १११
२३ क
ततस्तव
द्रोण पर्व
अध्याय ६५
५ क
ततस्तव
द्रोण पर्व
अध्याय ९६
४२ क
ततस्तव
द्रोण पर्व
अध्याय १११
१७ क
ततस्तव
द्रोण पर्व
अध्याय १३०
२८ क
ततस्तव
कर्ण पर्व
अध्याय ४०
८६ क
ततस्तव
शल्य पर्व
अध्याय ३१
५४ क
ततस्तस्मात्किञ्चित्तत्रापतद्भुवि
अनुशासन पर्व
अध्याय ८३
५२ ख
ततस्तस्मात्पृष्टश्चाह
शान्ति पर्व
अध्याय १२४
५२ ख
ततस्तस्मादपक्रम्य
शान्ति पर्व
अध्याय ९१
२२ क
ततस्तस्मादवप्लुत्य
भीष्म पर्व
अध्याय ५०
३८ क
ततस्तस्मादाश्रमात्तीर्थ
शल्य पर्व
अध्याय ४७
१७ ख
ततस्तस्माद्भय़ान्मुक्तो
शान्ति पर्व
अध्याय १३६
११८ क
ततस्तस्माद्विमानाग्रात्प्रच्युतश्च्युतभूषणः
वन पर्व
अध्याय १७८
३८ क
ततस्तस्मान्निश्चक्राम
अनुशासन पर्व
अध्याय २
७६ क
ततस्तस्मिंस्तु
आदि पर्व
अध्याय ४६
१४ क
ततस्तस्मिन्क्षणे
आदि पर्व
अध्याय १२६
३६ क
ततस्तस्मिन्क्षणे
भीष्म पर्व
अध्याय ११३
३४ क
ततस्तस्मिन्क्षणे
सौप्तिक पर्व
अध्याय ११
४ क
ततस्तस्मिन्गिरिवरे
आदि पर्व
अध्याय १६२
११ क
ततस्तस्मिन्गिरिश्रेष्ठे
आदि पर्व
अध्याय १६३
१० क
ततस्तस्मिन्दिवं
अनुशासन पर्व
अध्याय ६९
३० क
ततस्तस्मिन्द्रोणपुत्रे
सौप्तिक पर्व
अध्याय ८
२६ क
ततस्तस्मिन्धर्मपुत्रे
कर्ण पर्व
अध्याय ३९
३७ क