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ततोऽन्तरिक्षे
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ९१
१५ क
ततोऽन्तरिक्षेऽप्सरसो
आदि पर्व
अध्याय ९४
९० क
ततोऽन्धकारं
विराट पर्व
अध्याय ३२
२ क
ततोऽन्धकाश्च
मौसल पर्व
अध्याय ४
३६ क
ततोऽन्नं
अनुशासन पर्व
अध्याय ९७
२१ क
ततोऽन्नेनावशेषेण
अनुशासन पर्व
अध्याय १००
१७ क
ततोऽन्यं
कर्ण पर्व
अध्याय ९
३४ क
ततोऽन्यः
शान्ति पर्व
अध्याय २३६
१५ ख
ततोऽन्यतः
शान्ति पर्व
अध्याय १३०
१२ ख
ततोऽन्यत्रैव
शान्ति पर्व
अध्याय २६९
१३ ख
ततोऽन्यत्समरे
शल्य पर्व
अध्याय १६
२१ क
ततोऽन्यत्सुदृढं
द्रोण पर्व
अध्याय ८८
४८ क
ततोऽन्यथा
शान्ति पर्व
अध्याय २८
१७ ख
ततोऽन्यथा
शान्ति पर्व
अध्याय १०८
२५ ख
ततोऽन्यथा
शान्ति पर्व
अध्याय २१५
२३ ख
ततोऽन्यदवदीर्यते
उद्योग पर्व
अध्याय ३५
६० ख
ततोऽन्यदस्त्रं
कर्ण पर्व
अध्याय ६७
९ क
ततोऽन्यद्द्रौणिरादाय़
द्रोण पर्व
अध्याय १३१
९४ क
ततोऽन्यद्धनुरादाय़
उद्योग पर्व
अध्याय १८०
३२ क
ततोऽन्यद्धनुरादाय़
द्रोण पर्व
अध्याय ७३
४१ क
ततोऽन्यद्धनुरादाय़
द्रोण पर्व
अध्याय ९०
२३ क
ततोऽन्यद्धनुरादाय़
द्रोण पर्व
अध्याय १४२
४ क
ततोऽन्यद्धनुरादाय़
शल्य पर्व
अध्याय २५
२० क
ततोऽन्यमग्निसदृशं
कर्ण पर्व
अध्याय ६६
५८ क
ततोऽन्यवृत्तमात्मानं
स्त्री पर्व
अध्याय १२
६ क
ततोऽन्यस्मिन्गते
शान्ति पर्व
अध्याय १६६
५ क
ततोऽन्यस्मिन्वनोद्देशे
अनुशासन पर्व
अध्याय ५४
२० क
ततोऽन्यानि
शान्ति पर्व
अध्याय १५९
३६ क
ततोऽन्यान्समुपाद्रवत्
सौप्तिक पर्व
अध्याय ८
३६ क
ततोऽन्ये
सभा पर्व
अध्याय १३
४ ख
ततोऽन्ये
वन पर्व
अध्याय १४८
२७ क
ततोऽन्ये
उद्योग पर्व
अध्याय ९२
२२ क
ततोऽन्ये
उद्योग पर्व
अध्याय १९७
२० क
ततोऽन्ये
शान्ति पर्व
अध्याय २६२
२० ख
ततोऽन्येनैव
अनुशासन पर्व
अध्याय ९४
३७ ख
ततोऽन्येभ्योऽनुरूपेभ्यः
आदि पर्व
अध्याय १
६३ ख
ततोऽन्येऽपि
कर्ण पर्व
अध्याय ५१
२४ ग
ततोऽन्येऽपीतरे
भीष्म पर्व
अध्याय ५४
२९ क
ततोऽन्यैः
शान्ति पर्व
अध्याय १०४
२६ क
ततोऽन्योन्यं
भीष्म पर्व
अध्याय ९५
४४ क
ततोऽन्योन्यमुक्त्वा
शल्य पर्व
अध्याय ५४
४४ क
ततोऽन्योन्येन
द्रोण पर्व
अध्याय १६
४९ क
ततोऽन्वचिन्तय़महं
शान्ति पर्व
अध्याय ३०६
३२ क
ततोऽन्वधावद्वार्ष्णेय़ं
उद्योग पर्व
अध्याय १५५
१२ ख
ततोऽन्वशात्
आदि पर्व
अध्याय ९२
२० क
ततोऽन्वशासच्चतुरः
विराट पर्व
अध्याय ६१
१६ क
ततोऽन्वारुरुहुः
मौसल पर्व
अध्याय ८
२४ ख
ततोऽन्वेषमाणास्ते
आदि पर्व
अध्याय १२३
२२ क
ततोऽन्वय़ादर्जुनमेव
द्रोण पर्व
अध्याय ११५
१९ ख
ततोऽनय़त्कुञ्जरतां
शान्ति पर्व
अध्याय ११७
२५ क
ततोऽपक्रम्य
वन पर्व
अध्याय १५४
७ क
ततोऽपतत्
महाप्रस्थानिक पर्व
अध्याय २
२१ ख
ततोऽपतत्क्राथशराभिदारितः;
कर्ण पर्व
अध्याय ६२
४६ ख
ततोऽपतत्पुष्पवृष्टिः
सभा पर्व
अध्याय ३६
६ क
ततोऽपतद्रथात्तूर्णं
द्रोण पर्व
अध्याय ९८
३५ क
ततोऽपरं
अनुशासन पर्व
अध्याय २०
३१ क
ततोऽपरम्
वन पर्व
अध्याय १७०
१ क
ततोऽपरश्चतुर्भागो
विराट पर्व
अध्याय ४७
१६ ग
ततोऽपरस्मिन्सम्प्राप्ते
आदि पर्व
अध्याय ३६
८ क
ततोऽपरा
उद्योग पर्व
अध्याय १८२
१० क
ततोऽपरांस्तव
द्रोण पर्व
अध्याय २८
४४ ख
ततोऽपरान्पञ्च
शल्य पर्व
अध्याय १९
१४ क
ततोऽपरान्वाणसङ्घाननेका;
कर्ण पर्व
अध्याय ४७
४ क
ततोऽपराभ्यां
कर्ण पर्व
अध्याय ३५
१३ क
ततोऽपराभ्यां
कर्ण पर्व
अध्याय ४०
११ क
ततोऽपराह्णे
विराट पर्व
अध्याय ६२
९ क
ततोऽपरिज्ञाता
भीष्म पर्व
अध्याय १०
१२ क
ततोऽपरे
वन पर्व
अध्याय १६७
३ क
ततोऽपरे
कर्ण पर्व
अध्याय १३
२१ क
ततोऽपरे
कर्ण पर्व
अध्याय ५४
३ क
ततोऽपरेण
भीष्म पर्व
अध्याय ४९
२७ ख
ततोऽपरेण
भीष्म पर्व
अध्याय ६८
२४ क
ततोऽपरेण
भीष्म पर्व
अध्याय ९७
४८ क
ततोऽपरेण
द्रोण पर्व
अध्याय ८२
६ क
ततोऽपरेण
द्रोण पर्व
अध्याय ९१
३१ क
ततोऽपरेण
द्रोण पर्व
अध्याय १३७
१८ क
ततोऽपरेण
कर्ण पर्व
अध्याय १०
१३ क
ततोऽपरेण
कर्ण पर्व
अध्याय ३७
७ ग
ततोऽपरेण
शल्य पर्व
अध्याय १२
१४ क
ततोऽपरेण
शल्य पर्व
अध्याय १६
२३ क
ततोऽपरेण
शल्य पर्व
अध्याय २०
२४ ग
ततोऽपरेण
शल्य पर्व
अध्याय २५
८ क
ततोऽपरेण
शल्य पर्व
अध्याय २५
१३ क
ततोऽपरैः
द्रोण पर्व
अध्याय ६८
६२ क
ततोऽपरैरवार्यन्त
वन पर्व
अध्याय २३०
६ क
ततोऽपरैस्त्रिभिर्वाणैर्द्रौणिं
शल्य पर्व
अध्याय १३
३३ क
ततोऽपरो
शान्ति पर्व
अध्याय १२४
५० क
ततोऽपवाहितं
शल्य पर्व
अध्याय ४१
३५ क
ततोऽपश्यं
वन पर्व
अध्याय २२
२२ क
ततोऽपश्यं
वन पर्व
अध्याय १६४
४९ क
ततोऽपश्यं
वन पर्व
अध्याय १७०
३९ क
ततोऽपश्यं
वन पर्व
अध्याय २८१
६९ ख
ततोऽपश्यं
उद्योग पर्व
अध्याय १८०
६ क
ततोऽपश्यं
उद्योग पर्व
अध्याय १८३
१२ क
ततोऽपश्यं
उद्योग पर्व
अध्याय १८६
५ क
ततोऽपश्यं
शल्य पर्व
अध्याय २१
४३ क
ततोऽपश्यंस्तस्य
वन पर्व
अध्याय २५३
२३ क
ततोऽपश्यत
शान्ति पर्व
अध्याय २६३
३० क
ततोऽपश्यत्केशिनं
वन पर्व
अध्याय २१३
८ ख
ततोऽपश्यत्त्रिदशान्राजपुत्री;
वन पर्व
अध्याय २९०
२० क