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द्रष्टुं
अनुशासन पर्व
अध्याय १०५
५३ ख
द्रष्टुं
अनुशासन पर्व
अध्याय १२६
३४ ख
द्रष्टुं
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ६
१५ ख
द्रष्टुं
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५१
४२ ख
द्रष्टुं
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५६
१७ क
द्रष्टुं
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ३२
२ ख
द्रष्टुं
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ३५
२५ ख
द्रष्टुं
मौसल पर्व
अध्याय ६
३ ख
द्रष्टुं
मौसल पर्व
अध्याय ८
२ ख
द्रष्टुकामं
उद्योग पर्व
अध्याय ९२
२४ क
द्रष्टुकामं
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ७२
९ ख
द्रष्टुकामः
सभा पर्व
अध्याय ३२
९ ख
द्रष्टुकामस्य
आदि पर्व
अध्याय २०३
२३ क
द्रष्टुकामा
वन पर्व
अध्याय १४१
३० ख
द्रष्टुकामा
अनुशासन पर्व
अध्याय २७
३ ख
द्रष्टुकामाः
आदि पर्व
अध्याय १९८
२३ ख
द्रष्टुकामाः
सभा पर्व
अध्याय ३१
३ ख
द्रष्टुकामास्तदद्भुतम्
वन पर्व
अध्याय १०२
२० ख
द्रष्टुकामेन
सभा पर्व
अध्याय ६५
१२ ख
द्रष्टुकामो
वन पर्व
अध्याय १४
१६ ख
द्रष्टुकामो
द्रोण पर्व
अध्याय ९२
३४ ख
द्रष्टुकामो
द्रोण पर्व
अध्याय १०३
२४ क
द्रष्टुकामो
शान्ति पर्व
अध्याय ३४८
२ क
द्रष्टुकामोऽस्मि
शल्य पर्व
अध्याय ३३
५ ग
द्रष्टुमगमत्सर्वास्वन्यासु
अनुशासन पर्व
अध्याय ११९
८ ख
द्रष्टुमञ्जसा
शान्ति पर्व
अध्याय ३२३
३० क
द्रष्टुमतः
आदि पर्व
अध्याय १३८
२० क
द्रष्टुमत्युग्रकर्माणं
भीष्म पर्व
अध्याय १९
१२ ख
द्रष्टुमथ
आदि पर्व
अध्याय ६४
२५ ग
द्रष्टुमद्य
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५६
१८ ख
द्रष्टुमनेनैव
भीष्म पर्व
अध्याय ३३
८ क
द्रष्टुमन्तरं
अनुशासन पर्व
अध्याय ५३
२५ ख
द्रष्टुमप्युत
वन पर्व
अध्याय १४०
३ क
द्रष्टुमभ्यगात्
मौसल पर्व
अध्याय ६
१५ ख
द्रष्टुमभ्ययुः
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय २६
१ क
द्रष्टुमभ्यागतो
शान्ति पर्व
अध्याय ३४९
१० ख
द्रष्टुमर्चितुं
विराट पर्व
अध्याय ६४
३१ क
द्रष्टुमर्हति
आदि पर्व
अध्याय १५८
४२ ख
द्रष्टुमर्हति
शान्ति पर्व
अध्याय ३२१
१२ ख
द्रष्टुमर्हति
शान्ति पर्व
अध्याय ३२३
१८ ग
द्रष्टुमर्हथ
वन पर्व
अध्याय २४२
१० ग
द्रष्टुमर्हसि
वन पर्व
अध्याय २०४
४ ख
द्रष्टुमर्हसि
शान्ति पर्व
अध्याय ३२३
५३ ख
द्रष्टुमर्हसि
शान्ति पर्व
अध्याय ३४८
८ क
द्रष्टुमर्हसि
महाप्रस्थानिक पर्व
अध्याय १
३ ख
द्रष्टुमर्हसीत्येवं
वन पर्व
अध्याय ५६
१५ ग
द्रष्टुमस्त्राणि
वन पर्व
अध्याय ८४
६ ग
द्रष्टुमस्माभिर्वा
शान्ति पर्व
अध्याय ३२३
१८ ख
द्रष्टुमहं
भीष्म पर्व
अध्याय ३३
४६ क
द्रष्टुमागच्छन्निवारय़ितुमातुरम्
वन पर्व
अध्याय ५६
११ ख
द्रष्टुमागतः
वन पर्व
अध्याय ४२
८ ख
द्रष्टुमागतः
शान्ति पर्व
अध्याय १९२
१९ क
द्रष्टुमागमत्
शान्ति पर्व
अध्याय ८३
११ क
द्रष्टुमागमन्
शान्ति पर्व
अध्याय २७२
१६ ख
द्रष्टुमावभौ
द्रोण पर्व
अध्याय १
२९ ख
द्रष्टुमाशा
शान्ति पर्व
अध्याय १२६
१७ क
द्रष्टुमाय़ोधनं
कर्ण पर्व
अध्याय ६९
२८ क
द्रष्टुमिच्छति
वन पर्व
अध्याय ४३
११ क
द्रष्टुमिच्छति
वन पर्व
अध्याय १६४
३२ ख
द्रष्टुमिच्छति
वन पर्व
अध्याय २३१
१८ ख
द्रष्टुमिच्छति
उद्योग पर्व
अध्याय ३३
४ ख
द्रष्टुमिच्छति
शान्ति पर्व
अध्याय १६४
२३ ख
द्रष्टुमिच्छति
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५१
४० ख
द्रष्टुमिच्छसि
अनुशासन पर्व
अध्याय १४
४६ ख
द्रष्टुमिच्छामहे
वन पर्व
अध्याय ९१
१० ग
द्रष्टुमिच्छामि
वन पर्व
अध्याय ११५
४ ख
द्रष्टुमिच्छामि
वन पर्व
अध्याय १५७
२४ ख
द्रष्टुमिच्छामि
उद्योग पर्व
अध्याय ३३
१ ख
द्रष्टुमिच्छामि
उद्योग पर्व
अध्याय १०५
१५ ख
द्रष्टुमिच्छामि
भीष्म पर्व
अध्याय ३३
३ ख
द्रष्टुमिच्छामि
कर्ण पर्व
अध्याय ४५
६६ ख
द्रष्टुमिच्छामि
शान्ति पर्व
अध्याय ३४५
६ ख
द्रष्टुमिच्छामि
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५०
४९ ख
द्रष्टुमिच्छामि
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५४
३ ख
द्रष्टुमिच्छामि
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५४
८ ख
द्रष्टुमिच्छामि
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ६०
२५ ख
द्रष्टुमिच्छामि
मौसल पर्व
अध्याय ८
६ ख
द्रष्टुमिच्छामि
स्वर्गारोहण पर्व
अध्याय १
२३ क
द्रष्टुमिच्छामि
स्वर्गारोहण पर्व
अध्याय १
२६ ख
द्रष्टुमिच्छामि
स्वर्गारोहण पर्व
अध्याय २
९ क
द्रष्टुमिच्छामि
स्वर्गारोहण पर्व
अध्याय २
११ क
द्रष्टुमिच्छे
अनुशासन पर्व
अध्याय ३१
४४ ख
द्रष्टुमिच्छेत्त्रिषु
आदि पर्व
अध्याय १५८
४२ क
द्रष्टुमिच्छेथास्त्वं
वन पर्व
अध्याय ६३
२२ क
द्रष्टुमिति
भीष्म पर्व
अध्याय ३३
४ क
द्रष्टुमिन्द्रिय़ेषु
शान्ति पर्व
अध्याय १८७
५६ क
द्रष्टुमिन्द्रिय़ैः
शान्ति पर्व
अध्याय २४०
१४ क
द्रष्टुमिहागतम्
शान्ति पर्व
अध्याय ३४९
५ क
द्रष्टुमिहाद्य
मौसल पर्व
अध्याय ५
८ ख
द्रष्टुमीदृङ्नृलोके
अनुशासन पर्व
अध्याय ९६
१३ ख
द्रष्टुमुभौ
अनुशासन पर्व
अध्याय १२६
१० ख
द्रष्टुमृषय़ोऽभ्यागता
उद्योग पर्व
अध्याय ९२
४२ क
द्रष्टुमेनं
भीष्म पर्व
अध्याय २
६ क
द्रष्टुमेष
वन पर्व
अध्याय १०९
१४ क
द्रष्टुमौशीनरं
उद्योग पर्व
अध्याय ११६
२ ख
द्रष्टुम्
आदि पर्व
अध्याय ३
११२ घ
द्रष्टुम्
शान्ति पर्व
अध्याय २८८
३४ क
द्रष्टॄणां
द्रोण पर्व
अध्याय १४२
३८ ख
द्राग्भ्राजद्भिरितस्ततः
आदि पर्व
अध्याय ९६
१७ क
द्राजन्दुःखात्कुररीणामिवोच्चैः
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय २१
११ क