नानालिङ्गाश्रमस्थानां
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ३३
६ क
नानालिङ्गैः
द्रोण पर्व
अध्याय १९
३० ख
नानालिङ्गैः
द्रोण पर्व
अध्याय ३५
२१ क
नानालिङ्गैः
कर्ण पर्व
अध्याय ५५
१९ क
नानालिङ्गैरमर्षणः
द्रोण पर्व
अध्याय १७१
४७ क
नानालिङ्गैस्तदामित्रान्क्रुद्धे
द्रोण पर्व
अध्याय २६
२६ ख
नानावक्त्रास्तथा
सौप्तिक पर्व
अध्याय ८
१३३ ख
नानावनोद्देशवती
वन पर्व
अध्याय २२६
८ ग
नानावरणसञ्छन्नैर्नानाय़ुधधरैस्तथा
आदि पर्व
अध्याय १६५
३७ ख
नानावर्णत्वमनय़न्मेघानिव
अनुशासन पर्व
अध्याय ७६
२१ ख
नानावर्णत्वमागताः
अनुशासन पर्व
अध्याय १२८
११ ख
नानावर्णधरैश्चित्रं
वन पर्व
अध्याय १४६
१८ क
नानावर्णमृगप्रख्यैः
अनुशासन पर्व
अध्याय १२७
६ ख
नानावर्णविचित्राभिः
भीष्म पर्व
अध्याय ७५
५३ ख
नानावर्णविचित्राभिः
कर्ण पर्व
अध्याय १७
११४ क
नानावर्णविरागाभिर्विवभुः
द्रोण पर्व
अध्याय ८०
५ ख
नानावर्णा
आदि पर्व
अध्याय ४७
२५ क
नानावर्णा
भीष्म पर्व
अध्याय ८६
१६ क
नानावर्णा
कर्ण पर्व
अध्याय ३१
४९ ख
नानावर्णाः
शल्य पर्व
अध्याय ४४
१०१ ख
नानावर्णाः
अनुशासन पर्व
अध्याय ८०
१५ ख
नानावर्णाकृतीनि
भीष्म पर्व
अध्याय ३३
५ ख
नानावर्णाश्च
कर्ण पर्व
अध्याय २४
७६ क
नानावर्णास्तदा
वन पर्व
अध्याय २१४
२९ क
नानावर्णैर्हता
कर्ण पर्व
अध्याय ४३
५९ ख
नानावर्णैर्हय़श्रेष्ठैर्हेमचित्ररथध्वजाः
द्रोण पर्व
अध्याय २२
३६ ख
नानावर्णैर्हय़ोत्तमैः
द्रोण पर्व
अध्याय २१
२९ ख
नानावर्मभिराच्छन्ना
शल्य पर्व
अध्याय ४४
९७ ग
नानावलाहकाः
द्रोण पर्व
अध्याय २५
९ ख
नानावस्थाश्च
कर्ण पर्व
अध्याय ४०
१०७ ख
नानावाक्यसमाहारसमवाय़विशारदैः
आदि पर्व
अध्याय ६४
३६ क
नानावाचो
द्रोण पर्व
अध्याय १५९
१९ क
नानावादित्रघोषाश्च
कर्ण पर्व
अध्याय ३२
८३ क
नानावादित्रघोषेण
द्रोण पर्व
अध्याय ६९
७४ ख
नानावादित्रनादश्च
कर्ण पर्व
अध्याय ३२
२८ क
नानावादित्रनिनदैः
द्रोण पर्व
अध्याय ३५
१७ क
नानावादित्रशव्देन
शल्य पर्व
अध्याय ११
२७ ख
नानावादित्रसंह्रादैः
द्रोण पर्व
अध्याय ६४
२७ क
नानावाद्यस्वनेन
द्रोण पर्व
अध्याय २१
९ क
नानावाद्यानि
कर्ण पर्व
अध्याय ५६
४६ ख
नानावाहनकार्मुकम्
वन पर्व
अध्याय २१६
४ ख
नानावाहुषु
उद्योग पर्व
अध्याय १२९
१० ख
नानाविकृतदर्शनाः
द्रोण पर्व
अध्याय ६८
३७ ख
नानाविचित्रवेषाश्च
शल्य पर्व
अध्याय ४५
३९ ख
नानाविचित्रहसितक्ष्वेडितोत्क्रुष्टगर्जितैः
सौप्तिक पर्व
अध्याय ७
४६ क
नानाविद्याश्च
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५०
१६ क
नानाविधं
वन पर्व
अध्याय ११७
५ क
नानाविधं
मौसल पर्व
अध्याय ४
७ ख
नानाविधदेशजाता;
शल्य पर्व
अध्याय ३४
३० ख
नानाविधरवैर्हृष्टा
कर्ण पर्व
अध्याय ८
२० ख
नानाविधवाद्यशव्दा;
शल्य पर्व
अध्याय १६
८७ ख
नानाविधविभूषणः
उद्योग पर्व
अध्याय १०१
३ क
नानाविधविभूषणाः
उद्योग पर्व
अध्याय १०१
४ क
नानाविधशस्त्रवन्ति
भीष्म पर्व
अध्याय ७६
१४ क
नानाविधशस्त्रवेष्टिताः
कर्ण पर्व
अध्याय ६०
२८ क
नानाविधसरूपता
अनुशासन पर्व
अध्याय ४०
४३ ख
नानाविधसुरूपाभिर्नानारागाभिरेव
अनुशासन पर्व
अध्याय ११०
१२५ क
नानाविधा
अनुशासन पर्व
अध्याय ७२
२ क
नानाविधांश्चैव
उद्योग पर्व
अध्याय २८
९ ख
नानाविधाः
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय १६
३१ ख
नानाविधाकारा
उद्योग पर्व
अध्याय १०१
४ क
नानाविधाकाराः
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ७०
१२ क
नानाविधाकारास्तिमय़ो
उद्योग पर्व
अध्याय ९७
८ क
नानाविधाकारैरग्निभिर्निचितां
वन पर्व
अध्याय १२९
५ क
नानाविधानग्नीन्प्रवक्ष्यामि
वन पर्व
अध्याय २०७
२० क
नानाविधानां
उद्योग पर्व
अध्याय ८८
५७ ख
नानाविधानां
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ७३
२६ ख
नानाविधानि
उद्योग पर्व
अध्याय ८८
५४ ख
नानाविधानि
भीष्म पर्व
अध्याय ३३
५ ख
नानाविधानि
भीष्म पर्व
अध्याय ८९
२८ क
नानाविधानि
भीष्म पर्व
अध्याय ९०
११ क
नानाविधानि
भीष्म पर्व
अध्याय ९०
२५ ख
नानाविधानि
भीष्म पर्व
अध्याय ९२
५३ क
नानाविधानि
द्रोण पर्व
अध्याय १८
१७ ख
नानाविधानि
द्रोण पर्व
अध्याय ८८
१५ क
नानाविधानि
कर्ण पर्व
अध्याय १४
३५ क
नानाविधानीह
कर्ण पर्व
अध्याय २८
४८ ख
नानाविधान्यनीकानि
भीष्म पर्व
अध्याय ११२
६२ क
नानाविधान्यनीकानि
द्रोण पर्व
अध्याय २९
३४ क
नानाविधान्वहून्
सभा पर्व
अध्याय ६
७ क
नानाविधाश्रय़ाः
अनुशासन पर्व
अध्याय १०१
७ क
नानाविधास्तत्र
आदि पर्व
अध्याय १६
२५ क
नानाविधास्तथा
वन पर्व
अध्याय २४७
२७ क
नानाविधे
शान्ति पर्व
अध्याय १९४
११ ख
नानाविधैर्मृगैर्जुष्टान्वानरैश्चोपशोभितान्
वन पर्व
अध्याय १४५
१४ ख
नानाविधैर्वाणैरिष्वासप्रवरो
कर्ण पर्व
अध्याय १४
६२ क
नानाविधैश्च
द्रोण पर्व
अध्याय ६९
६४ क
नानाविधैश्च
अनुशासन पर्व
अध्याय २०
३७ क
नानाविधैश्च
अनुशासन पर्व
अध्याय ९५
१६ क
नानाविरागवसना
कर्ण पर्व
अध्याय ८
१६ ख
नानाविरागवसनाश्चित्रमाल्यानुलेपनाः
सौप्तिक पर्व
अध्याय ७
३४ ख
नानाविर्याः
शान्ति पर्व
अध्याय २२४
४१ क
नानाविषहतस्य
कर्ण पर्व
अध्याय २७
८४ क
नानावुद्धिरुचीँल्लोके
अनुशासन पर्व
अध्याय १२५
२७ क
नानावृक्षगणाय़ुतम्
अनुशासन पर्व
अध्याय १०
६ क
नानावृक्षभुजाः
शल्य पर्व
अध्याय ४४
८७ क
नानावृक्षसमाकीर्णं
आदि पर्व
अध्याय ६४
१६ क
नानावृत्तिर्देहिनां
शान्ति पर्व
अध्याय २५०
३९ ख
नानावृत्तेषु
अनुशासन पर्व
अध्याय ४८
४५ क
नानावेशसमावृतैः
शल्य पर्व
अध्याय ६२
४१ क