पश्चात्पक्षिहा
सभा पर्व
अध्याय ५५
१४ ख
पश्चात्पदवीं
द्रोण पर्व
अध्याय ८७
२६ ख
पश्चात्परितप्यते
शान्ति पर्व
अध्याय ११२
६३ ख
पश्चात्पर्णादं
वन पर्व
अध्याय ६८
१७ क
पश्चात्पर्यदेवय़दातुरः
सौप्तिक पर्व
अध्याय १०
९ ख
पश्चात्पाञ्चालैरभिरक्षितः
भीष्म पर्व
अध्याय १०४
६ ख
पश्चात्पुंस्त्वमुपागतः
भीष्म पर्व
अध्याय १०३
७६ क
पश्चात्पुत्रं
भीष्म पर्व
अध्याय १०६
३७ ख
पश्चात्पुरस्ताच्च
द्रोण पर्व
अध्याय १३८
२६ क
पश्चात्पुरोचनपुरस्कृताः
आदि पर्व
अध्याय १३४
८ ख
पश्चात्प्रकुर्वीत
अनुशासन पर्व
अध्याय १००
१५ ख
पश्चात्प्रतिवुद्धा
आदि पर्व
अध्याय १३८
३१ क
पश्चात्प्रत्यविध्यत्स्तनान्तरे
विराट पर्व
अध्याय ५६
२२ क
पश्चात्प्रमाणं
वन पर्व
अध्याय २७८
२७ ख
पश्चात्प्रवर्तते
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय २६
१३ क
पश्चात्प्रविवेश
वन पर्व
अध्याय १३८
१९ ख
पश्चात्प्रसीदति
शान्ति पर्व
अध्याय ८४
३० ख
पश्चात्प्रस्थातासि
शान्ति पर्व
अध्याय २५
५ ख
पश्चात्प्रहरणं
द्रोण पर्व
अध्याय ४७
२९ ख
पश्चात्प्राप
कर्ण पर्व
अध्याय ३८
२९ ख
पश्चात्प्राप्नोति
वन पर्व
अध्याय ३३
२३ क
पश्चात्प्राप्स्यसि
वन पर्व
अध्याय १२८
१६ ख
पश्चात्स
अनुशासन पर्व
अध्याय २४
३२ ख
पश्चात्स
अनुशासन पर्व
अध्याय १२९
२९ ख
पश्चात्संसाधय़त्यर्थं
भीष्म पर्व
अध्याय ४
२२ ख
पश्चात्संसाधय़त्यर्थं
शान्ति पर्व
अध्याय १०३
१५ ख
पश्चात्सततं
कर्ण पर्व
अध्याय २२
५२ ख
पश्चात्सन्ध्यां
स्वर्गारोहण पर्व
अध्याय ५
३७ ख
पश्चात्समापेतुरृषय़ः
शल्य पर्व
अध्याय ३६
४८ क
पश्चात्सहस्राय़ुतशो
उद्योग पर्व
अध्याय १९७
२० क
पश्चात्सहिताः
विराट पर्व
अध्याय ३०
२५ ख
पश्चात्साध्व्यनुगच्छति
आदि पर्व
अध्याय ६८
४५ ख
पश्चात्सुदक्षिणः
भीष्म पर्व
अध्याय १०४
१४ क
पश्चात्स्थास्यामि
विराट पर्व
अध्याय ४७
१९ ख
पश्चात्स्वर्गमुपैति
स्वर्गारोहण पर्व
अध्याय ३
१२ ग
पश्चात्स्वसोदर्यं
शान्ति पर्व
अध्याय १
३७ क
पश्चात्स्वेन
भीष्म पर्व
अध्याय १०४
८ क
पश्चादग्रतश्च
उद्योग पर्व
अध्याय १९७
१७ ग
पश्चादङ्गुलय़ो
सौप्तिक पर्व
अध्याय ८
१२९ क
पश्चादतिमात्रसारिणी
शान्ति पर्व
अध्याय ५२
३२ क
पश्चादथ
शान्ति पर्व
अध्याय २६७
१७ ख
पश्चादथोक्तवान्
सौप्तिक पर्व
अध्याय १२
९ क
पश्चादनवलोकय़न्
शान्ति पर्व
अध्याय ९
१९ क
पश्चादनुज्ञाता
आदि पर्व
अध्याय ६३
१० ख
पश्चादनुमतस्तेन
शान्ति पर्व
अध्याय २९७
२ ख
पश्चादनुय़ातस्तवानुजम्
द्रोण पर्व
अध्याय १०२
३९ ख
पश्चादनुय़ास्यामि
शल्य पर्व
अध्याय ४
२२ ख
पश्चादन्धो
वन पर्व
अध्याय २७८
७ ख
पश्चादन्ये
शान्ति पर्व
अध्याय ६४
२० ख
पश्चादपि
उद्योग पर्व
अध्याय ३९
२६ क
पश्चादपि
शान्ति पर्व
अध्याय २७७
२१ ख
पश्चादपि
अनुशासन पर्व
अध्याय ११६
१८ ख
पश्चादपि
अनुशासन पर्व
अध्याय ११६
४६ क
पश्चादर्जुनमभ्यरक्षं;
उद्योग पर्व
अध्याय २३
२६ क
पश्चादर्जुनेनाभिरक्षितः
भीष्म पर्व
अध्याय १९
२२ क
पश्चादवर्तन्त
उद्योग पर्व
अध्याय १९६
१० ख
पश्चादवासृजत्
वन पर्व
अध्याय २६७
५३ ख
पश्चादश्रौषमच्युत
वन पर्व
अध्याय २३
१६ ख
पश्चादस्मान्समाह्वय़ेः
उद्योग पर्व
अध्याय ५
९ ख
पश्चादस्याभवद्राजन्नात्मनः
शान्ति पर्व
अध्याय ३३१
२१ क
पश्चादहं
उद्योग पर्व
अध्याय ३०
४४ ख
पश्चादहः
उद्योग पर्व
अध्याय १०८
२ क
पश्चादहमथारोक्ष्ये
वन पर्व
अध्याय ४३
१८ ख
पश्चादापन्न
सौप्तिक पर्व
अध्याय १०
१३ क
पश्चादार्जुनिरन्वगात्
द्रोण पर्व
अध्याय ४८
३६ ख
पश्चादाह्वय़न्तो
द्रोण पर्व
अध्याय २६
१० क
पश्चादिति
शान्ति पर्व
अध्याय १
३० ख
पश्चादिदं
आदि पर्व
अध्याय १७६
३६ क
पश्चादिदं
आदि पर्व
अध्याय १९४
२२ ख
पश्चादिदमभाषत
आदि पर्व
अध्याय १२९
११ ख
पश्चादिदमभाषत
वन पर्व
अध्याय ६८
७ ख
पश्चादिमां
आदि पर्व
अध्याय १४१
१६ ख
पश्चादिमानपि
आदि पर्व
अध्याय १४१
१६ क
पश्चादुपाद्रवत्
भीष्म पर्व
अध्याय १०४
८ ख
पश्चादेनं
सभा पर्व
अध्याय ५७
१४ ख
पश्चादेष
विराट पर्व
अध्याय ५०
२२ क
पश्चाद्गङ्गां
अनुशासन पर्व
अध्याय २७
२९ ख
पश्चाद्गजानीकेन
भीष्म पर्व
अध्याय १०४
१३ क
पश्चाद्गृहस्थो
शान्ति पर्व
अध्याय ३७
२७ ख
पश्चाद्दध्यौ
शान्ति पर्व
अध्याय ५३
२ ख
पश्चाद्दिवमेवोत्पपात
वन पर्व
अध्याय २९४
३९ ख
पश्चाद्देवान्सन्तर्पय़न्ति
अनुशासन पर्व
अध्याय ८७
५ क
पश्चाद्द्रौणिर्न्यपातय़त्
सौप्तिक पर्व
अध्याय ८
६८ क
पश्चाद्द्विजश्रेष्ठं
आदि पर्व
अध्याय ५४
१७ ख
पश्चाद्धर्मं
उद्योग पर्व
अध्याय ९
३१ क
पश्चाद्धृतिमानगच्छत्परमां
द्रोण पर्व
अध्याय ७
३१ ख
पश्चाद्धृदय़शोषिणीम्
उद्योग पर्व
अध्याय ५८
१७ ख
पश्चाद्धृष्टद्युम्नो
भीष्म पर्व
अध्याय १९
२७ क
पश्चाद्भरतसत्तम
शल्य पर्व
अध्याय ६१
९ ख
पश्चाद्भुङ्क्ते
वन पर्व
अध्याय ४
७ ख
पश्चाद्भुञ्जीत
अनुशासन पर्व
अध्याय १०७
८९ ख
पश्चाद्भूतकृता
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५०
१० ख
पश्चाद्भोजनं
अनुशासन पर्व
अध्याय १२८
४२ क
पश्चाद्यज्ञैर्विपुलदक्षिणैः
वन पर्व
अध्याय ३४
७५ ख
पश्चाद्रथस्य
द्रोण पर्व
अध्याय ६९
२१ ख
पश्चाद्राजानस्त्यक्तजीविताः
उद्योग पर्व
अध्याय १४८
२ ख
पश्चाद्राजाप्यक्षौहिणीवृतः
भीष्म पर्व
अध्याय १९
१९ क
पश्चाद्रुक्मरथो
कर्ण पर्व
अध्याय ४
५ ख
पश्चाद्वक्तव्यं
शान्ति पर्व
अध्याय ३०८
८३ क
पश्चाद्वहून्वर्षगणानभूत्
शान्ति पर्व
अध्याय २६३
३५ क