सोऽभिगम्य
शान्ति पर्व
अध्याय ४५
१६ क
सोऽभिगम्य
शान्ति पर्व
अध्याय ३१४
२८ क
सोऽभिगम्य
शान्ति पर्व
अध्याय ३४५
३ क
सोऽभिगम्य
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ८९
१३ क
सोऽभिगम्याव्रवीद्वाक्यं
उद्योग पर्व
अध्याय १९३
४९ क
सोऽभिगम्याव्रवीद्विन्ध्यं
वन पर्व
अध्याय १०२
१० ख
सोऽभिगम्याश्रमं
शान्ति पर्व
अध्याय २४
५ क
सोऽभिगर्जन्धनुष्पाणिर्ज्यां
द्रोण पर्व
अध्याय ४०
१ क
सोऽभिजघानाशु
द्रोण पर्व
अध्याय २०
६ ख
सोऽभिजात्या
द्रोण पर्व
अध्याय ८५
६५ क
सोऽभितुष्टाव
आदि पर्व
अध्याय २२०
२१ ख
सोऽभिदुद्राव
वन पर्व
अध्याय १५७
६४ ख
सोऽभिनद्वाह्लिकं
द्रोण पर्व
अध्याय ३१
१ ख
सोऽभिनिर्याय़
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ७४
३ क
सोऽभिपत्य
सभा पर्व
अध्याय ५२
२ क
सोऽभिपत्य
वन पर्व
अध्याय २७१
११ क
सोऽभिपत्य;
कर्ण पर्व
अध्याय ६२
२६ क
सोऽभिभवेत्परं
सभा पर्व
अध्याय ५३
५ क
सोऽभिमन्त्र्य
द्रोण पर्व
अध्याय १७२
१५ ख
सोऽभिमन्युं
द्रोण पर्व
अध्याय ४३
९ क
सोऽभिमन्युं
द्रोण पर्व
अध्याय ४४
१२ क
सोऽभिमन्युर्नृसिंहस्य
स्वर्गारोहण पर्व
अध्याय ५
१६ ख
सोऽभिमुखं
शल्य पर्व
अध्याय १६
२३ ख
सोऽभिरक्षतु
शान्ति पर्व
अध्याय ४९
७० ख
सोऽभिरूपानुपस्थितान्
शान्ति पर्व
अध्याय ३९
१५ ख
सोऽभिवाद्य
आदि पर्व
अध्याय १०५
२५ क
सोऽभिवाद्य
आदि पर्व
अध्याय २०५
२३ क
सोऽभिवाद्य
वन पर्व
अध्याय १०६
३० क
सोऽभिवाद्य
विराट पर्व
अध्याय ६४
१ ख
सोऽभिवाद्य
भीष्म पर्व
अध्याय ४१
६३ क
सोऽभिवाद्य
शान्ति पर्व
अध्याय ३१८
६१ क
सोऽभिवाद्य
अनुशासन पर्व
अध्याय १५२
११ क
सोऽभिवाद्य
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ८९
२३ क
सोऽभिवीक्ष्य
आदि पर्व
अध्याय ६४
३० क
सोऽभिवीक्ष्य
आदि पर्व
अध्याय १६५
१४ ख
सोऽभिवीक्ष्य
द्रोण पर्व
अध्याय ४
१४ क
सोऽभिवीक्ष्य
द्रोण पर्व
अध्याय १५३
१९ क
सोऽभिषिक्तः
वन पर्व
अध्याय २१८
३६ क
सोऽभिषिक्तः
वन पर्व
अध्याय २७५
६६ क
सोऽभिषिक्तो
वन पर्व
अध्याय १२६
३२ क
सोऽभिषिक्तो
वन पर्व
अध्याय २१८
२३ क
सोऽभिषिक्तो
उद्योग पर्व
अध्याय १५३
२६ ख
सोऽभिषिक्तो
शल्य पर्व
अध्याय ६४
४१ क
सोऽभिषिक्तो
अनुशासन पर्व
अध्याय १०३
३४ क
सोऽभिषिक्तो
अनुशासन पर्व
अध्याय १५३
३ क
सोऽभिषिच्येत
अनुशासन पर्व
अध्याय ८५
५९ ख
सोऽभिसन्धाय़
आदि पर्व
अध्याय १५५
३३ क
सोऽभिसृत्य
शल्य पर्व
अध्याय ३
८ क
सोऽभिसृत्य
शान्ति पर्व
अध्याय १२२
७ क
सोऽभू;
शल्य पर्व
अध्याय १६
५० ख
सोऽभ्यगच्छत
उद्योग पर्व
अध्याय १९३
४० क
सोऽभ्यगच्छत
शल्य पर्व
अध्याय ६२
७३ क
सोऽभ्यगच्छदरिन्दमः
उद्योग पर्व
अध्याय ८८
१ ख
सोऽभ्यगच्छन्महातेजास्तानृषीन्निय़तः
वन पर्व
अध्याय १४५
३१ क
सोऽभ्यगात्
शल्य पर्व
अध्याय १०
५२ ख
सोऽभ्यगात्सह
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ७८
२२ क
सोऽभ्यगात्सुरसत्तमम्
शान्ति पर्व
अध्याय २७८
१० ख
सोऽभ्यघ्नन्मागधः
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ८३
१६ क
सोऽभ्यचोदय़त्
विराट पर्व
अध्याय ६३
२२ ग
सोऽभ्यताडय़त्
द्रोण पर्व
अध्याय ७९
३१ ख
सोऽभ्यदीदिपत्
शान्ति पर्व
अध्याय १४२
३० ख
सोऽभ्यद्रवद्देवान्क्रुद्धो
अनुशासन पर्व
अध्याय १४५
१७ क
सोऽभ्यद्रवद्भीष्ममनीकमध्ये;
भीष्म पर्व
अध्याय ५५
८८ क
सोऽभ्यधावत
वन पर्व
अध्याय २९६
२४ ख
सोऽभ्यनुज्ञातो
वन पर्व
अध्याय २१९
२५ ख
सोऽभ्यनुज्ञाप्य
आदि पर्व
अध्याय २०५
३० क
सोऽभ्यपद्यत
शान्ति पर्व
अध्याय २६३
३८ ख
सोऽभ्यभाषत
आदि पर्व
अध्याय १४३
३४ क
सोऽभ्यभाषत
वन पर्व
अध्याय २६४
२६ ख
सोऽभ्यभाषत
कर्ण पर्व
अध्याय २४
१४५ ख
सोऽभ्ययाचत
वन पर्व
अध्याय १२६
१२ ख
सोऽभ्ययात्कृतवर्माणं
उद्योग पर्व
अध्याय ७
२९ क
सोऽभ्ययात्पुत्रशोकार्तः
स्त्री पर्व
अध्याय ११
२ क
सोऽभ्ययात्सृञ्जय़ं
उद्योग पर्व
अध्याय १७६
१७ ख
सोऽभ्यरक्षत
भीष्म पर्व
अध्याय १९
१९ ख
सोऽभ्यरक्षत
अनुशासन पर्व
अध्याय ४०
५९ ख
सोऽभ्यरक्षद्युधिष्ठिरम्
भीष्म पर्व
अध्याय १९
२७ ख
सोऽभ्यर्चय़ित्वा
शान्ति पर्व
अध्याय ३२२
६ क
सोऽभ्यवर्तत
द्रोण पर्व
अध्याय १०३
२ ख
सोऽभ्यवर्तत
कर्ण पर्व
अध्याय ५८
२० ख
सोऽभ्यवर्षत
वन पर्व
अध्याय २७१
२२ क
सोऽभ्यवर्षदरिन्दमः
वन पर्व
अध्याय २३१
३ ख
सोऽभ्यविध्यत्ततो
द्रोण पर्व
अध्याय १०१
२६ क
सोऽभ्यविध्यन्महात्मानं
शल्य पर्व
अध्याय १०
२८ ख
सोऽभ्यवैक्षत
द्रोण पर्व
अध्याय १३५
३५ क
सोऽभ्यसूय़ापलाशो
शान्ति पर्व
अध्याय २४६
२ ख
सोऽभ्यहनत्किरीटं
कर्ण पर्व
अध्याय ६६
११ ख
सोऽभ्यहनत्सुषेणम्
कर्ण पर्व
अध्याय ६०
४ ख
सोऽभ्युद्धरत्विमां
शान्ति पर्व
अध्याय ३१४
१० क
सोऽभ्युपेक्षितवानेतमनय़ं
मौसल पर्व
अध्याय ७
११ ख
सोऽभ्युपैति
उद्योग पर्व
अध्याय २६
८ ख
सोऽभय़ं
शान्ति पर्व
अध्याय २५४
३० ख
सोऽमन्त्रय़त
सभा पर्व
अध्याय ३६
१५ ख
सोऽमरश्चैव
शान्ति पर्व
अध्याय २०३
३६ क
सोऽमर्षवशमापन्नस्तुलाधारदिदृक्षय़ा
शान्ति पर्व
अध्याय २५३
४४ क
सोऽमर्षितस्तमप्याजौ
द्रोण पर्व
अध्याय १६२
४९ ख
सोऽमितप्रभः
कर्ण पर्व
अध्याय ६
४३ क
सोऽमित्रं
सभा पर्व
अध्याय ५७
१० क
सोऽमुत्रानन्त्यमश्नुते
वन पर्व
अध्याय ३२
१९ ख
सोऽमुत्रानन्त्यमश्नुते
शान्ति पर्व
अध्याय २७१
१० ख