प्रत्यव्रवीद्वाक्यमृषिर्मां
वन पर्व
अध्याय २०५
२९ क
प्रत्यव्रुवं
अनुशासन पर्व
अध्याय ८२
३३ ख
प्रत्यव्रुवं
अनुशासन पर्व
अध्याय १४४
५ ख
प्रत्यव्रुवं
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय १९
४१ ख
प्रत्यव्रुवंस्तान्पुरुषानिदं
वन पर्व
अध्याय २२९
२५ ख
प्रत्यव्रुवंस्तान्मुनय़ो
मौसल पर्व
अध्याय २
७ ख
प्रत्यव्रुवन्मृगास्तत्र
वन पर्व
अध्याय २४४
४ ख
प्रत्यव्रूतां
वन पर्व
अध्याय १९४
१९ ख
प्रत्यव्रूतां
अनुशासन पर्व
अध्याय ५२
२२ ख
प्रत्यशुभं
स्त्री पर्व
अध्याय ११
१५ क
प्रत्यषेधच्च
शान्ति पर्व
अध्याय ४
१२ ख
प्रत्यषेधद्द्रुतं
द्रोण पर्व
अध्याय ७९
३३ ख
प्रत्यषेधद्वहूनेकः
विराट पर्व
अध्याय ५
१९ ख
प्रत्यषेधन्त
उद्योग पर्व
अध्याय ९४
९ ख
प्रत्यषेधन्द्विजर्षभाः
उद्योग पर्व
अध्याय १४७
२५ ख
प्रत्यषेधीः
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ९
३१ ख
प्रत्यषेधय़त्
वन पर्व
अध्याय २६२
३९ ख
प्रत्यषेधय़त्
वन पर्व
अध्याय २६४
१६ ख
प्रत्यषेधय़त्
विराट पर्व
अध्याय १५
१२ ख
प्रत्यषेधय़त्
द्रोण पर्व
अध्याय १४०
१२ ख
प्रत्यषेधय़न्
सभा पर्व
अध्याय ४६
२ ख
प्रत्यषेधय़म्
उद्योग पर्व
अध्याय १८१
९ ख
प्रत्यसनं
अनुशासन पर्व
अध्याय ४४
४४ क
प्रत्यस्तो
द्रोण पर्व
अध्याय १२२
१९ ख
प्रत्यहं
अनुशासन पर्व
अध्याय १०७
१२० क
प्रत्यहन्यत
शान्ति पर्व
अध्याय २७८
२८ ख
प्रत्यहन्यन्त
वन पर्व
अध्याय १५७
५९ क
प्रत्यहन्सव्यसाचिनः
कर्ण पर्व
अध्याय ६६
५६ क
प्रत्यहरच्चापि
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ४
४ ख
प्रत्यहारय़त्
विराट पर्व
अध्याय ६३
४९ ख
प्रत्यहीय़त
कर्ण पर्व
अध्याय २८
३७ ख
प्रत्यहेषन्हय़ान्हय़ाः
कर्ण पर्व
अध्याय ६३
७० ख
प्रत्याकाङ्क्षति
शान्ति पर्व
अध्याय १३३
१९ क
प्रत्याकाङ्क्षत्स
विराट पर्व
अध्याय २१
३८ ख
प्रत्याक्रोशेदनन्तरम्
वन पर्व
अध्याय ३०
२७ क
प्रत्याक्रोशेदिहाक्रुष्टस्ताडितः
अनुशासन पर्व
अध्याय ९६
१६ क
प्रत्याख्यातः
आदि पर्व
अध्याय ९४
७३ क
प्रत्याख्यातः
विराट पर्व
अध्याय २०
२५ ख
प्रत्याख्यातश्च
उद्योग पर्व
अध्याय १५५
३५ ख
प्रत्याख्यातश्च
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ६
१६ क
प्रत्याख्यातश्च
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ६
२१ ख
प्रत्याख्यातस्त्वहं
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५४
३० ग
प्रत्याख्याता
आदि पर्व
अध्याय १४३
८ ख
प्रत्याख्याता
वन पर्व
अध्याय ६२
१६ ख
प्रत्याख्याता
उद्योग पर्व
अध्याय १७३
१६ ख
प्रत्याख्याता
उद्योग पर्व
अध्याय १७४
३ ख
प्रत्याख्याता
उद्योग पर्व
अध्याय १७८
७ क
प्रत्याख्याता
शल्य पर्व
अध्याय २३
३५ ग
प्रत्याख्याताः
शल्य पर्व
अध्याय २३
३४ ख
प्रत्याख्यातुं
वन पर्व
अध्याय २७९
११ ख
प्रत्याख्यातुं
वन पर्व
अध्याय २९१
२ क
प्रत्याख्यातुं
विराट पर्व
अध्याय १२
१७ ख
प्रत्याख्यातुमनिन्दिता
वन पर्व
अध्याय २८९
१९ क
प्रत्याख्यातुमुत्सहे
आदि पर्व
अध्याय ९९
९ ख
प्रत्याख्यातो
विराट पर्व
अध्याय १४
१ क
प्रत्याख्यातो
शल्य पर्व
अध्याय २३
३५ क
प्रत्याख्यातो
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ७
१८ ख
प्रत्याख्यातो
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५४
२० क
प्रत्याख्यातोऽपि
वन पर्व
अध्याय २६५
२६ ख
प्रत्याख्यातोऽमृतं
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५४
३१ ख
प्रत्याख्यानं
आदि पर्व
अध्याय २
१४६ क
प्रत्याख्यानमरोचय़त्
कर्ण पर्व
अध्याय ५
८५ ख
प्रत्याख्यानाच्च
द्रोण पर्व
अध्याय ११०
१९ ख
प्रत्याख्यानाय़
वन पर्व
अध्याय ९५
३ ख
प्रत्याख्याने
अनुशासन पर्व
अध्याय ११४
९ क
प्रत्याख्यानेन
अनुशासन पर्व
अध्याय ८१
१८ ख
प्रत्याख्यासि
वन पर्व
अध्याय २८४
१३ ख
प्रत्याख्यास्यसि
आदि पर्व
अध्याय ७२
१६ क
प्रत्याख्यास्यसि
वन पर्व
अध्याय ५३
४ क
प्रत्याख्यास्यसि
उद्योग पर्व
अध्याय १२३
२७ क
प्रत्याख्यास्यसि
द्रोण पर्व
अध्याय ६१
२३ ख
प्रत्याख्याय़
अनुशासन पर्व
अध्याय ४
१० क
प्रत्याख्येय़स्त्वय़ा
वन पर्व
अध्याय २८५
१२ ख
प्रत्यागच्छच्च
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ६
१० ख
प्रत्यागच्छदरिन्दमः
सभा पर्व
अध्याय २८
५४ ख
प्रत्यागच्छन्तु
सभा पर्व
अध्याय ६६
३७ क
प्रत्यागतं
वन पर्व
अध्याय २३२
२१ ख
प्रत्यागतं
अनुशासन पर्व
अध्याय ७०
११ क
प्रत्यागतः
शल्य पर्व
अध्याय ३४
८ क
प्रत्यागतप्राणस्तद्वलं
आदि पर्व
अध्याय १६२
९ क
प्रत्यागतप्राणा
आदि पर्व
अध्याय १२६
२९ क
प्रत्यागतप्राणाः
भीष्म पर्व
अध्याय ८६
३७ क
प्रत्यागतप्राणास्तव
भीष्म पर्व
अध्याय ७३
५० क
प्रत्यागतमिव
द्रोण पर्व
अध्याय १५७
४२ ख
प्रत्यागतश्चापि
वन पर्व
अध्याय १४७
३५ ख
प्रत्यागते
वन पर्व
अध्याय १७३
१ क
प्रत्यागतो
वन पर्व
अध्याय ८
३ क
प्रत्यागतो
वन पर्व
अध्याय २२८
१३ ख
प्रत्यागतो
द्रोण पर्व
अध्याय ६८
१९ ख
प्रत्यागत्य
कर्ण पर्व
अध्याय १४
१ क
प्रत्यागमं
अनुशासन पर्व
अध्याय ७०
५६ ख
प्रत्यागमंस्ततः
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ४७
२२ ख
प्रत्याचक्षे
आदि पर्व
अध्याय ७२
१७ क
प्रत्याचक्षे
शान्ति पर्व
अध्याय १७२
२४ ख
प्रत्याचख्यौ
उद्योग पर्व
अध्याय १७५
२६ क
प्रत्याचष्ट
द्रोण पर्व
अध्याय ६१
२४ क
प्रत्याजगाम
वन पर्व
अध्याय १८३
३१ ख
प्रत्याजगाम
उद्योग पर्व
अध्याय ९४
३५ ख
प्रत्याजगाम
उद्योग पर्व
अध्याय १९३
५३ ख
प्रत्याजगाम
अनुशासन पर्व
अध्याय ९७
१२ ग