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समानो
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय २०
१६ क
समानो
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय २३
२ क
समानो
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय २३
१५ ग
समानो
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय २४
२ ख
समानो
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय २४
१२ क
समानो
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय २४
१९ क
समानो
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ४२
८ ख
समान्
आदि पर्व
अध्याय ९९
३८ क
समान्भागान्प्रकल्पय़ेत्
अनुशासन पर्व
अध्याय ४७
१६ ख
समान्याहुर्दुःखानि
सभा पर्व
अध्याय ६१
७५ क
समान्याहुर्मनीषिणः
भीष्म पर्व
अध्याय ६
३ ख
समानय़
सभा पर्व
अध्याय ४५
५६ ख
समानय़
शल्य पर्व
अध्याय ६४
३६ ग
समानय़
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५५
२९ ख
समानय़त्
सभा पर्व
अध्याय २४
१० ख
समानय़त्
सभा पर्व
अध्याय २४
२६ ख
समानय़द्दर्शनीय़ं
आदि पर्व
अध्याय २०३
१२ ख
समानय़न्तु
सभा पर्व
अध्याय ३०
२९ ख
समानय़न्निव;
द्रोण पर्व
अध्याय ४८
४२ ख
समानय़ानावजितौ
कर्ण पर्व
अध्याय ५७
६१ ख
समानय़ानाविव
कर्ण पर्व
अध्याय ६८
५४ ख
समानय़ानो
विराट पर्व
अध्याय ६
१४ क
समानय़ानय़ा
शान्ति पर्व
अध्याय २९५
३१ क
समानय़ामास
आदि पर्व
अध्याय १९०
१२ क
समानय़ामास
विराट पर्व
अध्याय ६२
१ ख
समानय़ामास
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ४
१५ क
समानय़ितुं
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५५
३० ख
समानय़िष्ये
उद्योग पर्व
अध्याय ११
२१ ग
समापतच्छ्येन
द्रोण पर्व
अध्याय ९४
३ ख
समापनम्
शान्ति पर्व
अध्याय ९
११ ख
समापना
शान्ति पर्व
अध्याय २१२
१८ ख
समापनात्
आदि पर्व
अध्याय ११०
३५ ख
समापन्नं
वन पर्व
अध्याय १७५
१२ ख
समापन्नः
वन पर्व
अध्याय २३८
३८ ग
समापन्ना
शल्य पर्व
अध्याय ३
१२ ख
समापन्नान्मोक्षय़ामास
उद्योग पर्व
अध्याय १५८
३० क
समापन्नाश्चण्डाला
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ३६
३० क
समापन्ने
वन पर्व
अध्याय १८
२३ क
समापन्नौ
अनुशासन पर्व
अध्याय ९
८ ख
समापिते
आदि पर्व
अध्याय १६३
८ क
समापिपय़िषुः
आदि पर्व
अध्याय १७२
८ ख
समापिवन्
द्रोण पर्व
अध्याय ९
६२ क
समापीय़
आदि पर्व
अध्याय २८
२४ ख
समापूर्यत
आदि पर्व
अध्याय ५८
१६ ख
समापेततुरानद्य
शल्य पर्व
अध्याय ५६
२ क
समापेतुः
आदि पर्व
अध्याय ४७
२० क
समापेतुः
आदि पर्व
अध्याय २१२
१२ ख
समापेतुः
सभा पर्व
अध्याय ३१
४ क
समापेतुः
भीष्म पर्व
अध्याय ४२
२६ ख
समापेतुः
भीष्म पर्व
अध्याय ४२
२७ ख
समापेतुः
द्रोण पर्व
अध्याय ७८
३० ख
समापेतुः
द्रोण पर्व
अध्याय १५०
१०० क
समापेतुरतीव
आदि पर्व
अध्याय १८६
११ ख
समापेतुरमर्षणाः
भीष्म पर्व
अध्याय ५८
२२ ख
समापेतुर्दिग्भ्यो
विराट पर्व
अध्याय १२
१३ क
समापेतुर्नृपतय़ः
शान्ति पर्व
अध्याय ४
५ ख
समापेतुर्महावीर्या
द्रोण पर्व
अध्याय ३१
९ क
समापेतुर्वलं
द्रोण पर्व
अध्याय ८८
४ ख
समापेतुर्विशिखानां
उद्योग पर्व
अध्याय १८२
१३ क
समापेतुस्तथा
द्रोण पर्व
अध्याय १७१
४ ख
समापेदे
सभा पर्व
अध्याय ३३
११ क
समापेदे
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ८३
२ ख
समाप्तं
शल्य पर्व
अध्याय ५५
२३ ख
समाप्तकर्मा
वन पर्व
अध्याय १७३
१९ क
समाप्तकर्मा
भीष्म पर्व
अध्याय ५५
१२९ ख
समाप्तकर्माणमुपेत्य
कर्ण पर्व
अध्याय १५
४३ क
समाप्तजप्यस्तूत्थाय़
शान्ति पर्व
अध्याय १९२
९ क
समाप्तदक्षिणः;
कर्ण पर्व
अध्याय ४९
९४ ख
समाप्तदीक्षश्च्यवनस्ततोऽगच्छत्स्वमाश्रमम्
अनुशासन पर्व
अध्याय ५१
४५ क
समाप्तभूय़िष्ठे
आदि पर्व
अध्याय १२५
२६ क
समाप्तमद्य
शल्य पर्व
अध्याय २६
२३ क
समाप्तमाय़ुरस्याद्य
मौसल पर्व
अध्याय ४
२६ ख
समाप्तमिति
शान्ति पर्व
अध्याय ३४
२४ क
समाप्तमिदमस्तु
आदि पर्व
अध्याय १७२
१४ ग
समाप्तरश्मिं
कर्ण पर्व
अध्याय २९
१३ क
समाप्तवचने
शान्ति पर्व
अध्याय १६१
९ क
समाप्तवरदक्षिणम्
वन पर्व
अध्याय २४१
२५ क
समाप्तवरदक्षिणैः
शान्ति पर्व
अध्याय ३२७
५३ ख
समाप्तवान्
वन पर्व
अध्याय २५७
७ ग
समाप्तविद्यं
कर्ण पर्व
अध्याय १५
४३ क
समाप्तविद्यान्धनुषि
कर्ण पर्व
अध्याय १५
३ ख
समाप्तविद्येन
कर्ण पर्व
अध्याय १२
६६ ख
समाप्तविद्यो
कर्ण पर्व
अध्याय १६
२ क
समाप्तव्रतमुत्तीर्णं
विराट पर्व
अध्याय ४०
१३ ख
समाप्ता
वन पर्व
अध्याय १८०
२१ ख
समाप्तानि
वन पर्व
अध्याय ८०
१३३ क
समाप्तिं
कर्ण पर्व
अध्याय ६७
२२ ख
समाप्तिं
शल्य पर्व
अध्याय ३९
४ ख
समाप्ते
आदि पर्व
अध्याय ३
१० क
समाप्ते
शान्ति पर्व
अध्याय १९२
१८ क
समाप्ते
अनुशासन पर्व
अध्याय ७०
३ ग
समाप्ते
अनुशासन पर्व
अध्याय ११०
१२ ख
समाप्तेर्जनार्दनः
सभा पर्व
अध्याय ४२
३४ ख
समाप्तोऽय़ं
वन पर्व
अध्याय २४३
९ ख
समाप्तौ
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ९५
३२ ख
समाप्तय़ज्ञः
वन पर्व
अध्याय १०६
३३ क
समाप्तय़ज्ञो
शान्ति पर्व
अध्याय ३२३
५५ क
समाप्नुहि
उद्योग पर्व
अध्याय १४
१५ ख
समाप्नुहि
कर्ण पर्व
अध्याय ६४
२८ क
समाप्नुहि
शान्ति पर्व
अध्याय १९२
४८ ख