भवान्कस्य
वन पर्व
अध्याय १२
२१ ख
भवान्कस्य
उद्योग पर्व
अध्याय ११९
१५ ख
भवान्कामं
उद्योग पर्व
अध्याय ११४
९ ख
भवान्कार्ये
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ७०
२४ ख
भवान्किंनिमित्तं
वन पर्व
अध्याय १४७
२ क
भवान्कुरुमध्ये
उद्योग पर्व
अध्याय ७८
११ क
भवान्कृतवुद्धीनां
उद्योग पर्व
अध्याय ६
२ ख
भवान्क्व
भीष्म पर्व
अध्याय ४१
१३ ख
भवान्क्षत्ता
उद्योग पर्व
अध्याय १२५
४ क
भवान्क्षत्रधर्मेषु
कर्ण पर्व
अध्याय ३३
३८ क
भवान्क्षत्रिय़गुणैर्युक्तः
द्रोण पर्व
अध्याय १६८
५ क
भवान्क्षिप्रं
भीष्म पर्व
अध्याय १०५
२२ ख
भवान्क्षिप्रं
द्रोण पर्व
अध्याय १०५
१० ख
भवान्क्षिप्रं
शान्ति पर्व
अध्याय १४२
२४ क
भवान्क्षिप्रं
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ४४
३७ ख
भवान्गतिरभूद्धि
द्रोण पर्व
अध्याय १०२
२९ क
भवान्गतिस्त्वच्छरणा
वन पर्व
अध्याय १८०
३७ क
भवान्गन्ता
वन पर्व
अध्याय २४६
२९ ख
भवान्गन्तुमुद्यतः
उद्योग पर्व
अध्याय ९६
२ क
भवान्गमनादेव
उद्योग पर्व
अध्याय ७८
१५ क
भवान्गर्ह्यो
शान्ति पर्व
अध्याय ८३
३३ ख
भवान्गर्हय़ति
शान्ति पर्व
अध्याय १४७
१ ख
भवान्गर्हय़ते
उद्योग पर्व
अध्याय १२५
३ ख
भवान्गुरुः
उद्योग पर्व
अध्याय १४५
१२ ख
भवान्गुरुः
शान्ति पर्व
अध्याय १३
१२ क
भवान्तप्रभवप्रज्ञा
शान्ति पर्व
अध्याय २१०
२३ क
भवान्तिके
अनुशासन पर्व
अध्याय १५
१६ ख
भवान्दाता
अनुशासन पर्व
अध्याय ६९
१३ ख
भवान्दातुमर्हतीति
आदि पर्व
अध्याय ३
१०८ ख
भवान्दिवाकीर्तिभय़ान्वितः
शान्ति पर्व
अध्याय १३६
१०६ क
भवान्दिव्येन
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय २७
४ क
भवान्दुर्गतिमीदृशीं
अनुशासन पर्व
अध्याय ६९
८ ख
भवान्दृष्टिमाञ्शक्तः
वन पर्व
अध्याय ३४
१५ क
भवान्देववत्प्राज्ञो
द्रोण पर्व
अध्याय १७२
८३ क
भवान्देवासुरान्सर्वान्हन्यात्सहचराचरान्
कर्ण पर्व
अध्याय ५०
५४ क
भवान्देवो
वन पर्व
अध्याय २९७
१३ ख
भवान्देवो
वन पर्व
अध्याय २९८
२ ख
भवान्दैवतदैत्यानामृषीणां
वन पर्व
अध्याय १८१
२ क
भवान्द्रक्ष्यति
वन पर्व
अध्याय २७३
११ ख
भवान्द्रष्टा
वन पर्व
अध्याय १७१
१६ क
भवान्द्रौणिस्तथा
विराट पर्व
अध्याय ४४
२० क
भवान्द्विजवेषधृक्
वन पर्व
अध्याय २८४
२१ ख
भवान्धर्मः
वन पर्व
अध्याय २९८
२४ ख
भवान्धर्मपुत्रेण
उद्योग पर्व
अध्याय ९५
८ क
भवान्धर्मभीरुत्वाद्ध्रुवमैष्यन्महत्तमः
कर्ण पर्व
अध्याय ५०
४ क
भवान्धर्मो
वन पर्व
अध्याय ३४
१३ क
भवान्धर्मय़ुक्तश्च
उद्योग पर्व
अध्याय ६
१४ क
भवान्धुर्यवत्सङ्ख्ये
कर्ण पर्व
अध्याय ६
२८ क
भवान्न
आदि पर्व
अध्याय ३
४९ घ
भवान्न
सौप्तिक पर्व
अध्याय ५
२४ ख
भवान्न
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय १६
८ ख
भवान्नः
आदि पर्व
अध्याय १०३
८ क
भवान्नः
अनुशासन पर्व
अध्याय १२६
१ ख
भवान्नः
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ६
६ क
भवान्नात्र
अनुशासन पर्व
अध्याय १६
२५ ख
भवान्नाथो
सभा पर्व
अध्याय १८
९ ख
भवान्नाथो
उद्योग पर्व
अध्याय १४५
१२ ख
भवान्नाथो
भीष्म पर्व
अध्याय १०३
४१ ख
भवान्निवेश्यः
आदि पर्व
अध्याय १८२
८ ख
भवान्नेता
शल्य पर्व
अध्याय ६
२३ ख
भवान्नोऽस्तु
आदि पर्व
अध्याय ८९
३८ ख
भवान्नौ
आदि पर्व
अध्याय २
१३७ क
भवान्पत्नीं
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५६
१७ ख
भवान्परमकः
उद्योग पर्व
अध्याय ७६
७ क
भवान्परित्रातु
कर्ण पर्व
अध्याय २३
१७ ख
भवान्पर्याश्वस्तः
शान्ति पर्व
अध्याय ३४४
६ ख
भवान्पाण्डवनिग्रहे
द्रोण पर्व
अध्याय ६९
१५ क
भवान्पाण्डवानाशु
आदि पर्व
अध्याय १३०
१० क
भवान्पाण्डुपुत्राणामाज्ञापय़तु
आदि पर्व
अध्याय १९८
२४ क
भवान्पातु
द्रोण पर्व
अध्याय ५
२४ क
भवान्पिता
आदि पर्व
अध्याय १०३
८ क
भवान्पिता
शान्ति पर्व
अध्याय १३
१२ क
भवान्पिता
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ६
६ क
भवान्पितृसखा
सभा पर्व
अध्याय २३
२५ क
भवान्पितृसमो
द्रोण पर्व
अध्याय ६६
४ क
भवान्पुण्यं
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय १६
१२ क
भवान्पुष्ययोगेन
उद्योग पर्व
अध्याय ६
१७ क
भवान्पूर्वं
आदि पर्व
अध्याय ९८
१३ ख
भवान्पूर्वमस्मिन्नर्थे
शल्य पर्व
अध्याय ६२
४५ ख
भवान्पूर्ववय़ाः
आदि पर्व
अध्याय ७१
१३ क
भवान्पौत्रसमोऽस्माकं
द्रोण पर्व
अध्याय ४
१० क
भवान्प्रख्याय़ते
शल्य पर्व
अध्याय ५९
२० ख
भवान्प्रतिगृह्णातु
उद्योग पर्व
अध्याय ११३
१४ क
भवान्प्रतिय़ात्वद्य
उद्योग पर्व
अध्याय २१
२० ख
भवान्प्रत्यक्षदर्शिवान्
आदि पर्व
अध्याय ५४
१८ क
भवान्प्रभुरिहास्ति
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय १९
९ ख
भवान्प्रवक्तुम्
अनुशासन पर्व
अध्याय ७६
९ ख
भवान्प्रवर्हः
शान्ति पर्व
अध्याय ३०६
६२ ख
भवान्प्रव्रवीतु
शान्ति पर्व
अध्याय २४२
१ ख
भवान्प्रसमीक्ष्यैतन्नेदृशं
उद्योग पर्व
अध्याय ८९
२२ ख
भवान्प्रसादं
शान्ति पर्व
अध्याय ३०
३४ ख
भवान्प्रस्थापय़तु
आदि पर्व
अध्याय १९८
२१ क
भवान्प्राज्ञतमो
कर्ण पर्व
अध्याय ६
१९ ख
भवान्प्राह
वन पर्व
अध्याय २८४
२१ क
भवान्प्रिय़ः
शान्ति पर्व
अध्याय ८३
३३ ख
भवान्प्रेषय़त्वद्य
उद्योग पर्व
अध्याय ५
७ क
भवान्फल्गुनस्य
विराट पर्व
अध्याय ३७
१३ क
भवान्भवतु
अनुशासन पर्व
अध्याय २०
१ ख
भवान्भवितुमर्हति
आदि पर्व
अध्याय १६
१० ख
भवान्भवितुमर्हति
उद्योग पर्व
अध्याय ८
१२ ख