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मामनुध्याय़
आदि पर्व
अध्याय ७८
४० ख
मामनुपृच्छसि
वन पर्व
अध्याय २२२
९ क
मामनुप्राप्तमनुजानन्तु
अनुशासन पर्व
अध्याय २०
३९ ख
मामनुरक्तो
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय २२
१० ख
मामनुरूपाभिर्मधुराभिर्जय़ैषिणः
वन पर्व
अध्याय १६६
२३ क
मामनुवृत्य
कर्ण पर्व
अध्याय ४९
१०३ ख
मामनुशाससि
द्रोण पर्व
अध्याय ५६
४१ क
मामनुशास्तीह
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय १३
३ क
मामनुसम्प्राप्तं
आदि पर्व
अध्याय ११२
२६ ख
मामनुस्मर
भीष्म पर्व
अध्याय ३०
७ क
मामनुस्मरती
कर्ण पर्व
अध्याय ३०
२० ख
मामनुय़ोक्ष्यते
विराट पर्व
अध्याय १
२२ ख
मामन्तकं
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ३३
३ ख
मामन्तर्गतमानसः
शान्ति पर्व
अध्याय ३१
३९ क
मामन्नं
शान्ति पर्व
अध्याय १७२
२० क
मामन्यकामां
उद्योग पर्व
अध्याय १७१
७ क
मामन्यथा
शान्ति पर्व
अध्याय १३६
१७८ क
मामनय़द्रक्षः
आदि पर्व
अध्याय ६
११ ख
मामपनय़ो
वन पर्व
अध्याय १७८
३६ ख
मामपरं
उद्योग पर्व
अध्याय १३३
२ क
मामपश्यत्सुदुर्गताम्
उद्योग पर्व
अध्याय १३२
१५ ख
मामपश्यन्तौ
वन पर्व
अध्याय २८१
८८ ख
मामपश्यन्त्याः
उद्योग पर्व
अध्याय १३१
३६ क
मामपश्यन्त्याः
उद्योग पर्व
अध्याय १३३
३ क
मामपश्यन्भविष्यसि
वन पर्व
अध्याय ६०
११ ख
मामपि
आदि पर्व
अध्याय १००
१७ क
मामपि
आदि पर्व
अध्याय १२३
६१ ख
मामपि
आदि पर्व
अध्याय १४६
२९ ख
मामपि
आदि पर्व
अध्याय १४७
१४ ख
मामपि
उद्योग पर्व
अध्याय ७७
१५ ख
मामपि
भीष्म पर्व
अध्याय २९
२३ ख
मामपि
कर्ण पर्व
अध्याय ५१
६१ ख
मामपि
स्त्री पर्व
अध्याय १५
१६ ख
मामपि
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ६
२६ ख
मामपृच्छत
शान्ति पर्व
अध्याय ३०६
२६ ख
मामपृच्छत्कौन्तेय़
वन पर्व
अध्याय १६३
११ क
मामपृच्छन्त
वन पर्व
अध्याय १६५
१६ ग
मामप्युद्धृतवान्कृच्छ्रात्पौलोमीं
सौप्तिक पर्व
अध्याय ११
२४ ख
मामप्रतीकारमशस्त्रं
भीष्म पर्व
अध्याय २३
४६ क
मामप्राप्यैव
भीष्म पर्व
अध्याय ३८
२० ख
मामप्रिय़मिह
द्रोण पर्व
अध्याय १३३
५२ क
मामपय़ातं
उद्योग पर्व
अध्याय १८१
१६ क
मामभिगतं
उद्योग पर्व
अध्याय १७८
४ क
मामभिगतं
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ७
१६ क
मामभिजानन्ति
भीष्म पर्व
अध्याय ३१
२४ ख
मामभिजानाति
उद्योग पर्व
अध्याय १३९
८ क
मामभिजानाति
भीष्म पर्व
अध्याय ४०
५५ क
मामभिप्रेक्ष्य
शल्य पर्व
अध्याय २८
५५ क
मामभिभाषसे
उद्योग पर्व
अध्याय १३
६ क
मामभिभाषसे
सौप्तिक पर्व
अध्याय १२
२८ ख
मामभिभाषसे
स्त्री पर्व
अध्याय २०
१३ ख
मामभिमन्युमपश्यती
द्रोण पर्व
अध्याय ५०
५३ ख
मामभिमुखमापतन्तं;
अनुशासन पर्व
अध्याय ७०
१५ क
मामभिविश्वस्तं
वन पर्व
अध्याय १७१
१ क
मामभिसन्धत्से
द्रोण पर्व
अध्याय १६४
२४ क
मामभिसन्धाय़
शान्ति पर्व
अध्याय १३६
१६३ ख
मामभिहंसि
आदि पर्व
अध्याय ९
२२ ख
मामभीक्ष्णं
उद्योग पर्व
अध्याय ३०
१२ ख
मामभ्यधावत
वन पर्व
अध्याय १६३
२३ ख
मामभ्यधावन्त
वन पर्व
अध्याय १६७
५ क
मामभ्यनुजानथाः
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५५
१६ ख
मामभ्यनुजानीहि
सभा पर्व
अध्याय ४३
३६ क
मामभ्यनुज्ञातुं
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ६
१७ ख
मामभ्यनुज्ञाय़
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ७
५ ख
मामभ्यपद्यन्त
शान्ति पर्व
अध्याय २१७
३० ख
मामभ्यसूय़न्ति
आदि पर्व
अध्याय १
९८ क
मामभ्यहनत्तूर्णमंसदेशे
उद्योग पर्व
अध्याय १८५
६ ख
मामभ्येत्य
वन पर्व
अध्याय १६३
४३ क
माममरश्रेष्ठः
वन पर्व
अध्याय ४३
१२ क
माममृतोद्भवम्
भीष्म पर्व
अध्याय ३२
२७ क
माममोघेषुं
उद्योग पर्व
अध्याय १५८
३६ ख
माममोघेषुं
उद्योग पर्व
अध्याय १६५
२१ क
मामरिमर्दन
आदि पर्व
अध्याय १६१
१९ क
मामरीन्पश्य
भीष्म पर्व
अध्याय ७३
३० ख
मामरोगम्
उद्योग पर्व
अध्याय ३०
१४ ख
मामर्चति
अनुशासन पर्व
अध्याय २
६५ क
मामर्चिष्यते
शल्य पर्व
अध्याय ३७
४९ क
मामर्जुनं
विराट पर्व
अध्याय ३९
१८ ख
मामर्हति
कर्ण पर्व
अध्याय ४९
७३ ख
मामर्हसि
आदि पर्व
अध्याय ४३
३२ क
मामर्हसि
आदि पर्व
अध्याय ७२
११ ख
मामर्हसि
वन पर्व
अध्याय ७५
१ क
मामर्हसि
उद्योग पर्व
अध्याय १७५
२२ ख
मामर्हसि
स्त्री पर्व
अध्याय १४
१९ क
मामर्हसि
अनुशासन पर्व
अध्याय ३८
८ ख
मामर्हसि
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ४४
२३ ख
मामलर्क
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ३०
७ क
मामलर्क
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ३०
१० क
मामलर्क
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ३०
१३ क
मामलर्क
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ३०
१६ क
मामलर्क
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ३०
१९ क
मामलर्क
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ३०
२२ क
मामलर्क
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ३०
२५ क
मामवगच्छध्वं
वन पर्व
अध्याय ६१
७९ क
मामवज्ञाय़
वन पर्व
अध्याय १५८
५५ ख
मामवति
सभा पर्व
अध्याय ४५
१५ क
मामवभोत्स्यसे
शान्ति पर्व
अध्याय १५१
९ ख
मामवमंस्यते
विराट पर्व
अध्याय १४
१५ ख
मामवमन्यते
विराट पर्व
अध्याय २०
३१ क
मामवमन्यसे
विराट पर्व
अध्याय ६३
३९ क