यत्तच्छृणु
वन पर्व
अध्याय ९०
१ क
यत्तच्छृणु
शल्य पर्व
अध्याय ५८
६ ख
यत्तच्छृणु
शान्ति पर्व
अध्याय ११७
१३ ख
यत्तच्छृणु
शान्ति पर्व
अध्याय २७०
३४ क
यत्तच्छृणु
अनुशासन पर्व
अध्याय ४३
१ ख
यत्तच्छृणु
अनुशासन पर्व
अध्याय ६३
४ ख
यत्तच्छृणु
अनुशासन पर्व
अध्याय ८४
२९ ख
यत्तच्छृणु
अनुशासन पर्व
अध्याय ११६
९ ख
यत्तच्छृणु
अनुशासन पर्व
अध्याय १३९
२९ ख
यत्तच्छृणु
अनुशासन पर्व
अध्याय १४२
१९ ख
यत्तच्छृणु
अनुशासन पर्व
अध्याय १४४
५ ख
यत्तच्छृणु
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ३५
६ ख
यत्तच्छृणु
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ८२
७ ख
यत्तच्छृणु
मौसल पर्व
अध्याय २
७ ख
यत्तज्ज्ञानं
भीष्म पर्व
अध्याय ३५
२ ख
यत्ततानाखिलं
आदि पर्व
अध्याय २१८
१३ ख
यत्ततो
द्रोण पर्व
अध्याय १७३
९८ ख
यत्ततो
अनुशासन पर्व
अध्याय १४६
७ ख
यत्तत्
आदि पर्व
अध्याय ३
१८४ ख
यत्तत्
शान्ति पर्व
अध्याय १९४
२२ क
यत्तत्
अनुशासन पर्व
अध्याय १०६
२७ क
यत्तत्करवाणि
अनुशासन पर्व
अध्याय १०५
५६ ख
यत्तत्कर्णः
कर्ण पर्व
अध्याय ४६
४० क
यत्तत्कर्णमुपाश्रित्य
शल्य पर्व
अध्याय ३०
२९ क
यत्तत्कर्णो
उद्योग पर्व
अध्याय २६
२० क
यत्तत्किं
द्रोण पर्व
अध्याय १६८
२३ ख
यत्तत्कुराजभिररिन्दम
उद्योग पर्व
अध्याय ८८
५५ क
यत्तत्कुरूणामनय़स्य
शल्य पर्व
अध्याय २७
५९ ख
यत्तत्कृत्स्नं
शान्ति पर्व
अध्याय ३३९
१६ क
यत्तत्तथा
भीष्म पर्व
अध्याय ९५
११ ख
यत्तत्तथ्यमुक्तं
भीष्म पर्व
अध्याय ८४
३३ ख
यत्तत्तदा
वन पर्व
अध्याय २८४
१ क
यत्तत्तन्मां
वन पर्व
अध्याय ५३
३ क
यत्तत्तामसमुच्यते
भीष्म पर्व
अध्याय ४०
२५ ख
यत्तत्तिष्ठत्यर्णवं
अनुशासन पर्व
अध्याय १४३
८ ख
यत्तत्त्वं
शान्ति पर्व
अध्याय २१०
१ ख
यत्तत्त्वय़ोक्तं
शान्ति पर्व
अध्याय १५१
६ क
यत्तत्पदमनुत्तमम्
अनुशासन पर्व
अध्याय १३५
९१ क
यत्तत्पदमनुद्विग्नं
उद्योग पर्व
अध्याय ३६
४८ ख
यत्तत्परं
भीष्म पर्व
अध्याय ६२
६ क
यत्तत्परममव्ययम्
शान्ति पर्व
अध्याय ३०४
२५ क
यत्तत्पार्थेन
भीष्म पर्व
अध्याय १०३
३५ क
यत्तत्पूर्यते
उद्योग पर्व
अध्याय ५५
१२ ख
यत्तत्पूर्वमुपाकुर्वन्नस्त्रं
द्रोण पर्व
अध्याय १२२
२४ क
यत्तत्पृथां
कर्ण पर्व
अध्याय ४८
६ क
यत्तत्पृष्टस्तेऽहं
शान्ति पर्व
अध्याय ३०२
११ क
यत्तत्पृष्टस्तेऽहं
शान्ति पर्व
अध्याय ३०६
१ क
यत्तत्प्रवक्ष्यामि
भीष्म पर्व
अध्याय ३५
१२ क
यत्तत्प्रविश्य
कर्ण पर्व
अध्याय ३२
२३ क
यत्तत्प्रशस्तम्
शान्ति पर्व
अध्याय १२०
४० ख
यत्तत्र
द्रोण पर्व
अध्याय १०५
११ क
यत्तत्र
शान्ति पर्व
अध्याय ११२
४५ क
यत्तत्र
अनुशासन पर्व
अध्याय ५०
१५ ख
यत्तत्र
अनुशासन पर्व
अध्याय ६७
१४ क
यत्तत्र
अनुशासन पर्व
अध्याय १३१
५३ ख
यत्तत्राकरोत्पार्थस्तन्ममाचक्ष्व
कर्ण पर्व
अध्याय १६
३ ख
यत्तत्रापि
कर्ण पर्व
अध्याय ५१
७२ क
यत्तत्सततं
वन पर्व
अध्याय १९७
१४ ख
यत्तत्सत्त्वं
शान्ति पर्व
अध्याय ३२८
१३ क
यत्तत्सदसदव्यक्तं
शान्ति पर्व
अध्याय २०९
१४ क
यत्तत्सदसदात्मकम्
आदि पर्व
अध्याय १
२९ ख
यत्तत्सभाय़ां
द्रोण पर्व
अध्याय ११०
१६ क
यत्तत्सभाय़ामाक्रम्य
उद्योग पर्व
अध्याय ३१
१६ क
यत्तत्सर्वे
द्रोण पर्व
अध्याय १२६
२० क
यत्तत्साङ्ख्यं
शान्ति पर्व
अध्याय २११
१९ ख
यत्तत्सात्त्विकमुच्यते
भीष्म पर्व
अध्याय ४०
२३ ख
यत्तत्सूक्ष्ममविज्ञेय़मव्यक्तमचलं
शान्ति पर्व
अध्याय ३२१
२८ क
यत्तत्सौगन्धिकं
वन पर्व
अध्याय १५३
१३ क
यत्तत्स्फीतं
वन पर्व
अध्याय २६६
२६ क
यत्तत्स्ववशं
कर्ण पर्व
अध्याय ६८
१० क
यत्तत्स्वय़ं
उद्योग पर्व
अध्याय १
१७ क
यत्तथा
वन पर्व
अध्याय २८२
२४ क
यत्तथा
वन पर्व
अध्याय २८६
८ ख
यत्तथैवाश्रद्धय़ापि
शान्ति पर्व
अध्याय २८२
१९ क
यत्तदक्षरमव्यक्तममृतं
शान्ति पर्व
अध्याय २०३
१२ क
यत्तदक्षरमव्ययम्
शान्ति पर्व
अध्याय २०८
२६ ख
यत्तदक्षरम्
शान्ति पर्व
अध्याय २३१
३४ क
यत्तदग्रे
भीष्म पर्व
अध्याय ४०
३७ क
यत्तदद्यं
उद्योग पर्व
अध्याय ३४
१४ ख
यत्तदमानुषम्
आदि पर्व
अध्याय २
२३२ क
यत्तदव्यक्तं
शान्ति पर्व
अध्याय १९०
१२ क
यत्तदस्त्रं
अनुशासन पर्व
अध्याय १४
१२४ ख
यत्तदहं
सभा पर्व
अध्याय ३८
२९ ख
यत्तदा
आदि पर्व
अध्याय ४६
२६ ख
यत्तदा
वन पर्व
अध्याय ७३
७ ख
यत्तदा
वन पर्व
अध्याय २०५
५ क
यत्तदा
उद्योग पर्व
अध्याय १०३
३५ ख
यत्तदा
द्रोण पर्व
अध्याय १२९
१ क
यत्तदा
शल्य पर्व
अध्याय १५
४७ ख
यत्तदा
शल्य पर्व
अध्याय २७
४७ क
यत्तदा
शान्ति पर्व
अध्याय २२०
७५ क
यत्तदा
अनुशासन पर्व
अध्याय १४५
१ क
यत्तदाख्यातवान्पुरा
शान्ति पर्व
अध्याय २७१
५९ ख
यत्तदाचष्ट
सौप्तिक पर्व
अध्याय १२
४ क
यत्तदादत्तेऽल्पचेतना
सभा पर्व
अध्याय ४१
२१ ख
यत्तदादीपितं
अनुशासन पर्व
अध्याय ५५
२१ क
यत्तदानामय़ज्जिष्णुर्भरतानामपाय़िनाम्
द्रोण पर्व
अध्याय २७
१५ क
यत्तदाव्रवीत्
कर्ण पर्व
अध्याय ५२
१५ क
यत्तदाव्रवीत्
शान्ति पर्व
अध्याय १५१
२५ ख
यत्तदाश्चर्यमिति
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ३६
३ क