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यद्वक्ष्यसि
सभा पर्व
अध्याय २३
२३ ख
यद्वक्ष्यसि
वन पर्व
अध्याय ८०
२४ ख
यद्वक्ष्यामि
उद्योग पर्व
अध्याय १२६
३५ क
यद्वक्ष्ये
सभा पर्व
अध्याय ३८
१२ ख
यद्वक्ष्ये
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५२
२३ क
यद्वचः
सभा पर्व
अध्याय ६०
१० ख
यद्वचः
द्रोण पर्व
अध्याय १३३
४५ क
यद्वचः
शान्ति पर्व
अध्याय २०
२ क
यद्वचो
उद्योग पर्व
अध्याय ४३
१९ क
यद्वचो
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ६२
७ ख
यद्वच्छरधाराः
द्रोण पर्व
अध्याय १५५
२७ क
यद्वच्छोभय़न्वै
कर्ण पर्व
अध्याय ४३
३८ ख
यद्वज्जलदा
भीष्म पर्व
अध्याय ५८
१२ ख
यद्वज्जलधाराः
भीष्म पर्व
अध्याय ११२
१०० क
यद्वज्रविशनाज्जातो
वन पर्व
अध्याय २१६
१३ ग
यद्वत्
भीष्म पर्व
अध्याय २४
७० क
यद्वत्
शान्ति पर्व
अध्याय २४३
९ क
यद्वत्कान्तारमातिष्ठन्नौत्सुक्यं
शान्ति पर्व
अध्याय २०५
१३ क
यद्वत्त्रिभिः
कर्ण पर्व
अध्याय ४४
१८ ख
यद्वत्पतङ्गाः
भीष्म पर्व
अध्याय ९६
१० ख
यद्वत्प्रजानां
कर्ण पर्व
अध्याय ११
२५ ख
यद्वत्प्रेतराजं
कर्ण पर्व
अध्याय ४५
४४ ग
यद्वत्स
शान्ति पर्व
अध्याय १२४
३१ ख
यद्वत्स
अनुशासन पर्व
अध्याय १६
७० क
यद्वत्समरे
भीष्म पर्व
अध्याय ७३
४२ ग
यद्वत्सुकन्याय़ाः
वन पर्व
अध्याय २८८
९ ख
यद्वत्सृजते
शान्ति पर्व
अध्याय १९७
१३ क
यद्वत्सोमसूर्यौ
भीष्म पर्व
अध्याय ५४
२३ ख
यद्वत्स्वादुवृक्षं
भीष्म पर्व
अध्याय ९८
१२ ख
यद्वदच्छिद्रवन्धनम्
शान्ति पर्व
अध्याय २०७
१५ क
यद्वदजय़्यं
द्रोण पर्व
अध्याय ९
८ ग
यद्वदन्ति
शान्ति पर्व
अध्याय २९०
९७ ख
यद्वदन्ते
उद्योग पर्व
अध्याय ४७
१०३ ख
यद्वदन्यत्वं
शान्ति पर्व
अध्याय २९६
२२ क
यद्वदन्यदपीदृशम्
शान्ति पर्व
अध्याय २०४
३ ख
यद्वदापः
शान्ति पर्व
अध्याय ३७
३५ क
यद्वदिष्यति
सभा पर्व
अध्याय ६१
४४ ख
यद्वदुग्राः
भीष्म पर्व
अध्याय ७३
४० ख
यद्वदेय़ुस्तत्कुर्यादिति
अनुशासन पर्व
अध्याय १००
२० क
यद्वद्गिरिमुग्रा
द्रोण पर्व
अध्याय ८४
१९ ख
यद्वद्गोवृषेण
द्रोण पर्व
अध्याय ८०
१५ ख
यद्वद्दिवाकरम्
भीष्म पर्व
अध्याय ७९
४३ ख
यद्वद्धार्येत
शान्ति पर्व
अध्याय २०८
१३ क
यद्वद्भिन्ने
शान्ति पर्व
अध्याय २०३
३९ क
यद्वद्भ्रमरा
कर्ण पर्व
अध्याय ४०
३२ ख
यद्वद्वाशितार्थे
शल्य पर्व
अध्याय ५६
८ ख
यद्वनं
अनुशासन पर्व
अध्याय १०५
२० क
यद्वनम्
उद्योग पर्व
अध्याय ८१
४४ ख
यद्वन्निःश्वसद्भिर्महोरगैः
द्रोण पर्व
अध्याय १५९
३८ ख
यद्वन्निहतस्य
कर्ण पर्व
अध्याय ९
२१ ख
यद्वन्मनोरथैश्वर्यं
शान्ति पर्व
अध्याय २०९
७ ख
यद्वन्मृदैव
शान्ति पर्व
अध्याय २०५
११ क
यद्वभूव
आदि पर्व
अध्याय २१४
१० ख
यद्वरं
अनुशासन पर्व
अध्याय १११
१ क
यद्वर्तते
शान्ति पर्व
अध्याय २८०
१४ क
यद्वर्तते
अनुशासन पर्व
अध्याय १४३
४१ ख
यद्वर्तमानानिषुगोचरेऽरी;
द्रोण पर्व
अध्याय ९४
१८ ख
यद्वलं
उद्योग पर्व
अध्याय २७
१७ क
यद्वलं
द्रोण पर्व
अध्याय ७७
३७ क
यद्वलं
कर्ण पर्व
अध्याय ५
४२ क
यद्वलं
कर्ण पर्व
अध्याय ३३
१२ क
यद्वलम्
वन पर्व
अध्याय १७५
१८ क
यद्वलम्
उद्योग पर्व
अध्याय ७५
२ क
यद्वलम्
द्रोण पर्व
अध्याय ९६
१४ क
यद्वलम्
कर्ण पर्व
अध्याय २१
२६ ख
यद्वलानां
उद्योग पर्व
अध्याय ३७
५१ ख
यद्वलिमाहार्षीद्द्रव्यं
सभा पर्व
अध्याय ६१
२ क
यद्वलो
उद्योग पर्व
अध्याय ७२
८ ख
यद्वसु
वन पर्व
अध्याय ५७
४ ख
यद्वसु
वन पर्व
अध्याय ९५
२० ख
यद्वसु
शान्ति पर्व
अध्याय ६९
२५ क
यद्वसु
शान्ति पर्व
अध्याय २०३
७ ख
यद्वसु
शान्ति पर्व
अध्याय २३८
१४ क
यद्वस्तत्सर्वराजानस्तेजस्तिग्ममुपासते
द्रोण पर्व
अध्याय १२६
२२ क
यद्वहेच्छकटं
कर्ण पर्व
अध्याय ५४
१६ क
यद्वा
आदि पर्व
अध्याय १५५
१२ क
यद्वा
वन पर्व
अध्याय १३१
२० ख
यद्वा
उद्योग पर्व
अध्याय ३६
३५ क
यद्वा
उद्योग पर्व
अध्याय ६०
१० क
यद्वा
उद्योग पर्व
अध्याय १२१
२१ क
यद्वा
उद्योग पर्व
अध्याय १७८
२२ ख
यद्वा
भीष्म पर्व
अध्याय २४
६ क
यद्वा
शान्ति पर्व
अध्याय २
२८ ख
यद्वा
शान्ति पर्व
अध्याय १०७
२ ख
यद्वा
शान्ति पर्व
अध्याय २८८
२७ क
यद्वाक्यं
उद्योग पर्व
अध्याय १४८
६ क
यद्वाक्यं
उद्योग पर्व
अध्याय १४९
२ ख
यद्वाक्यं
उद्योग पर्व
अध्याय १५१
७ क
यद्वाक्यं
भीष्म पर्व
अध्याय ८५
११ क
यद्वाक्यं
द्रोण पर्व
अध्याय ८६
९ ख
यद्वाक्यं
शल्य पर्व
अध्याय २३
२० क
यद्वाक्यं
शान्ति पर्व
अध्याय १९
७ क
यद्वाक्यं
शान्ति पर्व
अध्याय ५८
१९ क
यद्वाक्यं
शान्ति पर्व
अध्याय २०३
६ क
यद्वाक्यं
अनुशासन पर्व
अध्याय ५७
४३ ख
यद्वाक्यमर्जुनेनोक्तं
उद्योग पर्व
अध्याय ४८
४४ ख
यद्वाक्यमुक्तः
मौसल पर्व
अध्याय ५
१७ क
यद्वाचः
सौप्तिक पर्व
अध्याय ४
२५ ख
यद्वाच्यं
शान्ति पर्व
अध्याय ६
६ क
यद्वान्यदभिकाङ्क्षसे
वन पर्व
अध्याय १३१
१६ ख