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यद्वान्यन्न
वन पर्व
अध्याय १४७
६ क
यद्वापीच्छसि
आदि पर्व
अध्याय ६८
१९ ख
यद्वापीच्छसि
आदि पर्व
अध्याय १३९
३२ क
यद्वाप्यधिकमेताभ्यां
आदि पर्व
अध्याय ९७
१५ ख
यद्वाल
शल्य पर्व
अध्याय ६०
४६ क
यद्वालं
शान्ति पर्व
अध्याय २७
१९ क
यद्वालस्तस्माद्द्वैपाय़नोऽभवत्
आदि पर्व
अध्याय ५७
७१ ख
यद्वाहुल्यं
शान्ति पर्व
अध्याय ८७
४ ख
यद्विकारि
भीष्म पर्व
अध्याय ३५
३ क
यद्विजितो
शल्य पर्व
अध्याय ३२
३८ ख
यद्वित्तमसुरेषु
उद्योग पर्व
अध्याय ३५
१३ क
यद्विदुः
शान्ति पर्व
अध्याय १२१
४६ क
यद्विदुरस्तथैव
उद्योग पर्व
अध्याय १४६
३४ क
यद्विद्यते
अनुशासन पर्व
अध्याय ९४
१३ ख
यद्विद्यते
अनुशासन पर्व
अध्याय १०५
२२ ख
यद्विधातव्यं
उद्योग पर्व
अध्याय ५६
५२ ग
यद्विधात्रा
उद्योग पर्व
अध्याय २८
५ क
यद्विधास्तव
उद्योग पर्व
अध्याय ११४
८ क
यद्विधीय़ते
विराट पर्व
अध्याय ४
४७ ख
यद्विधो
आदि पर्व
अध्याय १५५
३२ ख
यद्विनष्टाः
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय १६
९ क
यद्विनिर्मिता
आदि पर्व
अध्याय २०३
१७ क
यद्विन्देथाः
उद्योग पर्व
अध्याय ९३
२९ ख
यद्विभो
आदि पर्व
अध्याय ९२
१४ क
यद्विभो
अनुशासन पर्व
अध्याय ७
२९ क
यद्विभो
अनुशासन पर्व
अध्याय १४
१८८ क
यद्विमुक्तं
शान्ति पर्व
अध्याय २९८
१ क
यद्विवक्षितम्
भीष्म पर्व
अध्याय ४१
५६ क
यद्विवक्षितम्
शान्ति पर्व
अध्याय ३०८
८३ क
यद्विवेश
सभा पर्व
अध्याय ४२
२४ ख
यद्विशिष्टं
अनुशासन पर्व
अध्याय १४
१२७ ख
यद्विश्वं
आदि पर्व
अध्याय १
२१ क
यद्विश्वं
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५३
७ क
यद्विषं
आदि पर्व
अध्याय ३९
१२ क
यद्विषहेत
आदि पर्व
अध्याय २१५
१४ ख
यद्विहितं
महाप्रस्थानिक पर्व
अध्याय २
१७ ख
यद्वीजं
अनुशासन पर्व
अध्याय ६२
२८ ख
यद्वीर
आदि पर्व
अध्याय २०५
२६ ख
यद्वीर
वन पर्व
अध्याय ६१
१७ ख
यद्वीर
वन पर्व
अध्याय २३८
३८ ख
यद्वीर
उद्योग पर्व
अध्याय ८
२५ ख
यद्वीरानस्पृशद्भय़म्
द्रोण पर्व
अध्याय ९
२१ क
यद्वीरौ
उद्योग पर्व
अध्याय ५८
२ ख
यद्वीर्यं
कर्ण पर्व
अध्याय २२
३४ ख
यद्वीर्यो
सभा पर्व
अध्याय १६
११ क
यद्वीर्यौ
आदि पर्व
अध्याय २१९
१५ ख
यद्वुद्धिपूर्वकम्
आदि पर्व
अध्याय १५०
२६ क
यद्वुद्धिमेतामास्थाय़
अनुशासन पर्व
अध्याय ४१
२६ क
यद्वृकोदरम्
स्त्री पर्व
अध्याय ११
२९ क
यद्वृत्तं
वन पर्व
अध्याय ११
१७ क
यद्वृत्तं
वन पर्व
अध्याय १८८
४ ख
यद्वृत्तं
उद्योग पर्व
अध्याय १२९
३० क
यद्वृत्तं
उद्योग पर्व
अध्याय १३०
१ ख
यद्वृत्तं
उद्योग पर्व
अध्याय १४८
१८ ख
यद्वृत्तं
उद्योग पर्व
अध्याय १५६
३ ख
यद्वृत्तं
भीष्म पर्व
अध्याय १५
७२ ख
यद्वृत्तं
द्रोण पर्व
अध्याय ६१
५० क
यद्वृत्तं
द्रोण पर्व
अध्याय ७८
१४ ख
यद्वृत्तं
कर्ण पर्व
अध्याय १
१७ ख
यद्वृत्तं
कर्ण पर्व
अध्याय १
४७ क
यद्वृत्तं
कर्ण पर्व
अध्याय ५
१०९ क
यद्वृत्तं
शल्य पर्व
अध्याय ३२
३७ ख
यद्वृत्तं
शल्य पर्व
अध्याय ५५
२८ ख
यद्वृत्तं
शान्ति पर्व
अध्याय २२
१५ क
यद्वृत्तं
शान्ति पर्व
अध्याय २५
२२ ख
यद्वृत्तं
शान्ति पर्व
अध्याय १६२
२८ ख
यद्वृत्तं
शान्ति पर्व
अध्याय १९२
२ ख
यद्वृत्तं
शान्ति पर्व
अध्याय १९२
३ क
यद्वृत्तं
शान्ति पर्व
अध्याय ३१५
१८ क
यद्वृत्तं
अनुशासन पर्व
अध्याय ८५
१ ख
यद्वृत्तं
अनुशासन पर्व
अध्याय ९६
१ ख
यद्वृत्तं
मौसल पर्व
अध्याय ७
१४ क
यद्वृत्तिमुपजीवन्ति
शान्ति पर्व
अध्याय ९४
३ क
यद्वृद्धानां
सभा पर्व
अध्याय ४१
१४ क
यद्वृषः
कर्ण पर्व
अध्याय ६६
१५ ख
यद्वृषाङ्केन
द्रोण पर्व
अध्याय ५७
६७ क
यद्वेद
आदि पर्व
अध्याय ९४
३४ ख
यद्वेदे
शान्ति पर्व
अध्याय २६२
२ क
यद्वेदय़ते
अनुशासन पर्व
अध्याय १४३
३४ क
यद्वेष्टितशिरा
अनुशासन पर्व
अध्याय ९०
१३ क
यद्वै
सभा पर्व
अध्याय ४६
१३ क
यद्वै
सभा पर्व
अध्याय ५५
२ क
यद्वै
वन पर्व
अध्याय १४९
२ ख
यद्वै
वन पर्व
अध्याय २८८
४ क
यद्वै
उद्योग पर्व
अध्याय १४६
३३ क
यद्वै
उद्योग पर्व
अध्याय १९३
१४ ख
यद्वै
द्रोण पर्व
अध्याय ७४
३८ क
यद्वै
शल्य पर्व
अध्याय ५०
२६ ख
यद्वै
शल्य पर्व
अध्याय ६४
१८ ख
यद्वै
सौप्तिक पर्व
अध्याय ९
३९ ख
यद्वै
शान्ति पर्व
अध्याय १६१
४१ ख
यद्वै
शान्ति पर्व
अध्याय ३३९
१७ ख
यद्वै
शान्ति पर्व
अध्याय ३३९
१८ क
यद्वै
शान्ति पर्व
अध्याय ३३९
१८ ख
यद्वै
अनुशासन पर्व
अध्याय ४३
४ क
यद्वै
अनुशासन पर्व
अध्याय ६७
२९ क
यद्वै
अनुशासन पर्व
अध्याय ९४
३४ क
यद्वै
अनुशासन पर्व
अध्याय ११९
१ क
यद्वो
सभा पर्व
अध्याय ६७
८ क
यद्वो
वन पर्व
अध्याय ९८
२० ख