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यत्रातिष्ठत्कृपो
विराट पर्व
अध्याय ५०
२३ ख
यत्रात्मतृप्तैरध्यास्ते
वन पर्व
अध्याय १६०
१६ ख
यत्रात्मा
शान्ति पर्व
अध्याय ३१८
५१ क
यत्रात्मानं
अनुशासन पर्व
अध्याय ४८
४९ ख
यत्राददः
शान्ति पर्व
अध्याय २१६
२१ ख
यत्रादहत्स
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ४६
१२ क
यत्रादह्यन्त
द्रोण पर्व
अध्याय १०१
५७ ख
यत्राधर्मं
शान्ति पर्व
अध्याय ९४
१ क
यत्राधर्मो
उद्योग पर्व
अध्याय २८
२ क
यत्राधिरथिराय़स्तो
द्रोण पर्व
अध्याय ११०
१ ख
यत्राध्यात्ममनुत्तमम्
आदि पर्व
अध्याय २
१४३ क
यत्रानुवंशं
वन पर्व
अध्याय ८५
११ ग
यत्रानृतं
कर्ण पर्व
अध्याय ४९
२९ ख
यत्रानृतं
शान्ति पर्व
अध्याय ११०
५ ख
यत्रानृतं
अनुशासन पर्व
अध्याय १०५
१६ क
यत्रानृतेन
उद्योग पर्व
अध्याय ९३
४८ क
यत्रान्नपर्वता
वन पर्व
अध्याय ९३
१८ ख
यत्रानय़ामास
शल्य पर्व
अध्याय ४८
११ क
यत्रापि
अनुशासन पर्व
अध्याय ७२
४८ ख
यत्राभवच्छरणं
वन पर्व
अध्याय ३५
६ ख
यत्राभवत्पुरा
आदि पर्व
अध्याय १
११ ख
यत्राभवन्मेघा
वन पर्व
अध्याय १०९
३ क
यत्राभवस्तत्र
अनुशासन पर्व
अध्याय ५
२० ख
यत्राभिकामय़े
उद्योग पर्व
अध्याय ६०
१५ ख
यत्राभिध्यां
शान्ति पर्व
अध्याय १९०
६ ख
यत्राभिमन्युं
आदि पर्व
अध्याय २
१६२ क
यत्राभिमन्युः
द्रोण पर्व
अध्याय ५०
७६ ख
यत्राभूत्ते
शल्य पर्व
अध्याय २९
५४ ख
यत्राभ्यतीतां
सभा पर्व
अध्याय ६०
३३ ख
यत्रामुच्यन्त
आदि पर्व
अध्याय २
१८२ क
यत्रामृतत्वं
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय १९
५५ ख
यत्रार्जुनसुतो
भीष्म पर्व
अध्याय ८६
४८ ख
यत्रार्जुनो
आदि पर्व
अध्याय २
२२३ क
यत्रार्या
वन पर्व
अध्याय १३
७९ क
यत्रार्ष्टिषेणः
शल्य पर्व
अध्याय ३८
३१ ख
यत्रावगाह्य
शान्ति पर्व
अध्याय १४८
१० ख
यत्रावजाय़ते
अनुशासन पर्व
अध्याय १०८
६ ख
यत्रावतिष्ठन्ते
शान्ति पर्व
अध्याय २७९
८ ख
यत्रावध्यन्त
द्रोण पर्व
अध्याय ९७
६ ख
यत्रावध्यन्त
शल्य पर्व
अध्याय १
१७ ख
यत्रावला
अनुशासन पर्व
अध्याय १०५
१६ ख
यत्रावलो
शान्ति पर्व
अध्याय ९२
२१ क
यत्रावसानं
द्रोण पर्व
अध्याय २
३५ ख
यत्रावस्थामीदृशीं
कर्ण पर्व
अध्याय ४६
४१ ख
यत्रावहसितश्चासीत्प्रस्कन्दन्निव
आदि पर्व
अध्याय १
९० क
यत्राविनीतेषु
शान्ति पर्व
अध्याय २७६
५३ क
यत्राविशन्ति
शान्ति पर्व
अध्याय ३३१
६ क
यत्राव्यक्तं
शान्ति पर्व
अध्याय ३३६
२९ ग
यत्राव्रवीत्सूतपुत्रः
उद्योग पर्व
अध्याय २९
३६ क
यत्राशाम्यदकोपना
वन पर्व
अध्याय १३०
१५ ख
यत्रासते
आदि पर्व
अध्याय १८९
१९ ख
यत्रासते
शान्ति पर्व
अध्याय १२०
४४ क
यत्रासन्नृषय़ः
शल्य पर्व
अध्याय ३६
३० ग
यत्रासन्पाण्डवानां
आदि पर्व
अध्याय २०५
११ ख
यत्रासातामरिन्दमौ
उद्योग पर्व
अध्याय ५८
६ ख
यत्रासौ
वन पर्व
अध्याय ८५
८ ख
यत्रासौ
वन पर्व
अध्याय ८५
१८ क
यत्रासौ
वन पर्व
अध्याय २४०
२७ ख
यत्रासौ
उद्योग पर्व
अध्याय १०
११ क
यत्रासौ
द्रोण पर्व
अध्याय ८७
१० ख
यत्रासौ
द्रोण पर्व
अध्याय १०२
४८ ख
यत्रासौ
शल्य पर्व
अध्याय २३
६ ख
यत्रासौ
शल्य पर्व
अध्याय ३५
३९ ख
यत्रासौ
स्त्री पर्व
अध्याय ६
२ क
यत्रासौ
शान्ति पर्व
अध्याय १२४
४९ क
यत्रासौ
अनुशासन पर्व
अध्याय ८८
१४ ख
यत्रासौ
स्वर्गारोहण पर्व
अध्याय ३
२ ख
यत्रास्तमितशाय़ी
शान्ति पर्व
अध्याय ६१
८ क
यत्रास्तां
आदि पर्व
अध्याय २०४
१० ख
यत्रास्तां
द्रोण पर्व
अध्याय १०६
१७ ख
यत्रास्ते
आदि पर्व
अध्याय २००
१३ ख
यत्रास्ते
वन पर्व
अध्याय ८६
२१ क
यत्रास्ते
वन पर्व
अध्याय ८८
२७ क
यत्रास्ते
विराट पर्व
अध्याय ३४
१९ ख
यत्रास्ते
उद्योग पर्व
अध्याय १३
२५ क
यत्रास्ते
उद्योग पर्व
अध्याय १००
१ ख
यत्रास्ते
द्रोण पर्व
अध्याय ६९
५६ ख
यत्रास्ते
द्रोण पर्व
अध्याय ९२
२५ ख
यत्रास्ते
शान्ति पर्व
अध्याय ३३२
१२ ख
यत्रास्ते
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५१
३४ ग
यत्रास्ते
स्वर्गारोहण पर्व
अध्याय २
५३ ख
यत्रास्त्रमस्त्रेण
आदि पर्व
अध्याय २
१८६ ख
यत्रास्मि
कर्ण पर्व
अध्याय २५
५ क
यत्रास्य
आदि पर्व
अध्याय २
१०१ क
यत्रास्य
आदि पर्व
अध्याय २
११३ क
यत्रास्य
आदि पर्व
अध्याय ४६
११ क
यत्रास्य
आदि पर्व
अध्याय ६५
३१ क
यत्रास्य
वन पर्व
अध्याय ११३
२२ क
यत्रास्य
शल्य पर्व
अध्याय ३८
६ ख
यत्रास्य
शल्य पर्व
अध्याय ४१
५ ख
यत्रास्य
शान्ति पर्व
अध्याय १९०
८ ख
यत्रास्य
शान्ति पर्व
अध्याय ३३४
२ ग
यत्रास्या
वन पर्व
अध्याय २८१
६० ख
यत्राहं
आदि पर्व
अध्याय ७६
९ क
यत्राहं
उद्योग पर्व
अध्याय ७०
१३ क
यत्राहं
शान्ति पर्व
अध्याय २२१
८१ क
यत्राहन्यत
द्रोण पर्व
अध्याय १२६
२८ क
यत्राहमपि
द्रोण पर्व
अध्याय ६०
३३ ख
यत्राय़जत
वन पर्व
अध्याय ८५
१४ क
यत्राय़जत
वन पर्व
अध्याय ११४
४ ख