chevron_left  यथावत्पुनरन्वपृच्छ;arrow_drop_down
यथावत्पुनरन्वपृच्छ;
वन पर्व
अध्याय १८०
१४ ख
यथावत्पुरुषर्षभः
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ६३
४ ख
यथावत्पूजितो
शान्ति पर्व
अध्याय १०७
२५ क
यथावत्पृथिवीपाल
शान्ति पर्व
अध्याय ३०
१० ख
यथावत्पृथिवीमिमाम्
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय १४
१ क
यथावत्प्रतिपद्येथाः
सभा पर्व
अध्याय ६९
१९ ख
यथावत्प्रतिपेदिरे
शान्ति पर्व
अध्याय २२०
६१ ख
यथावत्प्रतिव्यूह
भीष्म पर्व
अध्याय ४६
४० ख
यथावत्प्रत्यनन्दत
वन पर्व
अध्याय ७५
१९ ख
यथावत्प्रत्यवेदय़त्
वन पर्व
अध्याय ७६
४ ख
यथावत्प्रत्यवेदय़न्
उद्योग पर्व
अध्याय १९३
५८ क
यथावत्प्रपश्यति
वन पर्व
अध्याय ३०
१८ क
यथावत्स
आदि पर्व
अध्याय १
१८ ख
यथावत्समलङ्कृतम्
शान्ति पर्व
अध्याय ३८
४५ ख
यथावत्समुपागतान्
अनुशासन पर्व
अध्याय १०
२० क
यथावत्समुपाचर
शान्ति पर्व
अध्याय १३६
२०४ ख
यथावत्सम्प्रकीर्तिता
शान्ति पर्व
अध्याय १०८
५ क
यथावत्सम्प्रतिष्ठितम्
आदि पर्व
अध्याय २२०
२८ ख
यथावत्सम्प्रदर्शितः
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५१
२० क
यथावत्सम्प्रवर्तन्तो
शान्ति पर्व
अध्याय १०८
१७ ख
यथावत्सर्वमाख्यातुं
वन पर्व
अध्याय २८१
१४ ख
यथावत्सर्वमाचक्ष्व
विराट पर्व
अध्याय १६
१४ ख
यथावत्सर्वमाचष्ट
उद्योग पर्व
अध्याय ९६
३ ख
यथावत्सूतनन्दन
आदि पर्व
अध्याय ५३
२८ क
यथावत्सूतपुत्रेण
आदि पर्व
अध्याय २
७० ख
यथावदत
आदि पर्व
अध्याय ९१
१७ क
यथावदद्य;
कर्ण पर्व
अध्याय २९
२ ख
यथावदध्यात्मविधिरेष
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ४२
४० क
यथावदनसूय़काः
शान्ति पर्व
अध्याय ७८
१७ क
यथावदनुतिष्ठति
शान्ति पर्व
अध्याय ८
२३ क
यथावदनुपश्यसि
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ३३
४ ख
यथावदनुपूर्वशः
शान्ति पर्व
अध्याय १५६
६ क
यथावदनुपूर्वशः
अनुशासन पर्व
अध्याय २७
९ ख
यथावदनुपृच्छतः
शान्ति पर्व
अध्याय ३३९
२१ क
यथावदनुरूपेभ्यस्ततः
अनुशासन पर्व
अध्याय ६२
४४ ख
यथावदनुवर्णितम्
शान्ति पर्व
अध्याय २९५
४५ ख
यथावदनुवर्णितम्
शान्ति पर्व
अध्याय ३३९
२१ ख
यथावदनुवर्णितम्
अनुशासन पर्व
अध्याय ११२
११३ क
यथावदनुशासनम्
वन पर्व
अध्याय २९
४ ख
यथावदनुशासनम्
उद्योग पर्व
अध्याय १३३
२१ ग
यथावदनुशासनम्
उद्योग पर्व
अध्याय १३४
१५ ख
यथावदनुय़ाय़िनम्
शान्ति पर्व
अध्याय १२२
९ क
यथावदभिसङ्ख्यया
आदि पर्व
अध्याय २
१९० क
यथावदमरद्युते
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५९
७ ख
यथावदमरेश्वर
शान्ति पर्व
अध्याय १०४
५१ ख
यथावदस्य
शान्ति पर्व
अध्याय १९२
३० क
यथावदहमाराद्धः
सौप्तिक पर्व
अध्याय ७
६१ क
यथावदाचख्युरतीव
वन पर्व
अध्याय १५२
२३ ख
यथावदानुपूर्व्येण
शान्ति पर्व
अध्याय ३१०
५ ख
यथावदिह
वन पर्व
अध्याय २०३
२ ख
यथावदिह
भीष्म पर्व
अध्याय १२
१ क
यथावदिह
भीष्म पर्व
अध्याय १२
८ क
यथावदिह
भीष्म पर्व
अध्याय १२
१२ क
यथावदिह
शान्ति पर्व
अध्याय १५३
५ क
यथावदिह
शान्ति पर्व
अध्याय २३२
१ क
यथावदिह
शान्ति पर्व
अध्याय २३९
८ क
यथावदिह
अनुशासन पर्व
अध्याय ११७
५ क
यथावदिह
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ३५
९ ख
यथावदुक्तं
वन पर्व
अध्याय १८०
३६ क
यथावदुक्तं
शान्ति पर्व
अध्याय १३८
७० क
यथावदुक्तं
शान्ति पर्व
अध्याय २३२
३४ क
यथावदुक्तं
शान्ति पर्व
अध्याय २९६
३७ ख
यथावदुक्तं
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ३६
३६ क
यथावदुक्तं
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ३७
१७ क
यथावदुक्तं
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ३८
१५ क
यथावदुक्तम्
शान्ति पर्व
अध्याय २९०
१०५ क
यथावदुद्यान्ति
विराट पर्व
अध्याय ६०
१६ ख
यथावदुपपद्यते
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय १८
२९ ख
यथावदुपपादितम्
वन पर्व
अध्याय २४६
२६ ख
यथावदुपवर्णितम्
शान्ति पर्व
अध्याय १६७
१८ ग
यथावदेकः;
वन पर्व
अध्याय १२०
२६ ख
यथावद्गदतो
द्रोण पर्व
अध्याय १३३
५३ ग
यथावद्गुरुवृत्त्या
शान्ति पर्व
अध्याय १२४
३९ क
यथावद्द्विजसत्तमाः
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ९०
२० क
यथावद्धर्मनिश्चय़म्
सभा पर्व
अध्याय ६
२ क
यथावद्भरतर्षभ
वन पर्व
अध्याय २१
१० क
यथावद्भरतर्षभ
वन पर्व
अध्याय ८९
१९ क
यथावद्भरतर्षभ
भीष्म पर्व
अध्याय १२
११ क
यथावद्भरतर्षभ
कर्ण पर्व
अध्याय ३१
३ ख
यथावद्भरतर्षभ
शल्य पर्व
अध्याय ६२
७ ख
यथावद्भरतर्षभ
शान्ति पर्व
अध्याय १६०
८६ ख
यथावद्भरतर्षभ
शान्ति पर्व
अध्याय २००
४५ ख
यथावद्भरतर्षभ
अनुशासन पर्व
अध्याय ६६
३ क
यथावद्भूरिदक्षिणः
वन पर्व
अध्याय १६४
३५ ख
यथावद्भृत्यवर्गस्य
शान्ति पर्व
अध्याय २८१
११ ख
यथावद्योद्धुमिच्छति
विराट पर्व
अध्याय ४६
१ ख
यथावद्राजसंनिधौ
कर्ण पर्व
अध्याय २७
७२ क
यथावद्वक्तुमर्हथ
शान्ति पर्व
अध्याय १६१
३ ख
यथावद्वक्तुमर्हसि
सभा पर्व
अध्याय १२
४० ख
यथावद्वक्तुमर्हसि
विराट पर्व
अध्याय ४६
१८ ख
यथावद्वक्तुमर्हसि
शान्ति पर्व
अध्याय ८६
३ ख
यथावद्वक्तुमर्हसि
शान्ति पर्व
अध्याय २९०
७७ क
यथावद्वक्तुमर्हसि
शान्ति पर्व
अध्याय ३१३
१२ ख
यथावद्वदतां
वन पर्व
अध्याय ३४
४१ क
यथावद्वदतां
वन पर्व
अध्याय १८१
९ क
यथावद्वर्तमानानां
शान्ति पर्व
अध्याय २५४
२० क
यथावद्वलभिदरुणाय़ामुपास्पृशत्
शल्य पर्व
अध्याय ४२
३५ ख
यथावद्वां
आदि पर्व
अध्याय २०१
२४ ख
यथावद्विचराम्यहम्
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५३
१८ ख
यथावद्विजानाति
शान्ति पर्व
अध्याय २१०
३५ ख