राजन्भास्करो
कर्ण पर्व
अध्याय १७
८१ ख
राजन्भिन्नाञ्जनचय़ोपमः
द्रोण पर्व
अध्याय १४२
३७ क
राजन्भीतस्यानागते
शान्ति पर्व
अध्याय १३६
२०१ क
राजन्भीमकर्णसमागमे
द्रोण पर्व
अध्याय १०४
१५ ख
राजन्भीममार्च्छत्समन्ततः
कर्ण पर्व
अध्याय ५५
६३ ग
राजन्भीमसुता
वन पर्व
अध्याय ५७
२ क
राजन्भीमसेनं
भीष्म पर्व
अध्याय ११५
१८ ख
राजन्भीमसेनः
द्रोण पर्व
अध्याय १०३
२० ख
राजन्भीमसेनः
कर्ण पर्व
अध्याय ५९
२० ख
राजन्भीमसेनजिघांसय़ा
शल्य पर्व
अध्याय ३२
४ ख
राजन्भीमसेनपुरोगमाः
सभा पर्व
अध्याय ५२
२९ ख
राजन्भीमसेनपुरोगमाः
भीष्म पर्व
अध्याय ९५
४० क
राजन्भीमसेनमथाव्रवीत्
वन पर्व
अध्याय १४६
८ ख
राजन्भीमसेनमवाकिरन्
भीष्म पर्व
अध्याय ५०
७२ ख
राजन्भीमसेनमुपाद्रवत्
कर्ण पर्व
अध्याय ४४
३ ख
राजन्भीमसेनवलेन
वन पर्व
अध्याय १४०
१२ ख
राजन्भीमसेनेन
सभा पर्व
अध्याय २१
३ ख
राजन्भीमसेनेन
द्रोण पर्व
अध्याय १०६
४० क
राजन्भीमसेनेन
कर्ण पर्व
अध्याय ४
४२ ख
राजन्भीमसेनेन
कर्ण पर्व
अध्याय ५५
६८ क
राजन्भीमस्य
द्रोण पर्व
अध्याय १३०
२८ क
राजन्भीष्मं
भीष्म पर्व
अध्याय ४३
१० ग
राजन्भीष्मं
भीष्म पर्व
अध्याय ९१
३ ख
राजन्भीष्मं
भीष्म पर्व
अध्याय १०४
११ क
राजन्भीष्मजय़ैषिणः
भीष्म पर्व
अध्याय ११४
६९ क
राजन्भीष्मद्रोणमुखाः
भीष्म पर्व
अध्याय ६८
३३ क
राजन्भीष्मरथं
भीष्म पर्व
अध्याय ११४
७९ ख
राजन्भीष्मस्तस्य
भीष्म पर्व
अध्याय ८२
१० ख
राजन्भीष्मस्य
भीष्म पर्व
अध्याय ९७
३७ क
राजन्भुक्त्वा
अनुशासन पर्व
अध्याय १०४
१० क
राजन्भुङ्क्ष्वास्य
वन पर्व
अध्याय १२८
१६ क
राजन्भुङ्क्ष्वैनां
शल्य पर्व
अध्याय ३०
४८ ख
राजन्भुञ्जतेऽन्नं
वन पर्व
अध्याय ९३
२० ख
राजन्भूतपूर्वः
उद्योग पर्व
अध्याय ६०
२४ क
राजन्भूतसङ्घैर्मुदा
सौप्तिक पर्व
अध्याय ८
८८ क
राजन्भूतानि
शान्ति पर्व
अध्याय ६८
१० क
राजन्भूमिरासीदतन्द्रितः
अनुशासन पर्व
अध्याय १३९
६ ख
राजन्भूरिः
द्रोण पर्व
अध्याय १४०
६ ख
राजन्भूरिश्रवसमाहवे
भीष्म पर्व
अध्याय ७०
२९ क
राजन्भूर्दिशः
वन पर्व
अध्याय ९३
२२ क
राजन्भूय़श्च
भीष्म पर्व
अध्याय १११
८ क
राजन्भूय़ो
उद्योग पर्व
अध्याय ३९
७० क
राजन्भूय़ोऽर्जुनमभाषत
द्रोण पर्व
अध्याय ११७
५४ ख
राजन्भृगुस्तथा
अनुशासन पर्व
अध्याय ३१
४२ ख
राजन्भेजिरे
द्रोण पर्व
अध्याय ९१
२२ ख
राजन्भोजनाच्छादनेन
उद्योग पर्व
अध्याय ३९
३३ ख
राजन्भ्रंशय़ामास
वन पर्व
अध्याय १७८
३६ ख
राजन्भ्रश्यते
वन पर्व
अध्याय १४
७ ख
राजन्भ्राजमान
द्रोण पर्व
अध्याय ९३
२९ ख
राजन्भ्राजमानाः
भीष्म पर्व
अध्याय ८३
२८ ख
राजन्भ्राजमानाः
भीष्म पर्व
अध्याय ९६
१२ ख
राजन्भ्रातरावेकतद्वितौ
शल्य पर्व
अध्याय ३५
१४ क
राजन्भ्राता
कर्ण पर्व
अध्याय ४
२७ ख
राजन्भ्रातृभिः
भीष्म पर्व
अध्याय ६१
३२ क
राजन्भ्रातृव्यसनकर्शितः
द्रोण पर्व
अध्याय १३१
१० ख
राजन्भ्रुवोर्मध्ये
कर्ण पर्व
अध्याय ४०
३१ ख
राजन्भय़ं
वन पर्व
अध्याय १६३
३५ ख
राजन्भय़ं
भीष्म पर्व
अध्याय ९९
३७ ख
राजन्भय़ं
कर्ण पर्व
अध्याय ३६
३६ क
राजन्भय़मन्ते
अनुशासन पर्व
अध्याय ११६
२८ ग
राजन्भय़ादर्चति
उद्योग पर्व
अध्याय ८६
३ ख
राजन्भय़ार्दितः
द्रोण पर्व
अध्याय १६५
८० क
राजन्भय़े
भीष्म पर्व
अध्याय १००
४ ख
राजन्मघवता
आदि पर्व
अध्याय १९७
१६ ख
राजन्मण्डलं
भीष्म पर्व
अध्याय १३
४३ ख
राजन्मण्डलावर्तने
कर्ण पर्व
अध्याय १८
३३ क
राजन्मतिं
भीष्म पर्व
अध्याय ७३
१४ ख
राजन्मतिर्मम
सभा पर्व
अध्याय १३
६१ ख
राजन्मतो
उद्योग पर्व
अध्याय १६४
२८ ख
राजन्मतो
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ७०
२३ ख
राजन्मत्स्यः
वन पर्व
अध्याय १८५
१२ क
राजन्मद्रराजपदानुगाः
शल्य पर्व
अध्याय १७
१ क
राजन्मद्रेशमीय़तुः
भीष्म पर्व
अध्याय ७७
२५ क
राजन्मध्यङ्गतेऽहनि
कर्ण पर्व
अध्याय ४०
४३ ख
राजन्मनसा
वन पर्व
अध्याय १९०
६६ क
राजन्मनुना
शान्ति पर्व
अध्याय १२१
१० क
राजन्मनोमारुतरंहसः
उद्योग पर्व
अध्याय १७९
१६ ख
राजन्मन्दकस्याविपश्चितः
उद्योग पर्व
अध्याय १३०
६ क
राजन्मन्दकस्याविपश्चितः
शान्ति पर्व
अध्याय १०
१ क
राजन्मम
उद्योग पर्व
अध्याय १९४
९ क
राजन्मम
भीष्म पर्व
अध्याय ९१
१० क
राजन्मम
कर्ण पर्व
अध्याय २२
३१ ख
राजन्मर्म
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ७८
३४ ख
राजन्मर्मण्यभिहतो
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ७५
१८ क
राजन्मर्मसु
कर्ण पर्व
अध्याय ३४
३४ ख
राजन्मर्माण्युद्दिश्य
भीष्म पर्व
अध्याय ७१
२९ ख
राजन्महता
आदि पर्व
अध्याय १९४
१९ क
राजन्महत्कर्म
अनुशासन पर्व
अध्याय १४१
१५ ख
राजन्महद्वैरं
सभा पर्व
अध्याय ७२
५ क
राजन्महनीय़कर्मा;
विराट पर्व
अध्याय ६०
३ ख
राजन्महर्षिर्गौतमस्तदा
शान्ति पर्व
अध्याय २५८
५६ क
राजन्महर्षय़ः
शल्य पर्व
अध्याय ५०
४३ क
राजन्महात्मनः
वन पर्व
अध्याय १८६
१११ ख
राजन्महात्मनः
द्रोण पर्व
अध्याय १४१
५८ ख
राजन्महात्मनः
शल्य पर्व
अध्याय ३७
२२ क
राजन्महात्मना
वन पर्व
अध्याय १२६
४१ क
राजन्महात्मनाम्
द्रोण पर्व
अध्याय ६
१५ ख
राजन्महात्मनाम्
द्रोण पर्व
अध्याय ४६
२३ क
राजन्महात्मानौ
आदि पर्व
अध्याय १९७
१४ क
राजन्महानदी
शल्य पर्व
अध्याय ३६
५३ ख