राजन्विचरन्तमभीतवत्
द्रोण पर्व
अध्याय ८३
३१ क
राजन्विचिकित्सिथाः
उद्योग पर्व
अध्याय ७१
२३ ख
राजन्विचिन्त्य
उद्योग पर्व
अध्याय ९
५२ क
राजन्विचेतसः
सौप्तिक पर्व
अध्याय ८
८२ क
राजन्विचेष्टा
शान्ति पर्व
अध्याय १८
८ क
राजन्विजानीहि
भीष्म पर्व
अध्याय २१
१२ क
राजन्विजिगीषन्ति
द्रोण पर्व
अध्याय ८७
२२ ख
राजन्विजित्य
भीष्म पर्व
अध्याय ११२
९६ क
राजन्विज्ञातं
सभा पर्व
अध्याय १७
१२ क
राजन्विज्ञातो
शल्य पर्व
अध्याय २९
४३ क
राजन्विज्ञाय़न्ते
कर्ण पर्व
अध्याय १९
७० क
राजन्वित्रस्ता
सौप्तिक पर्व
अध्याय ८
२९ क
राजन्वित्रस्तानां
कर्ण पर्व
अध्याय ४५
४२ ख
राजन्विदितधर्मोऽसि
शान्ति पर्व
अध्याय १६
२ क
राजन्विदितधर्मोऽसि
अनुशासन पर्व
अध्याय १५३
३० क
राजन्विदितमेतत्ते
कर्ण पर्व
अध्याय ४९
१०७ क
राजन्विदित्वा
शान्ति पर्व
अध्याय २८०
१८ क
राजन्विदुरश्च
आदि पर्व
अध्याय १०७
२९ ख
राजन्विदुरश्च
वन पर्व
अध्याय २९८
२१ ख
राजन्विदुरस्य
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ३५
११ क
राजन्विदुरेण
सभा पर्व
अध्याय ४५
४४ क
राजन्विद्यते
वन पर्व
अध्याय ७०
१२ क
राजन्विद्वान्भवान्दान्तः
वन पर्व
अध्याय २९९
९ क
राजन्विधिं
अनुशासन पर्व
अध्याय ७५
३ ख
राजन्विधिदृष्टेन
सभा पर्व
अध्याय २२
२९ ख
राजन्विधिदृष्टेन
द्रोण पर्व
अध्याय ५
३६ ख
राजन्विधूमोऽग्निरिव
भीष्म पर्व
अध्याय ९६
९ ख
राजन्विधूमोऽग्निरिव
कर्ण पर्व
अध्याय ३७
३५ ख
राजन्विधूमोऽग्निरिव
कर्ण पर्व
अध्याय ५६
३५ क
राजन्विनिघ्नंस्तव
भीष्म पर्व
अध्याय ९७
३३ क
राजन्विनिघ्नन्तः
शल्य पर्व
अध्याय २४
४४ ख
राजन्विनिवर्तय़ितुं
उद्योग पर्व
अध्याय १२७
१२ ख
राजन्विनिश्चित्य
शान्ति पर्व
अध्याय १६२
४७ ख
राजन्विनीतैः
वन पर्व
अध्याय ७७
२८ क
राजन्विन्दते
वन पर्व
अध्याय ८२
९३ ग
राजन्विपुलः
अनुशासन पर्व
अध्याय ४१
२९ क
राजन्विपुलत्वेन
भीष्म पर्व
अध्याय १३
४४ क
राजन्विप्रं
शान्ति पर्व
अध्याय १९२
७९ क
राजन्विप्रतस्थे
वन पर्व
अध्याय २४१
१० ख
राजन्विप्रलम्भप्रधर्षिताः
मौसल पर्व
अध्याय २
७ क
राजन्विप्रास्ते
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ९३
९० ख
राजन्विभुः
सभा पर्व
अध्याय २०
३२ क
राजन्विभूतिरनुवर्णिता
शान्ति पर्व
अध्याय ३०१
१४ क
राजन्विभ्रतीं
शान्ति पर्व
अध्याय ३११
२ क
राजन्विमना
आदि पर्व
अध्याय १८७
८ क
राजन्विमना
वन पर्व
अध्याय १४१
१५ ख
राजन्विमना
वन पर्व
अध्याय १४१
१६ ख
राजन्विमना
उद्योग पर्व
अध्याय ५४
४० ख
राजन्विमना
शान्ति पर्व
अध्याय १४
३८ ख
राजन्विमनाः
द्रोण पर्व
अध्याय १४२
१८ क
राजन्विमानानि
वन पर्व
अध्याय १६४
४० ख
राजन्विमृद्नन्तः
भीष्म पर्व
अध्याय ९८
३७ ख
राजन्विरथे
शल्य पर्व
अध्याय १६
७६ क
राजन्विरथे
शल्य पर्व
अध्याय २०
३० क
राजन्विराजता
अनुशासन पर्व
अध्याय ७८
२४ ख
राजन्विराजसे
शान्ति पर्व
अध्याय १४
३७ ख
राजन्विराटभवने
विराट पर्व
अध्याय २
२४ ख
राजन्विलप्य
वन पर्व
अध्याय २९२
२२ क
राजन्विललाप
वन पर्व
अध्याय ६१
११ क
राजन्विवृतलोचनौ
द्रोण पर्व
अध्याय १४४
५ क
राजन्विव्यधतुः
कर्ण पर्व
अध्याय ९
१३ ख
राजन्विव्यधुर्निशितैः
भीष्म पर्व
अध्याय १०९
३१ ख
राजन्विव्याध
भीष्म पर्व
अध्याय ४८
२५ ख
राजन्विव्याध
भीष्म पर्व
अध्याय ४९
३६ क
राजन्विव्याध
भीष्म पर्व
अध्याय ८०
७ ख
राजन्विव्याध
भीष्म पर्व
अध्याय ८०
२१ ख
राजन्विव्याध
भीष्म पर्व
अध्याय ८०
३३ ख
राजन्विव्याध
भीष्म पर्व
अध्याय १०७
१८ ख
राजन्विव्याध
भीष्म पर्व
अध्याय १०९
२७ ख
राजन्विव्याध
द्रोण पर्व
अध्याय १७
१४ क
राजन्विव्याध
द्रोण पर्व
अध्याय ६७
१९ क
राजन्विव्याध
द्रोण पर्व
अध्याय ८८
१९ क
राजन्विव्याध
द्रोण पर्व
अध्याय ९३
२१ क
राजन्विव्याध
द्रोण पर्व
अध्याय ९६
३७ ख
राजन्विव्याध
द्रोण पर्व
अध्याय १४५
२० क
राजन्विव्याध
द्रोण पर्व
अध्याय १४६
४४ ख
राजन्विव्याध
द्रोण पर्व
अध्याय १७१
३६ ख
राजन्विव्याध
कर्ण पर्व
अध्याय ११
१ क
राजन्विव्याधैव
भीष्म पर्व
अध्याय ११२
९८ क
राजन्विशमानास्ततस्ततः
शान्ति पर्व
अध्याय २०२
९ ख
राजन्विशालां
वन पर्व
अध्याय ८८
२३ ख
राजन्विशिष्यते
शल्य पर्व
अध्याय ३२
८ ख
राजन्विशेषस्तेषु
आदि पर्व
अध्याय १९७
१३ क
राजन्विशेषो
भीष्म पर्व
अध्याय ७९
१४ क
राजन्विशेषो
अनुशासन पर्व
अध्याय ४७
३७ ख
राजन्विश्वकर्मकृतो
कर्ण पर्व
अध्याय ३७
८ क
राजन्विश्वामित्रो
अनुशासन पर्व
अध्याय ४
५९ क
राजन्विश्वामित्रोऽभवन्नृपः
शल्य पर्व
अध्याय ३९
१६ ख
राजन्विश्वाश्विमरुतां
विराट पर्व
अध्याय ५१
३ ख
राजन्विषनिमित्ता
वन पर्व
अध्याय ६३
१८ क
राजन्विषविक्रय़िकाश्च
अनुशासन पर्व
अध्याय २४
७२ क
राजन्विषहेम
भीष्म पर्व
अध्याय १०३
५९ ख
राजन्विष्णुना
वन पर्व
अध्याय ८२
१०४ ग
राजन्विषय़वासिनाम्
उद्योग पर्व
अध्याय ६०
१७ क
राजन्विसञ्ज्ञा
द्रोण पर्व
अध्याय ५५
३३ ख
राजन्विसृज्य
आदि पर्व
अध्याय ५८
४५ क
राजन्विस्मितश्चेदमव्रवीत्
वन पर्व
अध्याय १६४
३६ ख
राजन्विस्मय़ोत्फुल्ललोचना
सभा पर्व
अध्याय १६
४१ क
राजन्विहिता
अनुशासन पर्व
अध्याय ४७
२५ ग
राजन्विहितान्यनुजानते
शान्ति पर्व
अध्याय ३६
४० ख