chevron_left  राजन्सहदेवश्चarrow_drop_down
राजन्सहदेवश्च
कर्ण पर्व
अध्याय ४०
९ ख
राजन्सहपुत्रं
सभा पर्व
अध्याय ४२
४३ क
राजन्सहपुत्रस्य
शल्य पर्व
अध्याय १६
८५ ख
राजन्सहसा
द्रोण पर्व
अध्याय ११७
१ ख
राजन्सहसा
सौप्तिक पर्व
अध्याय १७
१६ ख
राजन्सहस्रशः
वन पर्व
अध्याय ३४
७६ क
राजन्सहस्रशः
विराट पर्व
अध्याय १२
१३ क
राजन्सहस्रशः
शल्य पर्व
अध्याय ४४
९५ ख
राजन्सहस्राणि
कर्ण पर्व
अध्याय ४५
३५ क
राजन्सहामात्य
वन पर्व
अध्याय १२७
११ ख
राजन्सहाय़ै;
वन पर्व
अध्याय ६
२० क
राजन्सहिता
वन पर्व
अध्याय १४५
२३ ख
राजन्सहिताः
वन पर्व
अध्याय १८९
३० ख
राजन्सहिताः
भीष्म पर्व
अध्याय ७१
१ क
राजन्सागरं
उद्योग पर्व
अध्याय १९
६ ख
राजन्सागरान्ता
अनुशासन पर्व
अध्याय ४७
४० ख
राजन्सागरावर्तसम्भवः
सभा पर्व
अध्याय ५३
२२ क
राजन्साग्नय़ोऽनग्नय़स्तथा
वन पर्व
अध्याय ४७
५ ख
राजन्सात्यकिं
भीष्म पर्व
अध्याय ६०
१ क
राजन्सात्यकिं
भीष्म पर्व
अध्याय ७०
१० ग
राजन्सात्यकिं
भीष्म पर्व
अध्याय ७७
२९ क
राजन्सात्यकिं
द्रोण पर्व
अध्याय ८८
४६ क
राजन्सात्यकिः
द्रोण पर्व
अध्याय ८८
५४ ख
राजन्सात्यकिः
द्रोण पर्व
अध्याय १३७
१८ ख
राजन्सात्यकिः
द्रोण पर्व
अध्याय १६४
२६ क
राजन्सात्यकिरिदमव्रवीत्
द्रोण पर्व
अध्याय १६९
८ ख
राजन्सात्वतेन
द्रोण पर्व
अध्याय ८२
३८ क
राजन्सात्वतेनार्दितः
द्रोण पर्व
अध्याय १२२
६६ क
राजन्साधवे
वन पर्व
अध्याय ३६
३३ क
राजन्सानुवन्धः
शल्य पर्व
अध्याय ३०
१० ख
राजन्सान्त्वस्य
अनुशासन पर्व
अध्याय १२५
३ क
राजन्सापत्नं
वन पर्व
अध्याय २९७
६७ ख
राजन्साम्पराय़े
आदि पर्व
अध्याय ४४
११ ख
राजन्सारथिं
द्रोण पर्व
अध्याय ८८
२८ ख
राजन्सारथ्यं
द्रोण पर्व
अध्याय १२२
५१ ख
राजन्सार्चिषः
द्रोण पर्व
अध्याय १५०
८६ ख
राजन्सिंहनादान्विनेदिरे
द्रोण पर्व
अध्याय १७२
२८ ख
राजन्सिंहवद्विनदन्मुहुः
भीष्म पर्व
अध्याय ९७
९ क
राजन्सिंहस्य
कर्ण पर्व
अध्याय ४०
११७ ख
राजन्सिंहैरिव
उद्योग पर्व
अध्याय ४६
१० ख
राजन्सिद्धचारणसेविताः
भीष्म पर्व
अध्याय ७
४ क
राजन्सिद्धस्त्रैलोक्यसंमतः
शान्ति पर्व
अध्याय ३४०
५ क
राजन्सिध्यन्ति
शान्ति पर्व
अध्याय ८३
३५ ख
राजन्सुकुमार
भीष्म पर्व
अध्याय १२
२३ ख
राजन्सुकेतुस्त्वरितो
कर्ण पर्व
अध्याय ३८
२१ ख
राजन्सुखं
वन पर्व
अध्याय ५८
३४ ख
राजन्सुखार्थिनाम्
वन पर्व
अध्याय ३४
४२ क
राजन्सुखिनः
उद्योग पर्व
अध्याय ३६
७० ख
राजन्सुखी
शल्य पर्व
अध्याय ३२
३१ ख
राजन्सुघोरं
भीष्म पर्व
अध्याय ९९
४४ ख
राजन्सुतैः
आदि पर्व
अध्याय १५६
११ क
राजन्सुदक्षिणे
द्रोण पर्व
अध्याय ६९
२ क
राजन्सुदेवो
वन पर्व
अध्याय ६५
३७ क
राजन्सुनीथा
शान्ति पर्व
अध्याय ५९
९९ क
राजन्सुप्तजने
सौप्तिक पर्व
अध्याय ८
१४८ क
राजन्सुमहान्वुद्धिविप्लवः
सभा पर्व
अध्याय २०
१३ ख
राजन्सुमहान्सर्वधातुमान्
भीष्म पर्व
अध्याय १३
८ क
राजन्सुमानिता
शल्य पर्व
अध्याय २
११ क
राजन्सुरभिः
वन पर्व
अध्याय १०
७ क
राजन्सुरभिर्वै
आदि पर्व
अध्याय ६०
६५ क
राजन्सुरराजकल्पः
द्रोण पर्व
अध्याय ९४
१६ ख
राजन्सुराः
उद्योग पर्व
अध्याय ४६
९ ख
राजन्सुरेन्द्राय़
शान्ति पर्व
अध्याय ३४०
१० क
राजन्सुरैः
वन पर्व
अध्याय १०२
१५ क
राजन्सुवर्चसः
द्रोण पर्व
अध्याय ९८
४१ क
राजन्सुवलवानपि
वन पर्व
अध्याय ३४
६१ क
राजन्सुवलवानपि
वन पर्व
अध्याय ३४
६७ क
राजन्सुवहवो
भीष्म पर्व
अध्याय १२
४ क
राजन्सुवेगाभिहता
भीष्म पर्व
अध्याय ८६
१७ ग
राजन्सुवेषं
उद्योग पर्व
अध्याय १९
१० ख
राजन्सुष्वाप
आदि पर्व
अध्याय ११९
३३ ख
राजन्सुहृज्जनाः
वन पर्व
अध्याय २३
१५ क
राजन्सुहृद्वृतः
शान्ति पर्व
अध्याय ३४
३१ क
राजन्सूचिपाशे
द्रोण पर्व
अध्याय ६३
२७ ख
राजन्सूतपुत्ररथं
द्रोण पर्व
अध्याय १४९
१ क
राजन्सूतपुत्रश्च
द्रोण पर्व
अध्याय ७०
४९ ख
राजन्सूतपुत्रस्य
कर्ण पर्व
अध्याय ६२
५९ ख
राजन्सूतपुत्राः
विराट पर्व
अध्याय २३
१ ख
राजन्सूतपुत्रेण
द्रोण पर्व
अध्याय १४५
१४ क
राजन्सूतपुत्रेण
कर्ण पर्व
अध्याय १७
९६ क
राजन्सूतपुत्रैरनिन्दिता
विराट पर्व
अध्याय २२
११ क
राजन्सूदय़िष्यामि
वन पर्व
अध्याय १५४
४४ ख
राजन्सूर्यस्य
द्रोण पर्व
अध्याय १०६
५३ ख
राजन्सृञ्जय़ाश्च
भीष्म पर्व
अध्याय ८६
७६ क
राजन्सेनां
द्रोण पर्व
अध्याय १३
६ क
राजन्सेनापतिर्जातः
सभा पर्व
अध्याय १३
९ ख
राजन्सेनासमुद्योगो
द्रोण पर्व
अध्याय १००
५ क
राजन्सेनय़ोरुभय़ोर्मतः
द्रोण पर्व
अध्याय २४
३२ क
राजन्सैनिकाश्च
द्रोण पर्व
अध्याय ९६
४२ क
राजन्सैन्येन
भीष्म पर्व
अध्याय ११२
८७ क
राजन्सोदर्यान्समभाषत
कर्ण पर्व
अध्याय ३५
४ ख
राजन्सोमं
द्रोण पर्व
अध्याय ११२
२२ ख
राजन्सोमं
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ९०
२१ क
राजन्सोमकपाण्डवाः
शल्य पर्व
अध्याय ५६
४९ क
राजन्सोमकाश्च
शल्य पर्व
अध्याय १०
२१ क
राजन्सोमदत्तस्य
भीष्म पर्व
अध्याय ५९
२८ ख
राजन्सोमदत्तस्य
द्रोण पर्व
अध्याय १३७
२८ क
राजन्सोमपा
शान्ति पर्व
अध्याय ३३५
४८ क
राजन्सोमलोकमवाप्नुय़ात्
वन पर्व
अध्याय ८१
९६ ख
राजन्सोऽङ्गिरास्तपसो
वन पर्व
अध्याय ८१
१६४ क