र्देवारिदर्पोल्वणमन्युदर्पैः
कर्ण पर्व
अध्याय १२
५९ क
र्देवैरपीन्द्रप्रमुखैः
उद्योग पर्व
अध्याय ४७
८७ क
र्देहादजस्रं
उद्योग पर्व
अध्याय १८२
१५ ख
र्द्रुतं
कर्ण पर्व
अध्याय ६८
२५ ख
र्द्रुताभिरत्यर्थसमुच्छ्रिताभिः
अनुशासन पर्व
अध्याय २७
८० क
र्द्वाभ्यां
द्रोण पर्व
अध्याय १७१
६१ ख
र्द्विर्द्वादशाहैरश्वमेधैश्च
अनुशासन पर्व
अध्याय १०६
३१ क
र्धनञ्जय़ेनोत्तमकुण्डलेऽपि
कर्ण पर्व
अध्याय ६६
३२ ख
र्धरणिधरः
शान्ति पर्व
अध्याय ३३४
१३ क
र्धरा
द्रोण पर्व
अध्याय ४८
४५ ख
र्धर्मेण
आदि पर्व
अध्याय १८५
१९ ख
र्धूमापाङ्गं
आदि पर्व
अध्याय ८४
२१ ख
र्धृतराष्ट्रः
उद्योग पर्व
अध्याय २२
३६ ख
र्धैर्यात्कृतात्मानमिवेन्द्रिय़ाणि
कर्ण पर्व
अध्याय ६०
१६ ख
र्ध्रुवं
वन पर्व
अध्याय २२५
१२ ख
र्ध्रुवं
कर्ण पर्व
अध्याय ६४
२८ ख
र्न
आदि पर्व
अध्याय १२७
२४ ख
र्न
सभा पर्व
अध्याय ५६
८ क
र्न
सभा पर्व
अध्याय ६०
२ ख
र्न
वन पर्व
अध्याय २९४
३६ ख
र्न
उद्योग पर्व
अध्याय २७
२२ क
र्न
भीष्म पर्व
अध्याय ३३
४८ क
र्न
भीष्म पर्व
अध्याय ५५
७२ ख
र्न
भीष्म पर्व
अध्याय ५५
११६ ख
र्न
भीष्म पर्व
अध्याय ७३
४१ ग
र्न
शान्ति पर्व
अध्याय ७८
२६ क
र्न
शान्ति पर्व
अध्याय १२०
५० ख
र्न
शान्ति पर्व
अध्याय १२०
५२ क
र्न
शान्ति पर्व
अध्याय १९५
१५ क
र्न
अनुशासन पर्व
अध्याय १४
९७ क
र्न
अनुशासन पर्व
अध्याय ९०
३७ ख
र्न
अनुशासन पर्व
अध्याय १०९
६९ क
र्न
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ९
२९ क
र्न
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय १०
१५ ख
र्नक्तं
कर्ण पर्व
अध्याय ६८
२० ग
र्नखरभुशुण्डिगदाशतैर्द्रुताः
कर्ण पर्व
अध्याय २१
५ क
र्नदीजकाम्वोजवनाय़ुवाह्लिकैः
कर्ण पर्व
अध्याय ४
९६ क
र्नराश्वनागासुहरं
कर्ण पर्व
अध्याय ६२
४० ख
र्नराश्वनागैर्गिरिकूटकल्पैः
कर्ण पर्व
अध्याय ६८
८ ख
र्नराश्वमातङ्गरथाञ्शरैर्हतान्
कर्ण पर्व
अध्याय २६
४४ क
र्नरोत्तमाभ्यां
कर्ण पर्व
अध्याय ६४
१३ क
र्नादेवीस्त्वं
सभा पर्व
अध्याय ६३
७ ख
र्नानाविधैर्वहुभिः
अनुशासन पर्व
अध्याय ९६
४२ क
र्नाराचमुख्यैस्त्रिभिरुग्रवेगैः
शल्य पर्व
अध्याय १९
१३ ख
र्नाराय़णः
अनुशासन पर्व
अध्याय १४३
४४ क
र्नाराय़णो
शान्ति पर्व
अध्याय ३३७
५ क
र्नाव्रह्मविज्जुहुय़ान्नाविपश्चित्
वन पर्व
अध्याय १८४
१३ क
र्नास्त्यन्ततो
उद्योग पर्व
अध्याय २८
७ ख
र्निकृत्तचक्राक्षय़ुगत्रिवेणुभिः
कर्ण पर्व
अध्याय ६८
२३ ख
र्निकृत्य
कर्ण पर्व
अध्याय ६०
२३ क
र्निजघ्नतुस्तावितरेतरं
कर्ण पर्व
अध्याय ६०
३१ क
र्नित्यं
सभा पर्व
अध्याय ६३
३ ख
र्नित्यं
वन पर्व
अध्याय २२५
१० क
र्निदेशगाः
भीष्म पर्व
अध्याय ५५
७४ ख
र्निनादिते
कर्ण पर्व
अध्याय ६४
९ क
र्निपातितैर्निष्टनतीव
द्रोण पर्व
अध्याय ४८
४३ ख
र्निमज्जतीं
द्रोण पर्व
अध्याय २
३ क
र्निवर्ततां
उद्योग पर्व
अध्याय १५८
४१ क
र्निवारय़ामास
भीष्म पर्व
अध्याय ५५
१११ ख
र्निशानिशं
वन पर्व
अध्याय १७४
५ ख
र्निशाम्य
शान्ति पर्व
अध्याय ११५
१८ क
र्नूनं
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ९
१७ ख
र्नृपवरमध्यगतो
द्रोण पर्व
अध्याय ४७
४० ख
र्नृपस्य
कर्ण पर्व
अध्याय १५
४० क
र्नृपास्तथान्येऽनुय़युः
भीष्म पर्व
अध्याय ५६
२ ख
र्नेशे
वन पर्व
अध्याय २६
१४ ख
र्नय़ाम्येतान्धार्तराष्ट्रान्यमाय़
कर्ण पर्व
अध्याय ५४
१ ग
र्भारद्वाजेनात्तशस्त्रेण
आदि पर्व
अध्याय १
१३२ क
र्भीमस्य
शल्य पर्व
अध्याय १६
२२ क
र्भीष्मं
भीष्म पर्व
अध्याय ८१
१२ ग
र्भूतान्तकृत्काल
कर्ण पर्व
अध्याय ५४
७ ख
र्भृशं
उद्योग पर्व
अध्याय ३६
९ क
र्भृशं
द्रोण पर्व
अध्याय १३८
२० ख
र्भृशं
कर्ण पर्व
अध्याय ६५
३५ क
र्भृशं
शान्ति पर्व
अध्याय २८८
१० क
र्भेर्यः
द्रोण पर्व
अध्याय १५४
६२ क
र्भय़ाद्द्रवद्भिर्जनितोऽतिभैरवः
द्रोण पर्व
अध्याय २५
५७ क
र्मदोत्कटाभिः
शान्ति पर्व
अध्याय १६१
३६ क
र्मनोजवैः
शान्ति पर्व
अध्याय ४६
३५ क
र्मनोरमां
वन पर्व
अध्याय २५
१८ क
र्मन्दासुभिश्चैव
कर्ण पर्व
अध्याय ६८
१८ क
र्मर्मस्वसक्तं
कर्ण पर्व
अध्याय ६२
६० क
र्महर्षिभिर्भूषितमग्निकल्पैः
अनुशासन पर्व
अध्याय १४
३७ ख
र्महर्षिभिर्यक्षमहोरगैरपि
कर्ण पर्व
अध्याय ६८
६३ क
र्महर्षय़स्तात
शान्ति पर्व
अध्याय ६१
१३ क
र्महागिरिर्वारणय़ूथपैरिव
वन पर्व
अध्याय २५
२६ ख
र्महाघोरं
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय १०
१४ ख
र्महाजवैर्वलिभिः
सभा पर्व
अध्याय ५२
१ क
र्महाजवैर्वाजिभिरुह्यमानाः
वन पर्व
अध्याय २५३
६ क
र्महात्मा
शल्य पर्व
अध्याय ४०
३५ क
र्महाद्रुमः
वन पर्व
अध्याय २५
२६ क
र्महाभय़ेऽसुरगणविग्रहे
आदि पर्व
अध्याय १७
२७ ख
र्महारथानीकमनुप्रविश्य
शल्य पर्व
अध्याय २३
६४ क
र्महार्णवाश्चुक्षुभिरे
कर्ण पर्व
अध्याय ६८
४८ ख
र्महावलैर्वेगिभिरुन्नदद्भिः
वन पर्व
अध्याय १०३
८ क
र्महाविभूतिर्गुणवान्निर्गुणाख्यः
शान्ति पर्व
अध्याय ३३५
८८ क
र्मही
कर्ण पर्व
अध्याय ६८
१८ ख
र्मही
कर्ण पर्व
अध्याय ६८
२० ख
र्महीं
कर्ण पर्व
अध्याय ६८
१७ ख
र्महीधराभैः
शान्ति पर्व
अध्याय ५२
३१ क