र्वृतो
आदि पर्व
अध्याय १२५
३२ क
र्वृत्तप्रसादेन
उद्योग पर्व
अध्याय ३६
२४ क
र्वैकर्तनं
कर्ण पर्व
अध्याय ६०
१६ क
र्वैकर्तनः
विराट पर्व
अध्याय ४९
२० क
र्वैरोचनेः
वन पर्व
अध्याय २७
१३ क
र्व्याविध्य
वन पर्व
अध्याय १५२
१६ क
र्व्रतमिदमाजगरं
शान्ति पर्व
अध्याय १७२
२५ ख
र्व्रतमिदमाजगरं
शान्ति पर्व
अध्याय १७२
२७ ख
र्व्रह्मक्षत्रस्यान्तरे
वन पर्व
अध्याय १९०
६० ख
र्हतपतितैः
द्रोण पर्व
अध्याय १३१
१३४ क
र्हतर्षभा
कर्ण पर्व
अध्याय ६८
५ ख
र्हता
द्रोण पर्व
अध्याय ३१
७५ क
र्हतानुषङ्गैर्विनिषङ्गवन्धुरैः
कर्ण पर्व
अध्याय ६८
२४ क
र्हतान्पाञ्चालान्द्रौपदेय़ांश्च
आदि पर्व
अध्याय १
१५३ क
र्हताश्वसूतैर्विपताककेतुभिः
द्रोण पर्व
अध्याय ४८
४४ क
र्हतेश्वरैराजिरथैः
कर्ण पर्व
अध्याय ६८
२५ क
र्हतो
वन पर्व
अध्याय १९०
६९ क
र्हिरण्यज्योतिरमृतस्य
शान्ति पर्व
अध्याय ७४
२६ क
र्हिरण्यवर्णाभिरतीव
वन पर्व
अध्याय १८४
७ ख
र्हृष्टास्ततो
वन पर्व
अध्याय १२
६८ ख
र्हय़ांश्चतुर्भिर्निजघान
द्रोण पर्व
अध्याय ११५
१७ ख
र्हय़ान्निहत्याशु
द्रोण पर्व
अध्याय ९४
१३ ख
रय़ं
कर्ण पर्व
अध्याय २८
३८ क