राजन्कौशिकस्याश्रमे
उद्योग पर्व
अध्याय १८७
२६ ख
राजन्क्रतुभिरिष्टवान्
वन पर्व
अध्याय १२९
१२ क
राजन्क्रन्दन्त्यो
शल्य पर्व
अध्याय २८
६५ क
राजन्क्रमशः
आदि पर्व
अध्याय १०७
२० ख
राजन्क्रिय़तां
वन पर्व
अध्याय ३६
३४ क
राजन्क्रिय़यैव
शल्य पर्व
अध्याय ३०
९ ग
राजन्क्रीडते
शान्ति पर्व
अध्याय ३३६
५६ ख
राजन्क्रीडार्थमनुसञ्चरन्
स्त्री पर्व
अध्याय ३
१५ क
राजन्क्रुद्धे
कर्ण पर्व
अध्याय २४
११६ क
राजन्क्रूरमाय़ोधनं
द्रोण पर्व
अध्याय १४४
३० ख
राजन्क्रोधश्च
उद्योग पर्व
अध्याय ३४
६३ ख
राजन्क्रोधादुद्वृत्य
सौप्तिक पर्व
अध्याय ४
२० ख
राजन्क्रौञ्चा
द्रोण पर्व
अध्याय ११४
२६ ख
राजन्क्व
शान्ति पर्व
अध्याय २८
५२ क
राजन्क्व
शान्ति पर्व
अध्याय १०५
१७ क
राजन्क्वचित्किंशुकसंनिभः
उद्योग पर्व
अध्याय १८०
३१ ख
राजन्क्षत्रधर्ममनुस्मर
शान्ति पर्व
अध्याय ३४
२ क
राजन्क्षत्रिय़स्य
शल्य पर्व
अध्याय ३०
५३ ख
राजन्क्षत्रिय़ा
सभा पर्व
अध्याय २०
७ क
राजन्क्षत्रिय़ान्भय़माविशत्
भीष्म पर्व
अध्याय ११५
१० क
राजन्क्षम
कर्ण पर्व
अध्याय ४९
९८ ग
राजन्क्षरन्त
द्रोण पर्व
अध्याय ८७
१७ ख
राजन्क्षिपतस्तस्य
उद्योग पर्व
अध्याय १८३
६ क
राजन्क्षिप्तो
द्रोण पर्व
अध्याय १०३
१६ क
राजन्क्षिप्रमेव
विराट पर्व
अध्याय ६४
५ क
राजन्क्षिप्रहस्तोऽभ्यविध्यत
भीष्म पर्व
अध्याय ५१
१० ख
राजन्क्षीणकोशश्च
अनुशासन पर्व
अध्याय ३१
२२ क
राजन्क्षुधासम्पीडितो
वन पर्व
अध्याय १९७
९ क
राजन्क्षुधितस्येव
शान्ति पर्व
अध्याय ८३
५२ ख
राजन्क्षुरप्रेण
शल्य पर्व
अध्याय १२
३२ क
राजन्क्षेमा
शल्य पर्व
अध्याय ५९
३९ क
राजन्क्षय़ं
अनुशासन पर्व
अध्याय १४१
२९ क
राजन्क्षय़ं
मौसल पर्व
अध्याय ८
५९ क
राजन्क्षय़मेकवीरः
कर्ण पर्व
अध्याय ६५
४३ ख
राजन्गङ्गां
वन पर्व
अध्याय १०८
९ क
राजन्गङ्गाकूले
अनुशासन पर्व
अध्याय ४३
१७ ख
राजन्गङ्गातीरमुपानय़त्
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय २५
६ ख
राजन्गङ्गाय़ाः
शान्ति पर्व
अध्याय २९
१११ क
राजन्गच्छन्तं
सौप्तिक पर्व
अध्याय ९
३९ क
राजन्गच्छस्वैतदर्थस्य
शान्ति पर्व
अध्याय ३०६
९० ख
राजन्गजांश्च
भीष्म पर्व
अध्याय ११२
६८ क
राजन्गजानीकं
कर्ण पर्व
अध्याय ४
२० क
राजन्गजेन्द्रेणेव
भीष्म पर्व
अध्याय ५०
७९ क
राजन्गतपूर्वस्तथा
द्रोण पर्व
अध्याय ७४
१२ क
राजन्गतसत्त्वा
द्रोण पर्व
अध्याय ११०
४ ख
राजन्गतोऽसीह
वन पर्व
अध्याय ६१
१२ ख
राजन्गदतस्त्वं
शान्ति पर्व
अध्याय ५७
२ ख
राजन्गदतो
शान्ति पर्व
अध्याय १४१
९ ख
राजन्गदामादाय़
शल्य पर्व
अध्याय ५४
१९ क
राजन्गदाहस्तौ
द्रोण पर्व
अध्याय १३
२४ क
राजन्गन्तुं
शल्य पर्व
अध्याय ३
४५ ख
राजन्गन्धमादनमन्तिकात्
वन पर्व
अध्याय १५५
१६ क
राजन्गन्धर्वाञ्शतशो
वन पर्व
अध्याय २३४
४ क
राजन्गन्धर्वाश्च
सभा पर्व
अध्याय ७
२१ क
राजन्गन्धर्वाश्च
कर्ण पर्व
अध्याय ६३
४१ ख
राजन्गन्धर्वासुरराक्षसाः
भीष्म पर्व
अध्याय ७
१६ क
राजन्गन्धस्तत्र
भीष्म पर्व
अध्याय ६
६ क
राजन्गभस्तिभिरिवांशुमान्
द्रोण पर्व
अध्याय १६५
२५ क
राजन्गमिष्यामि
द्रोण पर्व
अध्याय ५३
१६ ख
राजन्गमिष्यामि
अनुशासन पर्व
अध्याय ५४
३६ क
राजन्गमिष्यामो
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ४४
४४ ख
राजन्गर्जमाने
शल्य पर्व
अध्याय ३२
१ क
राजन्गहनं
आदि पर्व
अध्याय १३७
१८ ख
राजन्गाङ्गेय़मुक्तवान्
द्रोण पर्व
अध्याय १
३६ क
राजन्गाङ्गेय़स्य
भीष्म पर्व
अध्याय ९३
२६ ख
राजन्गाण्डीवस्य
द्रोण पर्व
अध्याय १४५
४४ ख
राजन्गाण्डीवेन
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ८३
३० ख
राजन्गान्धारे
कर्ण पर्व
अध्याय २५
४ क
राजन्गुणश्रेष्ठो
शान्ति पर्व
अध्याय १६१
८ क
राजन्गुणस्तत्रापरः
शान्ति पर्व
अध्याय ३०८
१०६ क
राजन्गुणैर्विद्वान्वृहस्पतिः
शान्ति पर्व
अध्याय ३२३
२ ख
राजन्गुणोत्पत्तिं
शल्य पर्व
अध्याय ३४
३५ क
राजन्गुरवे
शान्ति पर्व
अध्याय ३३४
१२ ख
राजन्गुरुकुले
शल्य पर्व
अध्याय ३९
४ क
राजन्गुरुर्नः
वन पर्व
अध्याय ७
२१ क
राजन्गुरुश्च
द्रोण पर्व
अध्याय ५
१९ ख
राजन्गुरुस्तस्य
अनुशासन पर्व
अध्याय ४०
५९ क
राजन्गुर्वर्थिनं
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५६
४ क
राजन्गूढं
उद्योग पर्व
अध्याय ८५
८ ख
राजन्गृध्रो
शान्ति पर्व
अध्याय १४९
१०३ क
राजन्गृहं
शान्ति पर्व
अध्याय १०७
२५ क
राजन्गृहस्थाश्रम
शान्ति पर्व
अध्याय १२
११ ख
राजन्गृहीतास्त्रः
वन पर्व
अध्याय १६४
५५ क
राजन्गोकर्णमभितोऽगमत्
आदि पर्व
अध्याय २०९
२४ ख
राजन्गोचर्मभ्यः
अनुशासन पर्व
अध्याय ६५
४१ ख
राजन्गोविन्दो
भीष्म पर्व
अध्याय १३
१८ ख
राजन्गोवृषेण
द्रोण पर्व
अध्याय ८०
१५ क
राजन्गोसहस्रफलं
वन पर्व
अध्याय ८१
१३० ख
राजन्गोसहस्रफलं
वन पर्व
अध्याय ८३
१५ ख
राजन्गोसहस्रफलं
वन पर्व
अध्याय ८३
२० ख
राजन्गौतमं
कर्ण पर्व
अध्याय ३८
२४ क
राजन्गौतमः
कर्ण पर्व
अध्याय ७
१८ क
राजन्गौतमस्य
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ५७
५४ क
राजन्गौतमो
शान्ति पर्व
अध्याय १६४
१७ क
राजन्ग्रस्तजङ्घो
शल्य पर्व
अध्याय ३८
५ क
राजन्ग्रहा
भीष्म पर्व
अध्याय ६८
१९ ख
राजन्ग्रहीतुं
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ७३
३ ख
राजन्ग्राम्यारण्याश्चतुर्दश
भीष्म पर्व
अध्याय ५
१५ क
राजन्घूर्णमानास्ततस्ततः
द्रोण पर्व
अध्याय १५२
५ ख
राजन्घोरं
द्रोण पर्व
अध्याय ९१
५४ ख