लोकान्राजन्यथेप्सितान्
वन पर्व
अध्याय ९७
२५ ख
लोकान्वसुधा
विराट पर्व
अध्याय ४५
३ ख
लोकान्वसूनां
अनुशासन पर्व
अध्याय ११०
१०५ क
लोकान्वसूनामाप्नोति
अनुशासन पर्व
अध्याय ११०
९१ ख
लोकान्वहुविधान्दिव्यान्यद्वास्य
अनुशासन पर्व
अध्याय ७२
४५ ख
लोकान्वाय़ुरव्याहतो
शान्ति पर्व
अध्याय ३४०
५ ख
लोकान्विचरन्सुखं
शान्ति पर्व
अध्याय ३०४
६ ख
लोकान्विजिग्ये
आदि पर्व
अध्याय १०१
२१ ख
लोकान्विजेतुं
आदि पर्व
अध्याय २१६
२९ ख
लोकान्विजेतुं
अनुशासन पर्व
अध्याय ७६
३५ ख
लोकान्विपुलान्दिव्यानादित्यानामुपाश्नुते
अनुशासन पर्व
अध्याय ११०
८५ ख
लोकान्विप्रर्षिः
शान्ति पर्व
अध्याय २५३
४ ख
लोकान्विरजाः
वन पर्व
अध्याय १८४
३ ख
लोकान्विराजते
शान्ति पर्व
अध्याय ३३२
८ ख
लोकान्विवात्यसौ
शान्ति पर्व
अध्याय ३३२
९ ख
लोकान्विविशुः
स्वर्गारोहण पर्व
अध्याय ५
२४ ख
लोकान्विष्टभ्य
आदि पर्व
अध्याय १६५
४४ क
लोकान्विष्टभ्य
उद्योग पर्व
अध्याय ८८
५३ ख
लोकान्विसर्जय़ामास
अनुशासन पर्व
अध्याय १३४
५६ ख
लोकान्वै
वन पर्व
अध्याय ८३
९५ क
लोकान्वै
शान्ति पर्व
अध्याय १२१
५३ ख
लोकान्वै
शान्ति पर्व
अध्याय २७०
२५ ख
लोकान्वै
शान्ति पर्व
अध्याय ३२७
५७ ख
लोकान्वै
शान्ति पर्व
अध्याय ३३५
३० ग
लोकान्व्रह्मणः
आदि पर्व
अध्याय ३८
१० ख
लोकान्व्रह्मणः
वन पर्व
अध्याय ८०
५३ ग
लोकान्व्रह्मलोकं
अनुशासन पर्व
अध्याय ११०
१२० ख
लोकान्स
आदि पर्व
अध्याय १७०
१२ क
लोकान्स
वन पर्व
अध्याय ४३
३८ क
लोकान्स
अनुशासन पर्व
अध्याय ६३
१८ ख
लोकान्स
अनुशासन पर्व
अध्याय ९६
२३ ख
लोकान्स
अनुशासन पर्व
अध्याय ११०
७७ ख
लोकान्स
अनुशासन पर्व
अध्याय ११०
८१ ख
लोकान्संमितान्धेनुदस्य
अनुशासन पर्व
अध्याय ७०
३३ ख
लोकान्सञ्चिन्त्य
शान्ति पर्व
अध्याय ३२२
२९ ग
लोकान्सदा
सभा पर्व
अध्याय ६
७ क
लोकान्समश्नुते
शल्य पर्व
अध्याय २७
२० क
लोकान्समस्तान्वोढुमञ्जसा
उद्योग पर्व
अध्याय १०३
१० ख
लोकान्समाहर्तुमिह
भीष्म पर्व
अध्याय ३३
३२ क
लोकान्समुत्पतन्तं
शल्य पर्व
अध्याय ४९
२९ क
लोकान्सम्प्राप्नोति
शान्ति पर्व
अध्याय ५४
१० क
लोकान्सर्वकामदुहोऽक्षय़ान्
द्रोण पर्व
अध्याय ५४
१५ ख
लोकान्सर्वकामदुहोऽक्षय़ान्
शान्ति पर्व
अध्याय ९८
१२ ख
लोकान्सर्वानचीचरत्
शान्ति पर्व
अध्याय ३२१
१४ क
लोकान्सर्वानवैक्षत
शान्ति पर्व
अध्याय २५०
१३ ख
लोकान्सर्वान्निरय़संस्थितान्
शान्ति पर्व
अध्याय १९२
१२६ क
लोकान्सशरीरो
वन पर्व
अध्याय १६४
३३ ख
लोकान्ससर्जादौ
भीष्म पर्व
अध्याय ६३
६ क
लोकान्सुय़ुद्धेन
द्रोण पर्व
अध्याय १६
२५ ख
लोकान्सृजते
शान्ति पर्व
अध्याय १७५
३७ ख
लोकान्सृजेस्त्वमपरानिच्छन्यदुकुलोद्वह
अनुशासन पर्व
अध्याय १४
१५ ख
लोकान्स्वान्कर्मणा
वन पर्व
अध्याय १२८
१७ ख
लोकान्हन्तुमर्हसि
आदि पर्व
अध्याय १७१
२३ क
लोकानय़ं
कर्ण पर्व
अध्याय ६३
५५ क
लोकापवादभीरुत्वात्सोऽहं
द्रोण पर्व
अध्याय १०२
१४ क
लोकार्थं
वन पर्व
अध्याय १००
२४ क
लोकार्थं
उद्योग पर्व
अध्याय १८८
३ क
लोकार्थतत्पर
भीष्म पर्व
अध्याय ६१
४६ ख
लोकार्थसिद्धय़े
शान्ति पर्व
अध्याय १६०
३२ ग
लोकालोकविनाशे
शल्य पर्व
अध्याय ४६
१३ क
लोकाल्लोकं
उद्योग पर्व
अध्याय ४८
८ क
लोकाल्लोकमिमं
वन पर्व
अध्याय १३
३९ ख
लोकावभिप्रेक्ष्य
शान्ति पर्व
अध्याय ९१
११ क
लोकाववाप्स्यथ
अनुशासन पर्व
अध्याय १४२
५ ख
लोकावाप्नोत्युभौ
शान्ति पर्व
अध्याय ८६
२ ख
लोकावुभौ
वन पर्व
अध्याय १५६
१४ ख
लोकावुभौ
उद्योग पर्व
अध्याय २७
१४ ख
लोकावुभौ
शान्ति पर्व
अध्याय १२८
४३ क
लोकावुभौ
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ४३
१२ ख
लोकाश्च
वन पर्व
अध्याय १३
५० ख
लोकाश्च
वन पर्व
अध्याय ३०
४० ख
लोकाश्च
वन पर्व
अध्याय १०५
८ क
लोकाश्च
वन पर्व
अध्याय १३१
३० ख
लोकाश्च
द्रोण पर्व
अध्याय १७३
८३ ख
लोकाश्च
शान्ति पर्व
अध्याय १९२
११७ ख
लोकाश्च
अनुशासन पर्व
अध्याय २
८९ क
लोकाश्च
अनुशासन पर्व
अध्याय १४६
१५ ख
लोकाश्च
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ४६
४८ ख
लोकाश्चराचराः
वन पर्व
अध्याय २६९
१४ ख
लोकाश्चागमपूर्वकाः
अनुशासन पर्व
अध्याय १४७
९ क
लोकाश्चानृतानां
द्रोण पर्व
अध्याय १६
२९ क
लोकाश्चास्याक्षय़ाः
अनुशासन पर्व
अध्याय ७२
३३ ग
लोकाश्चोपशृण्वन्तु
आदि पर्व
अध्याय ७१
५५ ख
लोकास्तत्रस्थास्तथा
शान्ति पर्व
अध्याय ३३१
३६ ख
लोकास्तथर्षय़ः
कर्ण पर्व
अध्याय २४
१२३ क
लोकास्तथैव
वन पर्व
अध्याय ३३
३५ ख
लोकास्तद्व्रह्म
उद्योग पर्व
अध्याय ४४
२३ क
लोकास्तन्ममाचक्ष्व
सभा पर्व
अध्याय ६१
६६ ख
लोकास्तव
आदि पर्व
अध्याय ८७
१५ क
लोकास्तवानघे
शल्य पर्व
अध्याय ५१
११ ख
लोकास्तवास्य
शान्ति पर्व
अध्याय १९२
११४ ख
लोकास्तस्मात्क्षान्तिः
वन पर्व
अध्याय ३०
४३ ख
लोकास्तस्मादन्नं
अनुशासन पर्व
अध्याय ११३
८ ख
लोकास्तस्य
अनुशासन पर्व
अध्याय २३
१३ ख
लोकास्तांस्त्वं
अनुशासन पर्व
अध्याय ६२
४५ क
लोकास्तान्हतः
आदि पर्व
अध्याय १२६
१८ ख
लोकास्तेजोमय़ाः
वन पर्व
अध्याय २४७
७ ख
लोकास्तेजोमय़ाः
वन पर्व
अध्याय २४७
१८ क
लोकास्तेजोमय़ास्तस्य
शान्ति पर्व
अध्याय १५४
२९ ख
लोकास्तेजोमय़ास्तस्य
शान्ति पर्व
अध्याय २३६
२७ ख