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विप्रः;
अनुशासन पर्व
अध्याय ९६
४४ ख
विप्रकर्तुं
उद्योग पर्व
अध्याय १२६
८ क
विप्रकर्माणं
अनुशासन पर्व
अध्याय ५६
१२ क
विप्रकर्माणि
द्रोण पर्व
अध्याय १६८
२२ क
विप्रकर्षं
शान्ति पर्व
अध्याय २७६
२४ ख
विप्रकर्षेण
वन पर्व
अध्याय २
९ क
विप्रकर्षेण
वन पर्व
अध्याय ३३
४३ ख
विप्रकारं
वन पर्व
अध्याय १३२
७ क
विप्रकारं
कर्ण पर्व
अध्याय २४
३१ ख
विप्रकारप्रधर्षिताः
शान्ति पर्व
अध्याय ३९
४६ क
विप्रकारांश्च
द्रोण पर्व
अध्याय १०८
१४ क
विप्रकारांस्ते
विराट पर्व
अध्याय ४२
९ ख
विप्रकारान्प्रय़ुङ्क्ते
अनुशासन पर्व
अध्याय १४५
३६ क
विप्रकारेषु
आदि पर्व
अध्याय ५५
१३ क
विप्रकारैर्महावलः
वन पर्व
अध्याय २६०
३ क
विप्रकाशेते
द्रोण पर्व
अध्याय ७०
७ ख
विप्रकीर्णं
वन पर्व
अध्याय १९
१४ ख
विप्रकीर्णधनुर्वाणं
वन पर्व
अध्याय २९७
२ क
विप्रकीर्णपताकास्ते
द्रोण पर्व
अध्याय १९
४० क
विप्रकीर्णरथध्वजाः
भीष्म पर्व
अध्याय ११२
११४ क
विप्रकीर्णरथध्वजाः
द्रोण पर्व
अध्याय १३५
५१ ख
विप्रकीर्णांश्च
द्रोण पर्व
अध्याय १३९
१५ ख
विप्रकीर्णाः
कर्ण पर्व
अध्याय ६८
२९ क
विप्रकीर्णाः
स्त्री पर्व
अध्याय १६
३९ ख
विप्रकीर्णानि
शान्ति पर्व
अध्याय २२१
५८ क
विप्रकीर्णान्यनीकानि
द्रोण पर्व
अध्याय १४५
४८ ख
विप्रकीर्णेष्वनीकेषु
कर्ण पर्व
अध्याय १
४५ ख
विप्रकीर्णैः
भीष्म पर्व
अध्याय ९२
६२ ख
विप्रकीर्यते
कर्ण पर्व
अध्याय ४३
५८ ख
विप्रकीर्यन्त
द्रोण पर्व
अध्याय ७२
११ ख
विप्रकीर्यन्त
द्रोण पर्व
अध्याय १४९
१३ ख
विप्रकीर्यन्त
कर्ण पर्व
अध्याय १०
३४ ख
विप्रकीर्यन्ते
कर्ण पर्व
अध्याय ४३
५७ ख
विप्रकुर्वन्नृषीनन्यानतुष्यत्परय़ा
वन पर्व
अध्याय १३६
१८ ख
विप्रकुर्वन्राजानं
शल्य पर्व
अध्याय ६०
१३ क
विप्रकुर्वाणं
द्रोण पर्व
अध्याय १०३
९ क
विप्रकृतं
उद्योग पर्व
अध्याय ३३
१०० क
विप्रकृता
सभा पर्व
अध्याय ६६
१६ क
विप्रकृता
शान्ति पर्व
अध्याय १३१
८ क
विप्रकृतां
वन पर्व
अध्याय १३
५९ ख
विप्रकृतां
वन पर्व
अध्याय १३
११३ क
विप्रकृताः
शान्ति पर्व
अध्याय ८३
१५ क
विप्रकृतास्तथा
उद्योग पर्व
अध्याय ७७
१२ ख
विप्रकृतोऽभवत्
शान्ति पर्व
अध्याय ९७
२० ख
विप्रकृष्टां;
अनुशासन पर्व
अध्याय २७
८५ क
विप्रक्षत्रिय़वैश्यानां
शान्ति पर्व
अध्याय ३४७
७ क
विप्रक्षत्रिय़सम्वाधां
अनुशासन पर्व
अध्याय ३१
१७ क
विप्रगृहान्वेषी
शान्ति पर्व
अध्याय १६२
४० क
विप्रचित्तिं
भीष्म पर्व
अध्याय ९०
२९ क
विप्रचित्तिं
शान्ति पर्व
अध्याय ९९
४९ क
विप्रचित्तिप्रधानांश्च
शान्ति पर्व
अध्याय २००
२८ क
विप्रचित्तिमिवामराः
भीष्म पर्व
अध्याय १०४
३७ ख
विप्रचित्तिर्महाय़शाः
आदि पर्व
अध्याय ५९
२१ ख
विप्रचित्तिर्विरोचनः
शान्ति पर्व
अध्याय २२०
५० क
विप्रचित्तिश्च
सभा पर्व
अध्याय ९
१२ ख
विप्रचित्तिश्च
शल्य पर्व
अध्याय ३०
११ ख
विप्रचित्तिश्च
शान्ति पर्व
अध्याय १६०
२७ ख
विप्रजग्मुः
कर्ण पर्व
अध्याय ५५
६९ ख
विप्रजग्मुरनीकेषु
भीष्म पर्व
अध्याय ५०
७६ ख
विप्रजग्मुर्महाराज
स्त्री पर्व
अध्याय १०
२३ ख
विप्रजग्मुर्यथाकामं
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय २७
१६ ख
विप्रजग्मुर्यथागतम्
वन पर्व
अध्याय १०३
१८ ख
विप्रजग्मुर्यथागतम्
वन पर्व
अध्याय १०५
८ ख
विप्रजग्मुर्यथागतम्
शल्य पर्व
अध्याय ५७
५९ ख
विप्रजग्मुर्विदित्वा
आदि पर्व
अध्याय १९२
८ ख
विप्रजज्ञु;
कर्ण पर्व
अध्याय ६८
५० क
विप्रजने
वन पर्व
अध्याय २५३
१९ ख
विप्रजने
शान्ति पर्व
अध्याय ३९
२२ क
विप्रजहाति
उद्योग पर्व
अध्याय १२२
३४ क
विप्रणश्यति
अनुशासन पर्व
अध्याय ६२
१३ ख
विप्रणश्यति
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ३८
७ ख
विप्रणश्यन्ति
वन पर्व
अध्याय ८१
५ ख
विप्रणश्यन्ति
वन पर्व
अध्याय ८७
१५ ख
विप्रणश्येम
शान्ति पर्व
अध्याय २८६
३३ क
विप्रणाशोऽस्त्यमुत्र;
उद्योग पर्व
अध्याय २७
१० क
विप्रणय़ेत्तस्माज्जातः
शान्ति पर्व
अध्याय ९७
४ ख
विप्रणय़ेन्मनः
शान्ति पर्व
अध्याय १०५
४४ ख
विप्रतस्थे
आदि पर्व
अध्याय ८९
१६ ख
विप्रतस्थे
आदि पर्व
अध्याय १६२
१० क
विप्रतां
अनुशासन पर्व
अध्याय ३१
३ क
विप्रताम्
अनुशासन पर्व
अध्याय ३०
१२ ख
विप्रतिपत्तिस्ते
शान्ति पर्व
अध्याय ११२
९ ख
विप्रतिपद्यन्ते
वन पर्व
अध्याय २०२
२५ क
विप्रतिपद्यसे
उद्योग पर्व
अध्याय १२६
१७ ख
विप्रतिषिद्धं
विराट पर्व
अध्याय ४
२२ ग
विप्रतिषिद्धं
उद्योग पर्व
अध्याय १३०
२९ क
विप्रतिषेधार्थं
शान्ति पर्व
अध्याय २१३
७ ख
विप्रतीप
भीष्म पर्व
अध्याय ११७
८ क
विप्रतीपं
भीष्म पर्व
अध्याय ११७
२८ क
विप्रतीपश्च
उद्योग पर्व
अध्याय ५०
१० ख
विप्रत्वं
शान्ति पर्व
अध्याय १७३
८ ख
विप्रत्वं
अनुशासन पर्व
अध्याय ३०
११ क
विप्रत्वं
अनुशासन पर्व
अध्याय ५५
३५ ख
विप्रत्वमगमद्वीतहव्यो
अनुशासन पर्व
अध्याय ३१
६३ क
विप्रत्वमागतः
अनुशासन पर्व
अध्याय १०९
६५ ख
विप्रत्वमागतः
अनुशासन पर्व
अध्याय १२०
७ ख
विप्रत्वमुत्सृज्य
अनुशासन पर्व
अध्याय १३१
९ क
विप्रत्वमेष्यसि
अनुशासन पर्व
अध्याय १२०
३ ख
विप्रत्वमेष्यसि
अनुशासन पर्व
अध्याय १२०
५ ख
विप्रथेत
शान्ति पर्व
अध्याय ५४
३१ ख