वोद्धव्यौ
उद्योग पर्व
अध्याय ३३
५४ क
वोद्धा
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय २०
२१ ख
वोद्धा
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय २५
६ ख
वोधनात्तापनाच्चैव
शान्ति पर्व
अध्याय ३३०
२ क
वोधनार्थं
शल्य पर्व
अध्याय ७
४ ख
वोधनीय़ं
शान्ति पर्व
अध्याय ३३९
१६ क
वोधा
भीष्म पर्व
अध्याय १०
३८ क
वोधाः
सभा पर्व
अध्याय १३
२५ क
वोधितः
वन पर्व
अध्याय १६५
१६ क
वोधितास्तेन
आदि पर्व
अध्याय १३४
१७ क
वोध्यं
सभा पर्व
अध्याय ६७
१४ ख
वोध्यं
शान्ति पर्व
अध्याय १७१
५८ क
वोध्यं
शान्ति पर्व
अध्याय २२५
१५ ख
वोध्यते
द्रोण पर्व
अध्याय ५०
३९ क
वोध्यमानं
द्रोण पर्व
अध्याय १५९
४८ क
वोध्यस्य
शान्ति पर्व
अध्याय १७१
५७ क
वोधय़ंस्तापय़ंश्चैव
शान्ति पर्व
अध्याय ३३०
१ ख
वोधय़ति
कर्ण पर्व
अध्याय २२
८ ख
वोधय़न्तः
भीष्म पर्व
अध्याय ३२
९ क
वोधय़न्ति
सभा पर्व
अध्याय ६७
१४ क
वोधय़न्त्यद्य
द्रोण पर्व
अध्याय ५०
३९ ख
वोधय़न्निव
द्रोण पर्व
अध्याय १२१
४२ क
वोधय़न्पाण्डवश्रेष्ठमिदं
आदि पर्व
अध्याय १३३
१८ ख
वोधय़ामास
वन पर्व
अध्याय २६०
१४ ख
वोधय़ामास
वन पर्व
अध्याय २७३
५ ख
वोधय़ामासतुर्हरिम्
शान्ति पर्व
अध्याय ३३५
६२ क
वोधय़ाम्यद्य
वन पर्व
अध्याय १८५
२७ ख
वोधय़ेत्सामरं
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ४२
५४ ख
वोधय़ेत्सामरं
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ४५
१० ख
वोपाय़ो
आदि पर्व
अध्याय २२१
१७ ख
वोरगराजकन्या;
वन पर्व
अध्याय २४९
३ क
वोरगा
द्रोण पर्व
अध्याय ५१
३८ क
वोर्ध्वमुत्पतेः;
विराट पर्व
अध्याय १३
२० क
वोर्मिमतो
विराट पर्व
अध्याय २५
१५ ख
वोष्ट्रस्य
शान्ति पर्व
अध्याय १७१
१२ क
वोऽतिक्रमिष्यति
उद्योग पर्व
अध्याय ८८
७५ क
वोऽत्रास्तु
अनुशासन पर्व
अध्याय ८४
४७ ख
वोऽद्य
कर्ण पर्व
अध्याय २८
२६ ख
वोऽधर्मः
शान्ति पर्व
अध्याय ३२७
७८ ग
वोऽन्यदिह
अनुशासन पर्व
अध्याय ३५
५ क
वोऽन्या
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय १३
१६ ग
वोऽपत्यमिति
अनुशासन पर्व
अध्याय ८४
७ ख
वोऽप्यहम्
उद्योग पर्व
अध्याय ४५
२६ ख
वोऽभूद्विना
उद्योग पर्व
अध्याय १५८
२९ ख
वोऽभूद्वै
द्रोण पर्व
अध्याय १३०
१ ख
वोऽभ्यवदत्प्रसन्नः
उद्योग पर्व
अध्याय ३०
३४ ख
वोऽश्वतरीसहस्रम्
अनुशासन पर्व
अध्याय ९४
१४ क
वोऽस्ति
द्रोण पर्व
अध्याय ५०
७६ क
वोऽस्ति
अनुशासन पर्व
अध्याय ८१
२० ख
वोऽस्तीह
शान्ति पर्व
अध्याय १६५
२३ क
वोऽस्तु
आदि पर्व
अध्याय १८३
९ क
वोऽस्तु
सभा पर्व
अध्याय ५७
२० ख
वोऽस्तु
सभा पर्व
अध्याय ६९
६ ख
वोऽस्तु
सभा पर्व
अध्याय ६९
१८ ख
वोऽस्तु
भीष्म पर्व
अध्याय ११४
६६ ख
वोऽस्तु
द्रोण पर्व
अध्याय ५२
५ ख
वोऽस्तु
द्रोण पर्व
अध्याय ५२
१२ क
वोऽस्तु
द्रोण पर्व
अध्याय १६५
३४ ख
वोऽस्तु;
सभा पर्व
अध्याय ५७
२० ख
वोऽस्त्यस्मिन्सुते
शान्ति पर्व
अध्याय १४९
१७ क
वोऽस्त्वशुभं
आदि पर्व
अध्याय १३१
१७ ख
वोऽस्त्विति
सभा पर्व
अध्याय १९
३० क
वोऽस्त्विष्टकामधुक्
भीष्म पर्व
अध्याय २५
१० ख
वोऽस्याद्य
शल्य पर्व
अध्याय ३१
४४ क
वोऽस्यान्तरं
द्रोण पर्व
अध्याय ४७
१८ ख
वोऽहं
शल्य पर्व
अध्याय ६४
२६ क
वोऽहमनिन्दिताः
वन पर्व
अध्याय २१९
६ क
व्यंसनेनाश्वसेनस्य
शल्य पर्व
अध्याय ६०
३५ ख
व्यंसितं
भीष्म पर्व
अध्याय ९२
४१ क
व्यंसिता
द्रोण पर्व
अध्याय १५५
१४ ख
व्यंसिता
द्रोण पर्व
अध्याय १५६
२७ ख
व्यंसिता
शान्ति पर्व
अध्याय ४९
१८ क
व्यंसितां
आदि पर्व
अध्याय १
१४१ क
व्यंसितां
द्रोण पर्व
अध्याय १५७
३९ क
व्यंसितास्य
द्रोण पर्व
अध्याय १५७
६ ख
व्यंसितो
उद्योग पर्व
अध्याय १५५
१४ ख
व्यंसय़थाः
शल्य पर्व
अध्याय ६०
३३ ख
व्यंसय़ामास
वन पर्व
अध्याय १५७
६० ख
व्यंसय़ित्वा
भीष्म पर्व
अध्याय ४९
२० ख
व्यंसय़ित्वा
द्रोण पर्व
अध्याय १५५
१२ क
व्यकम्पत
आदि पर्व
अध्याय २८
१३ ख
व्यकम्पत
शान्ति पर्व
अध्याय ३०८
७६ ख
व्यकम्पत
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ७५
१० ख
व्यकम्पय़त्
भीष्म पर्व
अध्याय ४३
४४ क
व्यकम्पय़त्
शल्य पर्व
अध्याय ३
२९ ख
व्यकम्पय़न्
वन पर्व
अध्याय २२
२८ ख
व्यकरोत्सर्वं
सौप्तिक पर्व
अध्याय १७
१५ ख
व्यकरोन्महात्मा;
शल्य पर्व
अध्याय १६
२४ ख
व्यकर्षच्चापि
द्रोण पर्व
अध्याय ५७
७५ ख
व्यकर्षत
द्रोण पर्व
अध्याय १५०
७९ ख
व्यकर्षन्त
शान्ति पर्व
अध्याय २०२
१७ ख
व्यकर्षय़त्
द्रोण पर्व
अध्याय ७८
२१ क
व्यकाशत
द्रोण पर्व
अध्याय १४१
२० ख
व्यकाशन्त
द्रोण पर्व
अध्याय १०७
३५ क
व्यकाशन्त
द्रोण पर्व
अध्याय ११४
२९ क
व्यकाशेतां
द्रोण पर्व
अध्याय १४३
१८ ख
व्यकिरच्छराणां;
शल्य पर्व
अध्याय १६
२७ ख
व्यकिरञ्शरैः
द्रोण पर्व
अध्याय १६४
७८ ख
व्यकिरञ्शरौघैः
द्रोण पर्व
अध्याय ७
२५ ख
व्यकिरत्कर्णं
द्रोण पर्व
अध्याय १११
३२ ख